सफेद भालू ने ग्रामीण पर किया हमला, जंगल छोड़ आबादी में पहुंचे वन्य जीव


पेंड्रा।
  TODAY छत्तीसगढ़  / (शरद अग्रवाल)  पेंड्रा इलाके के आमाडांड और बसंतपुर गांव में मंगलवार सुबह उस समय दहशत फैल गई, जब जंगल से भटककर एक दुर्लभ सफेद भालू आबादी क्षेत्र में पहुंच गया। गांव के मेन चौक और बस स्टैंड के पास भालू को घूमते देख लोगों में अफरा-तफरी मच गई।

जानकारी के अनुसार सुबह करीब 5 बजे आमाडांड क्षेत्र में स्कूल के सामने रहने वाले कैलाश कुमार कासीपुरी शौच के लिए घर से बाहर निकले थे। इसी दौरान सफेद भालू ने अचानक उन पर हमला कर दिया। भालू के पंजे के वार से कैलाश के बाएं हाथ में गंभीर चोट आई है। बताया जा रहा है कि भालू ने अन्य ग्रामीणों को भी दौड़ाया, जिससे लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। 

घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम और डिप्टी रेंजर बंजारा मौके पर पहुंचे। वन अमले ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया और घायल युवक को तत्काल पेंड्रा अस्पताल भेजा, जहां उसका इलाज जारी है। उधर, गांव के पास सफेद भालू दिखाई देने की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग उसे देखने पहुंच गए, जिससे स्थिति और संवेदनशील हो गई। वन विभाग की टीम लगातार भालू की गतिविधियों पर नजर रखे हुए है।

घटना के बाद ग्रामीणों में वन विभाग के खिलाफ भारी नाराजगी देखने को मिली। ग्रामीणों का आरोप है कि जंगलों में लगातार लग रही आग और अंधाधुंध कटाई के कारण वन्य जीव अपने प्राकृतिक आवास छोड़कर गांवों की ओर आने को मजबूर हो रहे हैं। लोगों ने वन विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए जंगलों की आग पर नियंत्रण, वन्य जीवों की सुरक्षा और गांवों में गश्त बढ़ाने की मांग की है।

गाली-गलौज, धमकी और चाकूबाजी करने वाले गिरफ्तार

बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़  /  सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में घर में घुसकर चाकू से हमला करने और दहशत फैलाने वाले तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मामले में एक अपचारी बालक को भी हिरासत में लिया गया है।

गिरफ्तार आरोपियों में अविनाश मसीह उर्फ बट्टू (26 वर्ष), पुनीत राव गजवे (22 वर्ष) और पियुष रजक (19 वर्ष) शामिल हैं। सभी आरोपी इंदिरा कॉलोनी तारबाहर क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं।

पुलिस के अनुसार पीड़िता ने 18 मई को थाना पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई कि 17 मई की रात करीब 10:35 बजे आरोपियों ने उसके घर का दरवाजा खटखटाया। दरवाजा खोलते ही आरोपी जबरन घर में घुस गए और अश्लील गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी देने लगे। आरोपियों ने हाथ-मुक्के और धारदार चाकू से हमला किया तथा ईंट-पत्थर से घर के गेट पर भी वार किया।

मामले की सूचना मिलने पर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में थाना प्रभारी अभय सिंह बैस के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित कर आरोपियों की तलाश शुरू की गई। पुलिस ने बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और अन्य संभावित ठिकानों पर दबिश देकर तीन आरोपियों और एक अपचारी बालक को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में आरोपियों ने घटना को अंजाम देना स्वीकार किया। आरोपी अविनाश मसीह के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन और धारदार चाकू बरामद किया गया। वहीं अन्य आरोपियों और अपचारी बालक के पास से मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं एवं आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है। 


सट्टे का अंत जेल और बर्बादी, आरोपी ने खुद मानी सच्चाई


रायगढ़।
 TODAY छत्तीसगढ़  / पुलिस द्वारा “ऑपरेशन अंकुश” के तहत ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा नेटवर्क के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का असर अब साफ दिखाई देने लगा है। सोमवार को रायगढ़ के एक और बड़े सट्टा खाईवाल जसमीत बग्गा उर्फ गुड्डा सरदार ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया।

आरोपी जसमीत बग्गा उर्फ गुड्डा सरदार (40 वर्ष), निवासी गोपी टॉकीज के पास, रायगढ़, आज एसपी कार्यालय पहुंचा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के समक्ष प्रस्तुत होकर सट्टे के अवैध कारोबार से तौबा करने की बात कही। आरोपी ने कहा कि वह अब समाज की मुख्यधारा से जुड़कर नया जीवन शुरू करना चाहता है।

