ट्रक भर कबाड़ और हजारों किलो सरिया जब्त, मचा हड़कंप


रायगढ़। 
 TODAY छत्तीसगढ़  / जिले में संपत्ति संबंधी अपराधों की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” के तहत थाना जूटमिल और थाना छाल पुलिस ने अवैध कबाड़ कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए लाखों रुपए की संदिग्ध सामग्री जब्त की है। पुलिस ने दोनों मामलों में कुल 24 टन 53 किलोग्राम अवैध कबाड़ और सरिया जब्त किया है, जिसकी कीमत वाहन सहित करीब 23 लाख रुपए से अधिक बताई जा रही है।

 ट्रक सहित 24 टन कबाड़ किया जब्त

थाना जूटमिल पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि पटेलपाली सब्जी मंडी के पास मुख्य मार्ग किनारे खड़े ओडिशा पासिंग ट्रक क्रमांक OD-19-C-4666 में भारी मात्रा में कबाड़ लोड है। सूचना पर थाना प्रभारी निरीक्षक अभिनव कांत सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घेराबंदी कर ट्रक को पकड़ा। जांच के दौरान ट्रक में लोहे और टीन का भारी मात्रा में कबाड़ मिला। वाहन चालक प्रमोद कुमार यादव से संबंधित दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वह कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद पुलिस ने करीब 24 टन कबाड़ जिसकी कीमत लगभग 8 लाख रुपए और ट्रक जिसकी कीमत करीब 12 लाख रुपए बताई गई है, कुल लगभग 20 लाख रुपए की संपत्ति जब्त कर ली। आरोपी के खिलाफ थाना जूटमिल में धारा 35 (क), (ड) बीएनएसएस एवं 303(2) बीएनएस के तहत कार्रवाई की गई है।

 53 क्विंटल सरिया किया बरामद

इसी तरह थाना छाल पुलिस ने ग्राम बेहरामार में भोजराम पटेल के घर के सामने बने शेड में रेड कार्रवाई की। पुलिस को सूचना मिली थी कि वहां भारी मात्रा में लोहे का सरिया रखा गया है, जो चोरी की संपत्ति हो सकती है। तलाशी के दौरान शेड से कामधेनु कंपनी का कुल 5300 किलोग्राम सरिया बरामद किया गया, जिसकी कीमत करीब 3 लाख 15 हजार रुपए बताई गई है। पुलिस ने सरिया के बिल और दस्तावेज मांगे, लेकिन आरोपी कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद चोरी की संपत्ति होने के संदेह पर पुलिस ने धारा 35(1-C) बीएनएसएस एवं 303(2) बीएनएस के तहत कार्रवाई की।

एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन और एडिशनल एसपी अनिल सोनी के मार्गदर्शन में की गई इस कार्रवाई को अवैध कारोबार और संपत्ति संबंधी अपराधों पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।

पीएम सूर्यघर योजना से रोशन होंगे बैगा आवास - कलेक्टर


बिलासपुर। 
 TODAY छत्तीसगढ़  / कलेक्टर संजय अग्रवाल ने समय-सीमा की बैठक में कहा कि पीएम जनमन योजना के तहत निर्मित बैगा आवासों को अब पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से लाभान्वित किया जाएगा। इसके तहत बैगा परिवारों के घर सौर ऊर्जा से रोशन होंगे तथा हितग्राही अंश की राशि जिला प्रशासन द्वारा डीएमएफ मद से वहन की जाएगी। बैठक में उन्होंने सुशासन तिहार के तहत प्राप्त साढ़े 9 हजार आवेदनों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सहित शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं की समीक्षा की। बैठक में जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

