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पहले कुत्ते पर किया ट्रायल, फिर एक-एक कर 8 लोगों को दी मौत... 'सीरियल किलिंग' का ख़ौफ़नाक सच

7 शवों को क़ब्र से निकाला गया... एक शिकायत से कैसे खुला छत्तीसगढ़ के खर्वे गांव में 8 मौतों का राज़?

TODAY छत्तीसगढ़  / बलौदाबाज़ार ज़िले में पुलिस ने खर्वे गांव में हुई 8 ग्रामीणों की संदिग्ध मौत के मामले को सुलझाने का दावा किया है. पुलिस के मुताबिक़, ये मौतें स्वाभाविक नहीं थीं, बल्कि एक सुनियोजित साज़िश के तहत की गई कथित हत्याएं थीं.

कसडोल थाना पुलिस ने इस मामले में गांव के ही 46 वर्षीय रामसहाय जायसवाल को गिरफ़्तार किया है. पुलिस का कहना है कि अभियुक्त ने आपसी रंजिश, कर्ज़ माफ़ी और जादू-टोने के शक में इन सभी लोगों को शराब में 'सुहागा' (चूहा मारने वाला ज़हर) मिलाकर पिलाया था.

कैसे हुआ मामले का ख़ुलासा?

फरवरी 2026 से लेकर 14 मई तक खर्वे गांव में एक-एक कर 8 लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी. 6 जून को ग्रामीणों ने कसडोल के अनुविभागीय पुलिस अधिकारी (SDOP) को एक आवेदन सौंपकर इन मौतों पर संदेह जताया था और रामसहाय जायसवाल पर शक ज़ाहिर किया था.

शिकायत की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू की.

  • पुलिस ने दफ़नाए गए 7 लोगों के शवों को क़ब्र से बाहर निकाला और उन्हें पोस्टमार्टम के लिए 'मेकाहारा' (रायपुर) भेजा. (एक मृतक का दाह-संस्कार हो चुका था).

  • मेडिकल टीम ने पोस्टमार्टम के बाद फोरेंसिक जांच के लिए शवों का डीएनए (DNA) और विसरा सुरक्षित (प्रिज़र्व) कर लिया.

  • जांच के दौरान पुलिस को तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों से पता चला कि संदिग्ध रामसहाय ने गांव के ही एक व्यक्ति से चूहा मारने की दवा (सुहागा) ख़रीदी थी.

कुत्ते पर किया परीक्षण, फिर ग्रामीणों को पिलाया ज़हर

पुलिस के मुताबिक़, हिरासत में लेकर सख़्ती से पूछताछ करने पर अभियुक्त रामसहाय ने अपना जुर्म क़बूल कर लिया.

अधिकारियों ने बताया कि अभियुक्त ने सीधे इंसानों पर ज़हर का इस्तेमाल करने से पहले गांव के एक कुत्ते को यह ज़हर देकर उसका 'ट्रायल' किया था. कुत्ते की मौत के बाद जब उसे ज़हर के असर पर यक़ीन हो गया, तो उसने अपने विरोधियों और जिनसे उसकी रंजिश थी, उन्हें शराब में ज़हर मिलाकर पिलाना शुरू कर दिया. लगातार हो रही मौतों को सामान्य मौत समझा गया, जिससे अभियुक्त का हौसला बढ़ता गया.

पुलिस के मुताबिक़ 8 मृतकों का विवरण और हत्या का कथित कारण:

  • बुठालू (20 फ़रवरी 2026): चुनाव के समय हुए विवाद और सामाजिक स्तर पर गाली-गलौज का बदला लेने के लिए पहला शिकार बनाया गया.

  • बद्री (6 मार्च 2026): अभियुक्त को शराब के लिए परेशान करने और अक्सर गाली-गलौज करने के आरोप में हत्या.

  • छत्तूराम (12 मार्च 2026): अभियुक्त को शक था कि छत्तूराम उसकी पत्नी पर बुरी नीयत रखता था.

  • बुधराम (20 मार्च 2026): ज़मीन के लेन-देन और पुरानी सामाजिक रंजिश के चलते हत्या (परिजनों ने इसका दाह-संस्कार कर दिया था).

  • विनोद कुमार (31 मार्च 2026): लगातार गाली-गलौज करने का आरोप. ज़हरीली शराब पीने के बाद कसडोल अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हुई.

  • गजानंद (28 अप्रैल 2026): अभियुक्त को शक था कि गजानंद उस पर जादू-टोना (बैगा-गुनिया) करता था, जिसके कारण वह कर्ज़ मुक्त नहीं हो पा रहा है.

  • चैतूराम (29 अप्रैल 2026): अभियुक्त ने चैतूराम से 50,000 रुपये का कर्ज़ लिया था. ब्याज़ और कर्ज़ चुकाने से बचने के लिए उसकी हत्या कर दी.

  • महेतरू राम (14 मई 2026): साल 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान हुई मारपीट और विवाद का बदला लेने के लिए हत्या.

जानलेवा हमले का एक और मामला पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि अभियुक्त ने 14 अप्रैल 2026 को कार्तिक नाम के एक ग्रामीण को भी सुहागा मिली शराब पिलाई थी. हालांकि, तबीयत बिगड़ने पर उसे समय पर अस्पताल में भर्ती करा दिया गया, जिससे उसकी जान बच गई.

पुलिस ने अभियुक्त रामसहाय जायसवाल के ख़िलाफ़ हत्या के 8 और हत्या के प्रयास (जानलेवा हमले) का एक मामला दर्ज़ किया है. पुलिस इस मामले में आगे की क़ानूनी कार्रवाई कर रही है. 

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