बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़ / पुलिस ने एक ऐसे कथित ठगी मामले का खुलासा किया है, जिसमें विदेशी निवेश और बैंकिंग प्रक्रियाओं के नाम पर एक व्यक्ति से करोड़ों रुपये ठगे जाने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, इस मामले में नवीन जून (लगभग 34 वर्ष), मूल निवासी सोनीपत (हरियाणा) को गिरफ्तार किया गया है। वह फिलहाल बिलासपुर के तोरवा क्षेत्र में रह रहा था।
शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि जनवरी–फरवरी 2024 के दौरान उसे एक विदेशी नंबर से व्हाट्सएप संदेश मिला। संदेश भेजने वाले व्यक्ति ने खुद को ब्रिटेन का निवासी “डॉ. लोव्हीत” बताया। इसके बाद कथित तौर पर उसे “ग्रेस डेविड” नामक एक महिला से जोड़ा गया, जिसे स्कॉटलैंड निवासी बताया गया। पुलिस के मुताबिक, इस महिला ने भारत में कैंसर अस्पताल, ब्लाइंड इंस्टीट्यूट, रियल एस्टेट और लॉ कॉलेज जैसे प्रोजेक्ट्स में लगभग 500 करोड़ रुपये निवेश करने का प्रस्ताव दिया और शिकायतकर्ता को इसमें साझेदार बनने का भरोसा दिलाया।
जांच में सामने आया कि 10 जून 2024 को कथित निवेशक के भारत आने और उसके नाम पर जारी लगभग 103 करोड़ रुपये के डिमांड ड्राफ्ट के क्लियरेंस की प्रक्रिया का हवाला देकर शिकायतकर्ता से पैसे मांगे गए। शुरुआत में खर्च, ठहरने और अन्य औपचारिकताओं के नाम पर रकम ली गई। इसके बाद एंबेसी, बैंक, प्रवर्तन निदेशालय, आरबीआई और कस्टम से जुड़ी प्रक्रियाओं का हवाला देकर लगातार पैसे की मांग की जाती रही।
पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता ने जुलाई 2024 तक विभिन्न बैंक खातों से आरटीजीएस और ऑनलाइन माध्यमों के जरिए रकम भेजी। इसमें आरोपी के खाते में अलग-अलग किश्तों में कुल 3 करोड़ 13 लाख 13 हजार रुपये स्थानांतरित किए गए।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने कई फर्जी ईमेल आईडी बनाकर खुद को बैंक, एंबेसी और अन्य संस्थाओं का अधिकारी बताकर शिकायतकर्ता को भरोसे में लिया। पुलिस का कहना है कि आरोपी पहले बैंक में डायरेक्ट सेलिंग एजेंट के रूप में काम कर चुका है और उसने अपनी बैंकिंग जानकारी का इस्तेमाल कथित ठगी को अंजाम देने में किया।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से दो लग्जरी वाहन (थार और वेन्यू), मोबाइल फोन, टैबलेट और लैपटॉप जब्त किए हैं। अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता की भी आशंका है और उनकी पहचान कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है और मामले की आगे की जांच जारी है। यह मामला उन बढ़ते मामलों में शामिल है, जिनमें विदेशी निवेश या बड़े वित्तीय अवसरों का झांसा देकर लोगों को निशाना बनाया जाता है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ऐसे प्रस्तावों पर भरोसा करने से पहले उनकी सत्यता की जांच करें और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें।
