रायपुर। TODAY छत्तीसगढ़ / राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में शनिवार को स्वतंत्रता दिवस का 80वां पर्व हर्षोल्लास और गरिमामय माहौल में मनाया गया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुबह 9 बजे ध्वजारोहण किया और परेड की सलामी ली। इस दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों के नाम अपना संदेश भी पढ़ा।
समारोह में अलग-अलग सुरक्षा बलों और संस्थानों की 17 प्लाटूनों ने मार्च पास्ट किया। परेड का नेतृत्व आईपीएस अधिकारी विमल कुमार पाठक ने किया, जबकि परेड-टू-आईसी निशांत गौरव कुर्रे थे।
बिहार पुलिस की टुकड़ी भी हुई शामिल
इस वर्ष आमंत्रित वर्ग में बिहार पुलिस की टुकड़ी ने भी परेड में हिस्सा लिया। इसके अलावा मार्च पास्ट में सीमा सुरक्षा बल (BSF), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF), सशस्त्र सीमा बल (SSB), छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल की पुरुष और महिला टुकड़ियां, छत्तीसगढ़ पुलिस, जेल पुलिस, नगर सेना, एनसीसी के बालक-बालिका दल, बैंड प्लाटून, घुड़सवार दल और डॉग स्क्वॉड शामिल रहे। महिला बैगपाइपर बैंड ने भी समारोह में विशेष प्रस्तुति दी।
केंद्रीय बलों में ITBP अव्वल
परेड के प्रदर्शन के आधार पर केंद्रीय बलों की श्रेणी में आईटीबीपी की टुकड़ी ने पहला स्थान हासिल किया। विजेता दल को मुख्यमंत्री ने 5 हजार रुपये और ट्रॉफी प्रदान की। बीएसएफ दूसरे और सीआरपीएफ तीसरे स्थान पर रहा। बीएसएफ को 3 हजार रुपये और ट्रॉफी, जबकि सीआरपीएफ को 2 हजार रुपये और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया।
राज्य बलों में महिला दल ने मारी बाजी
राज्य बलों की श्रेणी में छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (महिला) की टुकड़ी पहले स्थान पर रही। उसे 5 हजार रुपये और ट्रॉफी प्रदान की गई। छत्तीसगढ़ जेल पुलिस दूसरे और छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (पुरुष) तीसरे स्थान पर रहे। दोनों दलों को क्रमशः 3 हजार और 2 हजार रुपये तथा ट्रॉफी प्रदान की गई।
NCC गर्ल्स ने भी हासिल किया पहला स्थान
कंटीजेंट एनसीसी वर्ग में एनसीसी गर्ल्स ने पहला और एनसीसी बॉयज ने दूसरा स्थान हासिल किया। मुख्यमंत्री ने दोनों दलों के कमांडरों को ट्रॉफी देकर प्रोत्साहित किया। समारोह के दौरान परेड-टू-आईसी निशांत गौरव कुर्रे, परेड कमांडर विमल कुमार पाठक, महिला बैगपाइपर दल की कमांडर सोनबती ठाकुर, घुड़सवार दल के कमांडर अनिल यादव और श्वान दल के कमांडर राज कपूर को भी प्रशस्ति पत्र दिए गए। परेड प्रस्तुतियों में योगदान के लिए डॉ. अनुराधा दुबे और मनीष परमानंद को भी सम्मानित किया गया।


