ऑपरेशन आघात: नदी किनारे 8 भट्ठियां ध्वस्त, 190 लीटर शराब जब्त


रायगढ़।
 TODAY छत्तीसगढ़  /  जिले में पुलिस ने अवैध शराब निर्माण के खिलाफ अभियान के तहत एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, इस कार्रवाई में करीब 190 लीटर महुआ शराब जब्त की गई और कई अवैध भट्ठियों को नष्ट किया गया।

क्या है मामला

पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई जिले में चलाए जा रहे “ऑपरेशन आघात” के तहत की गई। 3 अप्रैल को मुखबिर से सूचना मिलने पर घरघोड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम घरघोड़ी के पास खेतधरहा नदी किनारे छापेमारी की गई। पुलिस के मुताबिक, मौके पर एक व्यक्ति को कथित रूप से अवैध तरीके से शराब बनाते हुए पकड़ा गया। उसकी पहचान छोटू डनसेना (37 वर्ष) के रूप में की गई है। 

क्या बरामद हुआ

पुलिस ने बताया कि कार्रवाई के दौरान लगभग 190 लीटर महुआ शराब जब्त की गई, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 19,000 रुपये बताई गई है। इसके अलावा शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण, जैसे बड़े धातु के बर्तन और अन्य सामग्री भी बरामद की गई। पुलिस का कहना है कि मौके पर संचालित आठ अवैध भट्ठियों को भी नष्ट किया गया।

कानूनी कार्रवाई

पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) और 59(क) के तहत मामला दर्ज किया गया है। ये धाराएं अवैध शराब निर्माण और बिक्री से संबंधित हैं। अधिकारी बताते हैं कि आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई के लिए अदालत में पेश किया गया है।

अभियान जारी रहने के संकेत

जिला पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि अवैध शराब के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। पुलिस ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे अवैध गतिविधियों की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दें, ताकि इस तरह के मामलों पर रोक लगाई जा सके। यह कार्रवाई ऐसे समय में की गई है जब कई राज्यों में अवैध शराब निर्माण और उससे जुड़े जोखिमों को लेकर प्रशासन सतर्कता बढ़ा रहा है। 

चोरी का माल बेचने वाले पकड़े गए, तीन आरोपी जेल भेजे गए


बिलासपुर।  
 TODAY छत्तीसगढ़  /  पुलिस ने एक चोरी के मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के कब्जे से चोरी किए गए घरेलू सामान बरामद किए गए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 23,000 रुपये बताई गई है। पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई बिल्हा थाना क्षेत्र में की गई, जहां हाल के दिनों में चोरी और नकबजनी की घटनाओं को देखते हुए विशेष निगरानी रखी जा रही थी।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर एक टीम गठित की गई थी, जो संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही थी। 3 अप्रैल को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने एक संदिग्ध, दीपक यादव (41 वर्ष), को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान उसने कथित तौर पर चोरी की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने बताया कि उसने चोरी किए गए सामान को दगौरी क्षेत्र के दो अन्य व्यक्तियों को बेच दिया था। इसके बाद पुलिस ने उन दोनों व्यक्तियों के घरों पर भी कार्रवाई की।

पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान छह दरवाजा कूलर, एक काउंटर टेबल, एक दीवान पलंग और एक फ्रिज बरामद किया गया। इस मामले में दो अन्य आरोपियों संजय भारद्वाज (36 वर्ष) और सुरेश टण्डन (40 वर्ष)—को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का कहना है कि तीनों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया है और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, इलाके में चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए निगरानी और अभियान जारी रहेगा।

‘विदेशी निवेश’ के नाम पर करोड़ों की ठगी का आरोप, एक आरोपी गिरफ्तार


बिलासपुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  /   पुलिस ने एक ऐसे कथित ठगी मामले का खुलासा किया है, जिसमें विदेशी निवेश और बैंकिंग प्रक्रियाओं के नाम पर एक व्यक्ति से करोड़ों रुपये ठगे जाने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, इस मामले में नवीन जून (लगभग 34 वर्ष), मूल निवासी सोनीपत (हरियाणा) को गिरफ्तार किया गया है। वह फिलहाल बिलासपुर के तोरवा क्षेत्र में रह रहा था।

शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि जनवरी–फरवरी 2024 के दौरान उसे एक विदेशी नंबर से व्हाट्सएप संदेश मिला। संदेश भेजने वाले व्यक्ति ने खुद को ब्रिटेन का निवासी “डॉ. लोव्हीत” बताया। इसके बाद कथित तौर पर उसे “ग्रेस डेविड” नामक एक महिला से जोड़ा गया, जिसे स्कॉटलैंड निवासी बताया गया। पुलिस के मुताबिक, इस महिला ने भारत में कैंसर अस्पताल, ब्लाइंड इंस्टीट्यूट, रियल एस्टेट और लॉ कॉलेज जैसे प्रोजेक्ट्स में लगभग 500 करोड़ रुपये निवेश करने का प्रस्ताव दिया और शिकायतकर्ता को इसमें साझेदार बनने का भरोसा दिलाया।

