बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़ / पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) रामगोपाल करियारे के पर्यवेक्षण में सड़क सुरक्षा को लेकर लगातार जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को गुरु घासीदास विद्यालय, बिलासपुर के रजत जयंती सभा कक्ष में एनसीसी एवं स्काउट-गाइड के संभाग स्तरीय प्रशिक्षण शिविर के दौरान विशेष यातायात प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई।
कार्यशाला में 1000 से अधिक स्काउट-गाइड एवं एनसीसी कैडेट्स को यातायात नियमों, सड़क सुरक्षा और सुरक्षित वाहन संचालन के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। यातायात पुलिस ने युवाओं को सड़क दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों और उनसे बचाव के उपायों के बारे में जागरूक किया।
युवा वर्ग पर विशेष फोकस
यातायात पुलिस के अनुसार सड़क दुर्घटनाओं में सबसे अधिक प्रभावित वर्ग युवा वर्ग है। इसी कारण जनजागरूकता अभियान में विद्यालयों, महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों और युवाओं के समूहों को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि उनमें यातायात नियमों के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता विकसित हो सके।
रील, स्टंट और लापरवाही पर चेतावनी
प्रशिक्षण के दौरान कैडेट्स को सोशल मीडिया पर व्यूज बढ़ाने के लिए खतरनाक स्टंट करने, तेज रफ्तार वाहन चलाने, मोबाइल का उपयोग करते हुए ड्राइविंग करने, एयरबड लगाकर वाहन चलाने, नंबर प्लेट से छेड़छाड़ करने, मॉडिफाइड साइलेंसर लगाने, तेज आवाज वाले वाहन चलाने तथा अमानक हेडलाइट का उपयोग करने जैसी खतरनाक प्रवृत्तियों के दुष्परिणामों से अवगत कराया गया। इसके अलावा नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने, हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग नहीं करने जैसी लापरवाहियों पर भी विस्तार से समझाइश दी गई।
सुरक्षित यातायात की शपथ
कार्यक्रम के दौरान सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक नागरिक बनने, यातायात नियमों का पालन करने तथा दूसरों को भी जागरूक करने का संदेश दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि ट्रैफिक सेंस और सिविक सेंस का विकास ही सड़क दुर्घटनाओं को कम करने का सबसे प्रभावी उपाय है।
ये रहे उपस्थित
कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात रामगोपाल करियारे, कर्नल लोकेश देवा, कैप्टन आशीष शर्मा, सूबेदार मेजर देवेश, फर्स्ट ऑफिसर अशोक नागपुरे, रंजू शर्मा, नवीन सिरस्वर, सेकंड ऑफिसर रवि आडीले, पुखराज माझी, नारायण साहू, मृणाल सहित विभिन्न संस्थाओं के अधिकारी, एनसीसी स्टाफ, आर्मी स्टाफ तथा 1000 से अधिक स्काउट-गाइड कैडेट्स उपस्थित रहे।