इस दौरान एसएसपी शशि मोहन सिंह ने आरोपी को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि रायगढ़ पुलिस की निगरानी में सट्टा और अन्य अवैध कारोबार से जुड़े सभी लोग हैं और कोई भी अपराधी ज्यादा दिनों तक फरार नहीं रह सकता। उन्होंने आरोपी को अपराध से दूर रहकर सामाजिक जीवन अपनाने की समझाइश दी।

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि फरारी के दौरान वह लगातार डर और तनाव में जी रहा था तथा परिवार की चिंता उसे परेशान कर रही थी। उसने भविष्य में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि में शामिल नहीं होने की बात कही। साथ ही युवाओं और ऑनलाइन सट्टा खेलने वालों से भी ऐसे कारोबार से दूर रहने की अपील की। 

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि जसमीत बग्गा उर्फ गुड्डा सरदार, आरोपी करन चौधरी उर्फ करन अग्रवाल के नेटवर्क का संचालन संभालता था और स्वयं भी बड़ा सट्टा खाईवाल बन चुका था। घरघोड़ा में पकड़े गए गौतम भोजवानी तथा रायपुर के कई बड़े सट्टा संचालकों मोहित सोमानी और प्रकाश वाधवानी के साथ उसके संबंधों के प्रमाण भी मिले हैं। फिलहाल थाना साइबर प्रभारी निरीक्षक विजय चेलक आरोपी से पूछताछ कर रहे हैं। पुलिस द्वारा उसकी हवाला रकम के लेन-देन और पूरे सट्टा नेटवर्क में भूमिका की विस्तृत जांच की जा रही है।

ट्रक भर कबाड़ और हजारों किलो सरिया जब्त, मचा हड़कंप


रायगढ़। 
 TODAY छत्तीसगढ़  / जिले में संपत्ति संबंधी अपराधों की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” के तहत थाना जूटमिल और थाना छाल पुलिस ने अवैध कबाड़ कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए लाखों रुपए की संदिग्ध सामग्री जब्त की है। पुलिस ने दोनों मामलों में कुल 24 टन 53 किलोग्राम अवैध कबाड़ और सरिया जब्त किया है, जिसकी कीमत वाहन सहित करीब 23 लाख रुपए से अधिक बताई जा रही है।

 ट्रक सहित 24 टन कबाड़ किया जब्त

थाना जूटमिल पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि पटेलपाली सब्जी मंडी के पास मुख्य मार्ग किनारे खड़े ओडिशा पासिंग ट्रक क्रमांक OD-19-C-4666 में भारी मात्रा में कबाड़ लोड है। सूचना पर थाना प्रभारी निरीक्षक अभिनव कांत सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घेराबंदी कर ट्रक को पकड़ा। जांच के दौरान ट्रक में लोहे और टीन का भारी मात्रा में कबाड़ मिला। वाहन चालक प्रमोद कुमार यादव से संबंधित दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वह कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद पुलिस ने करीब 24 टन कबाड़ जिसकी कीमत लगभग 8 लाख रुपए और ट्रक जिसकी कीमत करीब 12 लाख रुपए बताई गई है, कुल लगभग 20 लाख रुपए की संपत्ति जब्त कर ली। आरोपी के खिलाफ थाना जूटमिल में धारा 35 (क), (ड) बीएनएसएस एवं 303(2) बीएनएस के तहत कार्रवाई की गई है।

 53 क्विंटल सरिया किया बरामद

इसी तरह थाना छाल पुलिस ने ग्राम बेहरामार में भोजराम पटेल के घर के सामने बने शेड में रेड कार्रवाई की। पुलिस को सूचना मिली थी कि वहां भारी मात्रा में लोहे का सरिया रखा गया है, जो चोरी की संपत्ति हो सकती है। तलाशी के दौरान शेड से कामधेनु कंपनी का कुल 5300 किलोग्राम सरिया बरामद किया गया, जिसकी कीमत करीब 3 लाख 15 हजार रुपए बताई गई है। पुलिस ने सरिया के बिल और दस्तावेज मांगे, लेकिन आरोपी कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद चोरी की संपत्ति होने के संदेह पर पुलिस ने धारा 35(1-C) बीएनएसएस एवं 303(2) बीएनएस के तहत कार्रवाई की।

एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन और एडिशनल एसपी अनिल सोनी के मार्गदर्शन में की गई इस कार्रवाई को अवैध कारोबार और संपत्ति संबंधी अपराधों पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।

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