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शादी के नाम पर ठगी, फर्जी मैरिज ब्यूरो का भंडाफोड़

कॉल सेंटर से चल रहा था खेल, 70 मोबाइल-10 कंप्यूटर जब्त


बिलासपुर। 
 TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में पुलिस ने एक ऐसे कथित गिरोह का खुलासा करने का दावा किया है, जो विवाह के नाम पर लोगों को झांसा देकर पैसे वसूल रहा था। पुलिस के अनुसार यह नेटवर्क फर्जी बैंक खातों और मोबाइल नंबरों के जरिए संचालित किया जा रहा था और सरकंडा तथा कोतवाली थाना क्षेत्रों में कथित तौर पर कॉल सेंटर के रूप में काम कर रहा था।

कैसे सामने आया मामला

मामला तब सामने आया जब बैंक खातों की जांच के दौरान पुलिस को ऐसे खातों की जानकारी मिली, जिनका इस्तेमाल वास्तविक खाताधारकों के बजाय अन्य लोग कर रहे थे। इन खातों में ‘मैरिज ब्यूरो’ से संबंधित लेन-देन हो रहा था। इसी दौरान बिहार के एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई कि उससे विवाह के लिए उपयुक्त वधु उपलब्ध कराने के नाम पर 10,000 रुपये लिए गए, लेकिन सेवा प्रदान नहीं की गई। शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू की।

कॉल सेंटर के जरिए संचालन का आरोप

जांच में पुलिस को सरकंडा क्षेत्र में संचालित एक मैट्रिमोनियल कार्यालय की जानकारी मिली। छापेमारी के दौरान वहां मौजूद संचालक और सहयोगियों को हिरासत में लिया गया। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में यह सामने आया कि शादी के इच्छुक लोगों को आकर्षित करने के लिए फर्जी प्रोफाइल तैयार किए जाते थे। कुछ महिलाओं को ग्राहकों से बातचीत करने के लिए लगाया गया था, ताकि उन्हें भावनात्मक रूप से जोड़ा जा सके।

बरामदगी और गिरफ्तारी

पुलिस के अनुसार, अब तक की कार्रवाई में 10 कंप्यूटर सेटअप, 70 मोबाइल फोन और 20,000 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। साथ ही, संबंधित बैंक खातों में लाखों रुपये के लेन-देन का भी पता चला है। इस मामले में चार लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिनकी पहचान महारथी साहू, फुलेश्वर प्रसाद श्रीवास, तरुणा उर्फ सोनु खरे और नीरा बाथम के रूप में हुई है।

कानूनी कार्रवाई और आगे की जांच

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 318(4) और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि शहर के अन्य इलाकों में भी इसी तरह की गतिविधियों की जानकारी मिली है और उनकी जांच की जा रही है।

सतर्क रहने की अपील

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे ऑनलाइन या ऑफलाइन किसी भी प्रकार की मैट्रिमोनियल सेवाओं का उपयोग करते समय सावधानी बरतें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए होने वाली ठगी के मामलों में लगातार वृद्धि देखी जा रही है, और विशेषज्ञ इसे लेकर सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं। 


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