रायपुर। TODAY छत्तीसगढ़ / छत्तीसगढ़ शासन के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग ने गुरुवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज्य में डिजिटल सुशासन और तकनीक आधारित सेवाओं के विस्तार से जुड़ी विभिन्न योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी दी। विभाग के अनुसार, सेवा सेतु, भारतनेट, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डिजिटल कनेक्टिविटी के माध्यम से नागरिकों को अधिक सुगम सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
विभाग के सचिव अंकित आनंद और चिप्स (CHiPS) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) मयंक अग्रवाल ने बताया कि सेवा सेतु पोर्टल पर वर्तमान में 35 विभागों की 564 सेवाएं उपलब्ध हैं। उनके अनुसार, पिछले ढाई वर्षों में पोर्टल पर 85 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 78 लाख से अधिक आवेदनों का निराकरण किया गया है। पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन, डिजिटल दस्तावेज सत्यापन, क्यूआर कोड आधारित सत्यापन, एसएमएस एवं व्हाट्सएप सूचना तथा ऑनलाइन भुगतान जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
विभाग का दावा है कि दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए भारत सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत जनवरी 2024 से अब तक 1,273 मोबाइल टावर शुरू किए जा चुके हैं। वहीं भारतनेट फेज-3 के तहत ग्राम पंचायतों को हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड नेटवर्क से जोड़ने की योजना है, जिसके लिए केंद्र सरकार से 3,928 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि राज्य सरकार ने सीएम आईटी फेलोशिप शुरू की है, जिसके तहत 50 चयनित युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण और शासकीय विभागों में कार्यानुभव दिया जा रहा है।
विभाग के अनुसार, विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रशासनिक कार्यों को भी मजबूत किया जा रहा है। इनमें खनिज ऑनलाइन 2.0, एकीकृत अपशिष्ट मॉनिटरिंग एवं प्रबंधन प्रणाली (IWMMS), वन क्लिक-सिंगल विंडो सिस्टम 2.0, पारस पोर्टल, बस्तर मुन्ने पोर्टल और डिजिटल द्वार जैसी परियोजनाएं शामिल हैं।
विभाग ने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ एआई मिशन (CG-AIM) के तहत एआई आधारित कौशल विकास, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और एआई डेटा लैब स्थापित की जा रही हैं। साथ ही, सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) के सहयोग से 105.3 करोड़ रुपये की लागत से चार सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप स्थापित करने के लिए समझौता किया गया है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सचिव अंकित आनंद ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य डिजिटल तकनीक के माध्यम से नागरिकों तक पारदर्शी, सरल और समयबद्ध सेवाएं पहुंचाना तथा छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी डिजिटल राज्यों में स्थापित करना है।

