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'सपनों की कोई उम्र नहीं होती': एंजेल ने जीता मिसेज़ इंडिया इंटरनेशनल क्वीन का ताज

कॉलेज के दिनों में 'मिस होम साइंस' रहीं एंजेल ने शादी के दो दशक बाद अपने अधूरे सपने को सच कर दिखाया

बिलासपुर:  TODAY छत्तीसगढ़  / सपनों को पूरा करने की कोई उम्र नहीं होती, इस बात को बिलासपुर की एंजेल चौकसे ने सच कर दिखाया है। 42 वर्ष की उम्र में एंजेल ने दिल्ली में आयोजित प्रतिष्ठित सौंदर्य प्रतियोगिता 'Mrs. India International Queen Alluring 2026' का खिताब अपने नाम कर लिया है। उनकी इस उपलब्धि ने न केवल बिलासपुर बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में मनवाया लोहा

दिल्ली के होटल लीला इंटरनेशनल में आयोजित इस भव्य प्रतियोगिता में दुनियाभर से प्रतिभागी शामिल हुए थे। एंजेल ने भारत के साथ-साथ सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया, दुबई, कतर, अमेरिका और लंदन से आई बेहतरीन प्रतिभागियों को कड़ी टक्कर देते हुए यह ताज अपने नाम किया।

5 दिनों तक चला कड़ा मुकाबला: लगातार पांच दिनों तक चली इस प्रतियोगिता में प्रतिभागियों को कई कठिन चरणों से गुज़रना पड़ा, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:

  • कैटवॉक और टैलेंट राउंड

  • इंट्रोडक्शन और प्रश्नोत्तर (Q&A) राउंड

  • ग्रूमिंग और पर्सनैलिटी असेसमेंट

एंजेल ने अपनी प्रतिभा, आत्मविश्वास और शानदार व्यक्तित्व के दम पर इन सभी राउंड्स को सफलतापूर्वक पार कर विजेता का खिताब हासिल किया।

'मिस होम साइंस' से लेकर 'मिसेज इंडिया' तक का सफर

एंजेल की यह सफलता उनके एक लंबे संघर्ष और अधूरे सपने के पूरे होने की कहानी है। कॉलेज के दिनों में होम साइंस की पढ़ाई के दौरान उन्होंने 'मिस होम साइंस' का खिताब जीता था। तभी से उन्होंने फैशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट के क्षेत्र में आगे बढ़ने का सपना देखा था, लेकिन शादी और पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण वह सपना कहीं पीछे छूट गया।

कड़ी मेहनत और परिवार का मिला साथ: एंजेल ने बताया कि उनके पति रितेश चौकसे और परिवार के निरंतर सहयोग ने उन्हें अपने सपने को फिर से जीने का हौसला दिया। पिछले एक साल से उन्होंने खुद को इस मंच के लिए तैयार किया। उन्होंने अपनी फिटनेस, कैटवॉक, पब्लिक स्पीकिंग और ग्रूमिंग पर लगातार मेहनत की। 42 साल की उम्र में इस स्तर की प्रतियोगिता के लिए वापसी करना बेहद चुनौतीपूर्ण था, लेकिन उनके दृढ़ निश्चय ने उन्हें रुकने नहीं दिया।

अपनी इस जीत का श्रेय एंजेल ने अपने पति रितेश चौकसे, एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही बेटी विनस चौकसे, माता-पिता, सास-ससुर, दोस्तों और अपने प्रशिक्षकों को दिया है।

महिलाओं के लिए प्रेरणादायी संदेश

विभिन्न देशों की संस्कृति और सोच को करीब से समझने का अवसर पाने वाली एंजेल ने प्रदेश की महिलाओं और युवतियों के लिए एक बेहद प्रेरणादायी संदेश दिया है:

"सपनों की कोई उम्र नहीं होती। यदि आपके अंदर आत्मविश्वास, कड़ी मेहनत करने का जज्बा और दृढ़ इच्छाशक्ति है, तो जीवन के किसी भी पड़ाव पर सफलता हासिल की जा सकती है।"

अपनी इस शानदार उपलब्धि को एंजेल ने बिलासपुर और पूरे छत्तीसगढ़ की जनता को समर्पित किया है। साथ ही, उन्होंने अपनी आवाज़ और सफलता को समाज तक पहुंचाने के लिए मीडिया का भी विशेष आभार व्यक्त किया है।


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