भिलाई। TODAY छत्तीसगढ़ / भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) से संगठित तरीके से लौह स्क्रैप चोरी करने वाले गिरोह का पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए चार आरोपियों मीथेन ठाकुर, चिंतानंद साहू, गीतेश वर्मा और निर्मल सिंह को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से करीब 250 टन लौह स्क्रैप, कई भारी वाहन और मशीनें जब्त की गई हैं। जब्त मशरूका की कुल कीमत लगभग 3 करोड़ 22 लाख रुपये आंकी गई है।
पुलिस के मुताबिक आरोपी पिछले चार-पांच महीनों से बीएसपी प्लांट से फ्लू डस्ट की आड़ में लोहे का सामान चोरी कर बाहर भेज रहे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में विशेष जांच टीम गठित की गई है। प्रकरण में संगठित अपराध की धाराएं भी जोड़ी गई हैं। गिरफ्तार आरोपियों में मीथेन ठाकुर, चिंतानंद साहू, गीतेश वर्मा और निर्मल सिंह शामिल हैं।
पुलिस को 26 मई को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम अकलोरडीह खदान पारा स्थित ए.के. ट्रेडर्स स्क्रैप यार्ड में संदिग्ध गतिविधियां चल रही हैं। जांच के दौरान वहां खड़े हाईवा और ट्रकों में फ्लू डस्ट के साथ लोहे की प्लेट कटिंग और बीम भरी मिली। मौके पर भारी मात्रा में लोहे का स्क्रैप, कटिंग सामग्री और उसे लोड करने के लिए जेसीबी, हाइड्रा और अन्य मशीनें मौजूद थीं।
जांच में सामने आया कि फ्लू डस्ट के नीचे चोरी का लौह स्क्रैप छिपाकर बाहर भेजा जाता था ताकि जांच एजेंसियों को शक न हो। पुलिस ने मौके से दो हाईवा, दो ट्रक, एक टाटा 1109, टाटा एस, जेसीबी, हाइड्रा और चैन माउंटेन मशीन सहित कई वाहन जब्त किए हैं।
पुलिस के अनुसार बरामद लोहे की प्लेट और बीम कटिंग का वजन करीब 250 टन है, जिसकी कीमत लगभग 90 लाख रुपये बताई गई है। जबकि जब्त वाहनों और मशीनों को मिलाकर कुल कीमत करीब 3.22 करोड़ रुपये आंकी गई है।
थाना पुरानी भिलाई में आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 277/2026 के तहत धारा 303(2), 317(4), 3(5) और 112 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया है। चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और इस संगठित स्क्रैप सिंडिकेट से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।



