TODAY छत्तीसगढ़ / छत्तीसगढ़ की बिलासपुर सेंट्रल जेल में मंगलवार सुबह एक क़ैदी ने दूसरे क़ैदी की कथित तौर पर पत्थर से हमला कर हत्या कर दी है.
जेल प्रशासन के मुताबिक़, गंभीर रूप से घायल क़ैदी को इलाज के लिए तुरंत अस्पताल ले जाया गया था, जहाँ उसकी मौत हो गई. इस घटना के बाद जेल परिसर की सुरक्षा और क़ैदियों की निगरानी व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.
पुलिस और जेल प्रशासन के आला अधिकारी मौक़े पर पहुंच गए हैं और मामले की जांच की जा रही है.
कैसे हुई घटना?
शुरुआती जानकारी के अनुसार, यह घटना मंगलवार सुबह एक बैरक (Ward) के भीतर हुई. उस वक़्त कुछ क़ैदी लूडो खेल रहे थे, जबकि पीड़ित क़ैदी सो रहा था.
अधिकारियों का कहना है कि इसी दौरान एक अन्य सज़ायाफ़्ता (दोषी) क़ैदी ने नाली ढंकने के लिए रखे गए एक भारी पत्थर को उठाया और सो रहे क़ैदी के सिर पर जानलेवा हमला कर दिया.
हमले में पीड़ित क़ैदी गंभीर रूप से घायल होकर लहूलुहान हो गया. घटना की भनक लगते ही जेल कर्मचारी मौक़े पर पहुंचे और उसे अस्पताल ले गए, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी.
जेल अधीक्षक का क्या कहना है?
इस घटना ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक की ओर इशारा किया है. सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि नाली को ढंकने वाला वह भारी पत्थर क़ैदियों की पहुंच में कैसे था और ड्यूटी पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों को इस हमले की भनक समय पर क्यों नहीं लगी.
बिलासपुर सेंट्रल जेल के अधीक्षक खोमेश मंडावी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस मौक़े पर मौजूद है और मामले की सघन जांच कर रही है.
जेल अधीक्षक ने कहा, "पुलिस ने मामला दर्ज़ कर लिया है. हत्या की मुख्य वजह और इससे जुड़े अन्य तथ्यों का ख़ुलासा पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा. मृतक और अभियुक्त की पहचान भी क़ानूनी प्रक्रिया के तहत बाद में सार्वजनिक की जाएगी."
फ़िलहाल, एहतियात के तौर पर जेल परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और अभियुक्त क़ैदी को एक अलग बैरक में शिफ़्ट कर दिया गया है. पुलिस अभियुक्त से पूछताछ कर हत्या के कारणों (Motive) का पता लगाने की कोशिश कर रही है.
