रायगढ़। TODAY छत्तीसगढ़ / रायगढ़ पुलिस ने 'ऑपरेशन क्लीन हंट' के तहत एमएसपी प्लांट से करीब ₹14.22 लाख मूल्य के 30 टन एमएस चैनल एवं एमएस बीम की कथित हेराफेरी का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, मामले में दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
पुलिस ने बताया कि 25 नवंबर 2025 को ट्रांसपोर्ट व्यवसायी ईश्वरी सिंह ने थाना चक्रधरनगर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, एमएसपी प्लांट, जामगांव से जमशेदपुर भेजे जाने वाले लोहे का माल एक व्यक्ति ने स्वयं को विनोद साहू बताकर वाहन में लोड कराया, लेकिन निर्धारित गंतव्य तक नहीं पहुंचाया। जांच में कथित रूप से सामने आया कि ड्राइवर की पहचान और प्रस्तुत दस्तावेज फर्जी थे।
पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान एमएसपी प्लांट के रिकॉर्ड, लोडिंग दस्तावेज, ट्रांसपोर्टर और वाहन मालिक से पूछताछ की गई। तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर भगतपुरी गोस्वामी को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में उसने कथित रूप से अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर ट्रांसपोर्टर के वाहन का नंबर प्लेट इस्तेमाल कर माल लोड कराने और उसे गंतव्य तक पहुंचाने के बजाय बेचने की साजिश का खुलासा किया।
पुलिस का दावा है कि घटना में प्रयुक्त ट्रक सहित लगभग 30 टन लोहे का सौदा कथित रूप से करीब ₹7 लाख में किया गया था। मामले में पुलिस राजीव मल्लिक और कथित फर्जी ड्राइवर पुष पुरी गोस्वामी (फर्जी नाम विनोद साहू) की तलाश कर रही है।
प्रकरण में पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) के अलावा धारा 338 तथा धारा 3(5) भी जोड़ी है। गिरफ्तार आरोपियों में भगतपुरी गोस्वामी (जशपुर), तसौवर अंसारी उर्फ शाहरूख (लोहरदगा, झारखंड), अभय कुमार रवानी और प्रेम कुमार रवानी (धनबाद, झारखंड) शामिल हैं। सभी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
पुलिस ने बताया कि इस मामले की जांच जारी है और फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है।