जांच में सामने आया कि 10 जून 2024 को कथित निवेशक के भारत आने और उसके नाम पर जारी लगभग 103 करोड़ रुपये के डिमांड ड्राफ्ट के क्लियरेंस की प्रक्रिया का हवाला देकर शिकायतकर्ता से पैसे मांगे गए। शुरुआत में खर्च, ठहरने और अन्य औपचारिकताओं के नाम पर रकम ली गई। इसके बाद एंबेसी, बैंक, प्रवर्तन निदेशालय, आरबीआई और कस्टम से जुड़ी प्रक्रियाओं का हवाला देकर लगातार पैसे की मांग की जाती रही।

पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता ने जुलाई 2024 तक विभिन्न बैंक खातों से आरटीजीएस और ऑनलाइन माध्यमों के जरिए रकम भेजी। इसमें आरोपी के खाते में अलग-अलग किश्तों में कुल 3 करोड़ 13 लाख 13 हजार रुपये स्थानांतरित किए गए।

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने कई फर्जी ईमेल आईडी बनाकर खुद को बैंक, एंबेसी और अन्य संस्थाओं का अधिकारी बताकर शिकायतकर्ता को भरोसे में लिया। पुलिस का कहना है कि आरोपी पहले बैंक में डायरेक्ट सेलिंग एजेंट के रूप में काम कर चुका है और उसने अपनी बैंकिंग जानकारी का इस्तेमाल कथित ठगी को अंजाम देने में किया। 

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से दो लग्जरी वाहन (थार और वेन्यू), मोबाइल फोन, टैबलेट और लैपटॉप जब्त किए हैं। अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता की भी आशंका है और उनकी पहचान कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है और मामले की आगे की जांच जारी है। यह मामला उन बढ़ते मामलों में शामिल है, जिनमें विदेशी निवेश या बड़े वित्तीय अवसरों का झांसा देकर लोगों को निशाना बनाया जाता है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ऐसे प्रस्तावों पर भरोसा करने से पहले उनकी सत्यता की जांच करें और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें।

शादी के नाम पर ठगी, फर्जी मैरिज ब्यूरो का भंडाफोड़


बिलासपुर। 
 TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में पुलिस ने एक ऐसे कथित गिरोह का खुलासा करने का दावा किया है, जो विवाह के नाम पर लोगों को झांसा देकर पैसे वसूल रहा था। पुलिस के अनुसार यह नेटवर्क फर्जी बैंक खातों और मोबाइल नंबरों के जरिए संचालित किया जा रहा था और सरकंडा तथा कोतवाली थाना क्षेत्रों में कथित तौर पर कॉल सेंटर के रूप में काम कर रहा था।

कैसे सामने आया मामला

मामला तब सामने आया जब बैंक खातों की जांच के दौरान पुलिस को ऐसे खातों की जानकारी मिली, जिनका इस्तेमाल वास्तविक खाताधारकों के बजाय अन्य लोग कर रहे थे। इन खातों में ‘मैरिज ब्यूरो’ से संबंधित लेन-देन हो रहा था। इसी दौरान बिहार के एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई कि उससे विवाह के लिए उपयुक्त वधु उपलब्ध कराने के नाम पर 10,000 रुपये लिए गए, लेकिन सेवा प्रदान नहीं की गई। शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू की।

कॉल सेंटर के जरिए संचालन का आरोप

जांच में पुलिस को सरकंडा क्षेत्र में संचालित एक मैट्रिमोनियल कार्यालय की जानकारी मिली। छापेमारी के दौरान वहां मौजूद संचालक और सहयोगियों को हिरासत में लिया गया। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में यह सामने आया कि शादी के इच्छुक लोगों को आकर्षित करने के लिए फर्जी प्रोफाइल तैयार किए जाते थे। कुछ महिलाओं को ग्राहकों से बातचीत करने के लिए लगाया गया था, ताकि उन्हें भावनात्मक रूप से जोड़ा जा सके।

बरामदगी और गिरफ्तारी

पुलिस के अनुसार, अब तक की कार्रवाई में 10 कंप्यूटर सेटअप, 70 मोबाइल फोन और 20,000 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। साथ ही, संबंधित बैंक खातों में लाखों रुपये के लेन-देन का भी पता चला है। इस मामले में चार लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिनकी पहचान महारथी साहू, फुलेश्वर प्रसाद श्रीवास, तरुणा उर्फ सोनु खरे और नीरा बाथम के रूप में हुई है।

कानूनी कार्रवाई और आगे की जांच

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 318(4) और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि शहर के अन्य इलाकों में भी इसी तरह की गतिविधियों की जानकारी मिली है और उनकी जांच की जा रही है।

सतर्क रहने की अपील

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे ऑनलाइन या ऑफलाइन किसी भी प्रकार की मैट्रिमोनियल सेवाओं का उपयोग करते समय सावधानी बरतें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए होने वाली ठगी के मामलों में लगातार वृद्धि देखी जा रही है, और विशेषज्ञ इसे लेकर सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं। 


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