दुर्ग। (नवीन वाहिनीपति) TODAY छत्तीसगढ़ / भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा संचालित समन्वय पोर्टल एवं पुलिस मुख्यालय से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर दुर्ग जिले के थाना उतई पुलिस ने साइबर अपराध से जुड़े म्यूल अकाउंट नेटवर्क का बड़ा खुलासा किया है। जांच के दौरान IDFC First Bank के कई संदिग्ध खातों में साइबर ठगी की रकम के लेन-देन के प्रमाण मिलने पर पुलिस ने 30 खाताधारकों के खिलाफ अपराध दर्ज कर कार्रवाई की है।
पुलिस जांच में सामने आया कि वर्ष 2024 से 2026 के बीच साइबर ठगी से प्राप्त रकम इन खातों में जमा की जाती थी और बाद में अन्य खातों में ट्रांसफर अथवा नकद निकासी कर अवैध आर्थिक लाभ अर्जित किया जाता था। विवेचना के दौरान बैंक से प्राप्त केवाईसी दस्तावेज, खाता विवरण और ट्रांजेक्शन स्टेटमेंट का परीक्षण किया गया। जांच में पाया गया कि आरोपियों के खातों में लाखों रुपये का संदिग्ध और अनधिकृत लेन-देन हुआ है।
पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों भूपेन्द्र हिरवानी, नवलेश्वर पाटले, पवन सिंह, आकाश चन्द्राकर,अर्पण शुक्ला और मुकेश सिंह ने स्वीकार किया कि उन्होंने अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड, पासबुक और मोबाइल सिम अन्य व्यक्तियों को साइबर ठगी से जुड़े आर्थिक लेन-देन के लिए उपलब्ध कराए थे। इसके बदले उन्हें कमीशन या आर्थिक लाभ मिलता था।
मामले में थाना उतई में अपराध क्रमांक 246/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(2), 318(3) एवं 318(4) के तहत कार्रवाई की गई। सभी गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर केंद्रीय जेल दुर्ग भेज दिया गया।
