बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़ / रेलवे कर्मचारियों को उनके कार्यस्थल पर ही स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की पहल के तहत कोरबा के क्षेत्रीय रेलवे प्रबंधक कार्यालय में बहुउद्देशीय स्वास्थ्य शिविर लगाया गया। मंडल चिकित्सा विभाग की ओर से आयोजित इस शिविर में 162 कर्मचारियों के स्वास्थ्य की जांच और विभिन्न बीमारियों की स्क्रीनिंग की गई।
रेलवे प्रशासन के मुताबिक, कार्यस्थल पर स्वास्थ्य शिविर लगाने का उद्देश्य कर्मचारियों को नियमित जांच की सुविधा देने के साथ-साथ उन्हें बीमारियों से बचाव और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना है।
बीपी, शुगर से लेकर ईसीजी तक जांच
12 अगस्त को आयोजित शिविर में कर्मचारियों का रक्तचाप, मधुमेह, लंबाई, वजन, ईसीजी और वेस्ट-हिप रेशियो जांचा गया। इसके अलावा 84 कर्मचारियों की बोन मिनरल डेंसिटी (BMD) जांच की गई। छह कर्मचारियों को टिटनेस का टीका भी लगाया गया। शिविर में कर्मचारियों की स्वास्थ्य संबंधी शिकायतों में से नौ का मौके पर समाधान किया गया।
किशोरियों की भी हुई स्वास्थ्य जांच
शिविर में 9 से 15 वर्ष से कम आयु की किशोर बालिकाओं के स्वास्थ्य की भी जांच की गई। उनके हीमोग्लोबिन, सिकल सेल और लीवर फंक्शन से जुड़े परीक्षण किए गए। रेलवे के चिकित्सा अधिकारियों ने जांच के दौरान सामने आने वाली स्वास्थ्य समस्याओं के बारे में कर्मचारियों को आवश्यक चिकित्सकीय सलाह भी दी।
महिलाओं और मानसिक स्वास्थ्य पर भी चर्चा
शिविर में उप मुख्य चिकित्सा निदेशक डॉ. बीरबल प्रधान ने महिलाओं में होने वाली विभिन्न बीमारियों की रोकथाम और बचाव के बारे में जानकारी दी। अपर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुमित प्रकाश ने मानसिक स्वास्थ्य पर चर्चा करते हुए मानसिक बीमारियों के संभावित कारण, लक्षण और उनसे बचाव के उपाय बताए। चिकित्सकों ने कर्मचारियों को संतुलित और पौष्टिक भोजन, नियमित स्वास्थ्य जांच, जरूरी परहेज और दैनिक जीवन में स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां बरतने की सलाह दी।
विशेषज्ञ चिकित्सकों ने दी सेवाएं
प्रधान मुख्य चिकित्सा निदेशक डॉ. दिवेश कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित शिविर में रेलवे के कई चिकित्सकों ने सेवाएं दीं। इनमें डॉ. बीरबल प्रधान, डॉ. शेख सिराजुद्दीन, डॉ. सुमित प्रकाश, डॉ. नीतू एस कुमार, डॉ. धनंजय, डॉ. जौहरा और डॉ. अंशिका शामिल रहे। न्यू कोरबा हॉस्पिटल के अनुबंधित चिकित्सक डॉ. अजित और हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. अविनाश समेत अन्य कर्मचारियों ने भी शिविर में सहयोग किया।
रेलवे प्रशासन का कहना है कि कार्यस्थल पर इस तरह के स्वास्थ्य शिविर कर्मचारियों को समय पर स्वास्थ्य जांच और चिकित्सकीय सलाह उपलब्ध कराने के साथ बीमारी की शुरुआती पहचान में भी मदद कर सकते हैं।


