बिलासपुर । TODAY छत्तीसगढ़ / जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण और सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर संजय अग्रवाल एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक लेकर विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत समीक्षा की। बैठक में राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों के साथ ग्रामीण सड़कों पर दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन तथा विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियों पर चर्चा की गई।
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा कि सड़क सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर अवैध रूप से खड़े ट्रक और भारी वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि वाहन केवल निर्धारित पार्किंग स्थलों और ले-बाय में ही खड़े किए जाएं। प्रारंभिक स्तर पर वाहन मालिकों और चालकों को चेतावनी दी जाए, इसके बाद नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बैठक में सड़क किनारे संचालित ढाबों और होटलों के कारण उत्पन्न होने वाली अवैध पार्किंग की समस्या पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि ऐसे प्रतिष्ठानों को स्वयं पार्किंग की समुचित व्यवस्था करनी होगी। आवश्यकता पड़ने पर निजी भूमि मालिकों की सहमति से पार्किंग विकसित की जा सकती है। उन्होंने सड़क किनारे उपलब्ध शासकीय भूमि का सर्वे कर पार्किंग के लिए चिन्हांकन करने तथा पार्किंग स्थलों पर मार्गदर्शन हेतु कर्मियों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बरसात के मौसम को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर ने सड़कों पर घूमने वाले मवेशियों के प्रभावी प्रबंधन के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि वर्षा ऋतु में मवेशियों के कारण दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। इसके लिए गोधन आश्रय स्थलों, गौठानों और गोधामों में आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित की जाएं। साथ ही पेट्रोलिंग दलों एवं फ्लाइंग स्क्वॉड को नियमित निगरानी और अवैध ढाबों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने कहा कि सड़क सुरक्षा संबंधी सर्वोच्च न्यायालय के सभी निर्देशों का जिले में कड़ाई से पालन कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस वर्ष सड़क दुर्घटनाओं में कमी दर्ज की गई है, लेकिन अभी भी सुधार की पर्याप्त संभावनाएं हैं। पिछले छह माह में जिले में सड़क दुर्घटनाओं के कारण 151 लोगों की मृत्यु हुई है। रतनपुर, तखतपुर और मस्तूरी थाना क्षेत्रों में सर्वाधिक दुर्घटनाएं और मौतें दर्ज की गई हैं।
एसएसपी ने बताया कि नशे की हालत में वाहन चलाना सड़क दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण बनकर उभरा है। ऐसे मामलों में केवल चालानी कार्रवाई ही नहीं, बल्कि आवश्यकतानुसार एफआईआर दर्ज करने के निर्देश भी दिए गए हैं। उन्होंने सड़क सुरक्षा से जुड़े सभी विभागों को समन्वित रूप से कार्य करने पर बल दिया।
बैठक में यह तथ्य भी सामने आया कि कुछ भारी वाहन टोल टैक्स बचाने के लिए ग्रामीण सड़कों का उपयोग कर रहे हैं, जिससे सड़कें क्षतिग्रस्त होने के साथ दुर्घटनाओं की संभावना भी बढ़ रही है। इस पर एसएसपी ने ऐसे वाहनों की पहचान कर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में नगर निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल, जिले के सभी एसडीएम, एसडीओपी, थाना प्रभारी, एनएचएआई, परिवहन, पशु चिकित्सा एवं अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने सड़क सुरक्षा को जन आंदोलन का स्वरूप देने तथा दुर्घटनामुक्त बिलासपुर के लक्ष्य की दिशा में सामूहिक प्रयास करने का संकल्प लिया।
