नई दिल्ली। TODAY छत्तीसगढ़ / प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 को और प्रभावी बनाने के लिए संशोधनों को मंजूरी दे दी गई। सरकार का उद्देश्य पेपर लीक और परीक्षा संबंधी अनियमितताओं पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित संशोधनों में पेपर लीक मामलों के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट, संगठित गिरोहों के खिलाफ अधिक कठोर दंड और भारी आर्थिक जुर्माने जैसे प्रावधान शामिल हैं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, संगठित अपराध से जुड़े मामलों में 10 वर्ष तक की सजा और 10 करोड़ रुपये तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है। संशोधन विधेयक को संसद के मौजूदा सत्र में पेश किए जाने की संभावना है।
बैठक में मंत्रिमंडल ने 'भव्य रसायन (BHAVYA Rasayan)' योजना को भी मंजूरी दी। 3,030 करोड़ रुपये की इस योजना के तहत देश में तीन समर्पित केमिकल पार्क विकसित किए जाएंगे। योजना का उद्देश्य रसायन क्षेत्र के लिए आधुनिक बुनियादी ढांचा तैयार करना, घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देना, आयात पर निर्भरता कम करना तथा निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाना है। केंद्र सरकार प्रत्येक केमिकल पार्क के लिए 1,000 करोड़ रुपये तक की सहायता देगी।
सरकार का कहना है कि इन दोनों फैसलों का उद्देश्य एक ओर सार्वजनिक परीक्षाओं की विश्वसनीयता और पारदर्शिता को मजबूत करना है, वहीं दूसरी ओर रसायन उद्योग के लिए बेहतर औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र विकसित कर विनिर्माण और निवेश को गति देना है।

