हंसपुर घटना में एसडीएम सहित चार पर हत्या का केस दर्ज, अवैध खनन जांच के दौरान मारपीट

बलरामपुर ।  TODAY छत्तीसगढ़  /  कोरंधा थाना क्षेत्र के हंसपुर घंघरुपाट गांव में अवैध बाक्साइट खनन की जांच के दौरान हुई मारपीट अब हत्या के मामले में बदल गई है। 60 वर्षीय राम उरांव की मौत के बाद पुलिस ने कुसमी के एसडीएम करुण डहरिया समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गंभीर अंदरूनी चोटों की पुष्टि होने के बाद हत्या की धारा जोड़ी गई।

जानकारी के मुताबिक 15 फरवरी की देर शाम राजस्व टीम हंसपुर में अवैध बाक्साइट उत्खनन की जांच के लिए पहुंची थी। टीम में एसडीएम करुण डहरिया और नायब तहसीलदार पारस शर्मा भी शामिल थे। इसी दौरान गांव के तीन ग्रामीण राम उरांव, अजीत उरांव और आकाश अगरिया सरना के पास मिले। आरोप है कि पूछताछ के दौरान विवाद बढ़ा और टीम के साथ मौजूद लोगों ने तीनों ग्रामीणों की डंडों व लात-घूंसों से पिटाई कर दी। बताया जा रहा है कि आरोपितों के साथ छह से सात अन्य लोग भी थे।

मारपीट के बाद तीनों को वाहन में बैठाकर कुसमी लाया जा रहा था। रास्ते में राम उरांव की हालत बिगड़ गई और वे बेहोश हो गए। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुसमी में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। अजीत उरांव (60) और आकाश अगरिया (20) का उपचार जारी है। घायलों का कहना है कि वे गेहूं की फसल में सिंचाई कर लौट रहे थे, तभी उन्हें रोका गया और मारपीट की गई।

पुलिस के अनुसार प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक के शरीर में गंभीर अंदरूनी चोटें पाई गई हैं। अत्यधिक चोट लगने से इंटरनल हेमरेज हुआ, जो मौत का कारण बना। विस्तृत रिपोर्ट अभी आना बाकी है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) और 3(5) के तहत एफआईआर दर्ज की है। एसडीएम करुण डहरिया, सुदीप यादव, मंजीत यादव और विक्की सिंह को नामजद आरोपी बनाया गया है। सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया चल रही है।

घटना के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति को देखते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और थाने में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल भेजा है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है। पोस्टमार्टम की विस्तृत रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

तिफरा: अनव इंडस्ट्रीज में भीषण आग, तीन घंटे की मशक्कत के बाद काबू


बिलासपुर । 
 TODAY छत्तीसगढ़  /  शहर से लगे तिफरा औद्योगिक क्षेत्र में स्थित अनव इंडस्ट्रीज में सोमवार दोपहर अचानक भीषण आग लग गई। आग की लपटे इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते पूरा इलाका धुएं से घिर गया। आग की लपटें और उससे उठता धुंआ दूर तक दिखाई देता रहा, जिससे आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि इस आगजनी के चलते किसी तरह की जनहानि नहीं हुई है, आगजनी के कारणों और नुकसान का आंकलन किया जा रहा है।  

जानकारी के अनुसार फैक्ट्री में केमिकल, पेंट, टाइल्स और पुट्टी का निर्माण किया जाता है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि रोज की तरह कर्मचारी अपने कार्य में व्यस्त थे। इसी दौरान गोदाम के पास अचानक आग की लपटें उठने लगीं। ज्वलनशील सामग्री तक आग पहुंचते ही उसने विकराल रूप धारण कर लिया।

तिफरा थाना प्रभारी टीआई किशोर केंवट ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में यह बात सामने आई है कि फैक्ट्री में बिजली का कार्य चल रहा था। इसी दौरान शॉर्ट सर्किट होने से आग लगने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, आग पर पूर्णतः नियंत्रण के बाद विस्तृत जांच की जाएगी। आग की सूचना मिलते ही पुलिस एवं दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। प्रारंभ में दो दमकल वाहनों से आग बुझाने का प्रयास किया गया, किंतु केमिकल और पेंट में आग होने के कारण लपटें लगातार भड़कती रहीं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त दमकल वाहन बुलाए गए। कुल चार दमकल वाहनों की मदद से करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।

घटना में किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है। कर्मचारियों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। आग के दौरान उठे घने धुएं का असर आसपास के रिहायशी और व्यावसायिक क्षेत्रों तक पहुंचा। एहतियातन कई दुकानदारों ने अपने प्रतिष्ठान बंद कर दिए। घटना के बाद फैक्ट्री की फायर सेफ्टी व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ज्वलनशील सामग्री के भंडारण के अनुरूप सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। फिलहाल पुलिस एवं दमकल विभाग की टीम मौके पर मौजूद है और आग लगने के कारणों की जांच जारी है।

शराबी बेटे ने पिता की फावड़े से हत्या की, पैसे के विवाद में वारदात की आशंका


बिलासपुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  / जिले के सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में सोमवार सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। मन्नाडोल इलाके में एक युवक ने फावड़े से हमला कर अपने ही बुजुर्ग पिता की निर्मम हत्या कर दी। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आरोपी को हिरासत में ले लिया।

पुलिस के अनुसार सुबह सूचना मिली कि एक युवक खून से सना फावड़ा लेकर इलाके में घूम रहा है और लोगों को डरा रहा है। तत्काल टीम मौके पर पहुंची और आरोपी को पकड़ लिया। पूछताछ के बाद जब पुलिस उसके घर पहुंची तो अंदर का दृश्य देखकर सभी सन्न रह गए। घर के भीतर एक बुजुर्ग का शव पड़ा था, जिनका सिर बुरी तरह कुचला हुआ था। मृतक की पहचान 70 वर्षीय मनराखन ध्रुव के रूप में हुई है, जबकि हत्या का आरोप उनके 40 वर्षीय बेटे नीतू ध्रुव पर है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी नशे का आदी है और अक्सर अपने पिता से पैसे की मांग करता था। आशंका जताई जा रही है कि पैसे नहीं मिलने पर गुस्से में उसने यह खौफनाक कदम उठा लिया। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले में हत्या का अपराध दर्ज कर जांच की जा रही है।



हिंदवी स्वराज की गूंज के साथ ‘जाणता राजा’ का ऐतिहासिक समापन


बिलासपुर।
 TODAY छत्तीसगढ़  / हिंदवी स्वराज के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज के अद्वितीय जीवन, शौर्य, दूरदर्शी नेतृत्व और प्रजावत्सल शासन पर आधारित विश्व-प्रसिद्ध ऐतिहासिक महानाट्य ‘जाणता राजा’ का तीन दिवसीय भव्य मंचन बिलासपुर में सांस्कृतिक इतिहास रचते हुए संपन्न हुआ। अंतिम दिन उमड़े हजारों दर्शकों ने यह प्रमाणित कर दिया कि शिवाजी महाराज का व्यक्तित्व और उनका स्वराज दर्शन आज भी जनमानस में उतना ही प्रेरक और प्रासंगिक है।

पुलिस ग्राउंड में आयोजित इस विराट मंचन की शुरुआत महागणपति एवं माँ भवानी की आरती से हुई, जिसके पश्चात संपूर्ण वातावरण राष्ट्रभावना और श्रद्धा से ओतप्रोत हो उठा। लोकगीतों, ओजपूर्ण भजनों, प्रभावशाली संवादों, जीवंत अभिनय, आकर्षक प्रकाश व्यवस्था और भव्य मंच सज्जा के माध्यम से प्रस्तुत इस महानाट्य ने लगभग तीन घंटे तक दर्शकों को भावविभोर बनाए रखा। प्रत्येक दृश्य पर तालियों की गूंज और कई प्रसंगों में भावनात्मक माहौल ने आयोजन को अविस्मरणीय बना दिया। 

तीन दिनों तक बिलासपुर बना शिवाजी के स्वराज का साक्षी, उमड़ा अभूतपूर्व जनसैलाब

यह आयोजन केवल एक नाट्य प्रस्तुति नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने वाला सशक्त सांस्कृतिक जनआंदोलन बनकर उभरा। तीनों दिनों में बड़ी संख्या में नागरिक, परिवार, युवा, महिलाएं और वरिष्ठजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि जब समाज अपने इतिहास और आदर्शों से जुड़ता है, तब उसकी सांस्कृतिक चेतना और अधिक सुदृढ़ होती है।

मुख्य अतिथि धर्मजीत सिंह, विधायक तखतपुर ने कहा कि यह भव्य मंचन सिद्ध करता है कि छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग सार्थक दिशा में कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को सकारात्मक दिशा देते हैं और समाज में एकता की भावना को सुदृढ़ करते हैं। विशिष्ट अतिथि सुशांत शुक्ला, विधायक बेलतरा ने अपने उद्बोधन में कहा कि हिंदवी स्वराज के संस्थापक शिवाजी महाराज का जीवन आज भी भारत को विश्व नेतृत्व की ओर अग्रसर होने की प्रेरणा देता है। उन्होंने आयोजन को इतिहास को जीवंत रूप में देखने का सशक्त माध्यम बताया।छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्वविजय सिंह तोमर ने कहा कि शिवाजी महाराज का जीवन हमें सिखाता है कि राजनीति का मूल उद्देश्य सत्ता नहीं, सेवा है। 

महानाट्य के माध्यम से शिवाजी महाराज के न्यायप्रिय शासन, नारी सम्मान, सामाजिक समरसता, धार्मिक सहिष्णुता और स्वराज की अवधारणा को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। दर्शकों ने इसे केवल ऐतिहासिक प्रस्तुति नहीं, बल्कि वर्तमान समय के लिए मार्गदर्शक संदेश बताया। समापन अवसर पर ‘जय भवानी, जय शिवाजी’ के जयघोष से पूरा परिसर गूंज उठा और राष्ट्रगौरव का वातावरण निर्मित हुआ। मराठा समाज, सर्व हिंदू समाज बिलासपुर तथा अन्य सामाजिक संगठनों ने आयोजन समिति को स्मृति चिन्ह भेंट कर आभार प्रकट किया।

महानाट्य ‘जाणता राजा’ का मंचन भले ही संपन्न हो गया हो, किंतु हिंदवी स्वराज, सेवा, न्याय और स्वाभिमान का संदेश जन-जन के हृदय में स्थायी रूप से अंकित हो गया। बिलासपुर ने अनुभव किया कि शिवाजी केवल इतिहास का गौरव नहीं—वे आज भी भारत की चेतना, प्रेरणा और आत्मबल के प्रतीक हैं। 

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