         कलेक्टर ने बैठक में ई-डिस्ट्रिक्ट योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि अब आम नागरिकों के लिए सेवाओं की संख्या बढ़ाकर 441 कर दी गई है। कलेक्टर ने कहा कि इन सेवाओं का समय-सीमा में निराकरण जिले की प्रशासनिक रैंकिंग से भी जुड़ा है, इसलिए इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं होगी। जनगणना कार्य की समीक्षा में जानकारी दी गई कि ग्रामीण क्षेत्रों एवं नगरीय निकायों में कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। नगर निगम क्षेत्र में भी एक-दो दिनों में यह प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। बरसात पूर्व तैयारियों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने नगर निगम को 10 जून तक नाली सफाई कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जलभराव और मौसमी बीमारियों की आशंका को देखते हुए सफाई व्यवस्था में तेजी लाई जाए।

         डीएमएफ मद से स्वीकृत कार्यों के संबंध में कलेक्टर ने शासी परिषद से अनुमोदित कार्यों के तकनीकी स्वीकृति प्रस्ताव शीघ्र भेजने को कहा। ग्रामीण क्षेत्रों में महिला पचरी घाटों के दोनों ओर सुरक्षा दीवार निर्माण हेतु चारों विकासखंडों से 25-25 प्रस्ताव मंगाए गए हैं। साथ ही तालाबों में गंदे पानी की आवक रोकने के लिए प्रभावी उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में पेट्रोल-डीजल उपलब्धता की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि ईंधन की कमी का हवाला देकर कोई भी शासकीय कार्य प्रभावित नहीं होना चाहिए। विभाग अपनी पूर्व खपत और आवश्यकता के आधार पर औचित्यपूर्ण मांग प्रस्तुत करें, आवश्यकतानुसार उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। कलेक्टर ने ज्ञान भारतम योजना अंतर्गत पांडुलिपि खोज अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने तथा सुशासन तिहार के तहत मुख्यमंत्री के संभावित आगमन एवं समीक्षा बैठक को लेकर सभी तैयारियां समय पर पूर्ण करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें। 

रेलवे स्टेशन से सीपत की ओर ले जाया जा रहा था गांजा, 86 पैकेट गांजा जब्त


बिलासपुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  / बिलासपुर-सीपत रोड पर पुलिस और ACCU टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में गांजा तस्करी का खुलासा किया है। कार्रवाई के दौरान दो इलेक्ट्रिक ऑटो में सवार 8 महिलाओं को गिरफ्तार किया गया, जिनके कब्जे से 86 पैकेट मादक पदार्थ गांजा बरामद किया गया।

पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि रेलवे स्टेशन बिलासपुर की ओर से सीपत की तरफ दो इलेक्ट्रिक ऑटो में कुछ महिलाएं भारी मात्रा में गांजा लेकर जा रही हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने हमराह स्टाफ, गवाहों और ACCU टीम के साथ बिलासपुर-सीपत रोड स्थित सीमेंट कंपनी के पास घेराबंदी कर रेड कार्रवाई की।

कार्रवाई के दौरान दो इलेक्ट्रिक ऑटो में सवार 8 महिलाओं को पकड़ा गया। तलाशी लेने पर उनके कब्जे से प्लास्टिक की बोरियों और कपड़ों के गट्ठों में छिपाकर रखा गया कुल 86 पैकेट गांजा बरामद हुआ, जो खाकी टेप से लिपटा हुआ था। गिरफ्तार आरोपियों में अशोक बाई, नंद कुमारी, लक्ष्मी शिकारी, द्रोपती शिकारी, ग्यास बाई, गंगा सिंह, रम्मती शिकारी और इंद्राणी शामिल हैं। सभी आरोपी ग्राम मटियारी थाना सीपत क्षेत्र की निवासी बताई गई हैं।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर विधिसम्मत कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही आरोपियों से पूछताछ कर गांजा तस्करी के नेटवर्क और अन्य संलिप्त लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है।

वन विभाग की टीम पर हमला, डिप्टी डायरेक्टर से धक्का-मुक्की


धमतरी। 
TODAY छत्तीसगढ़  /  धमतरी जिले के अंतिम छोर पर बसे जैतपुरी गांव में सोमवार को वन विभाग की टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। इस दौरान उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर वरुण जैन के साथ धक्का-मुक्की की गई, जबकि कई वनकर्मियों के साथ मारपीट कर उनकी वर्दियां फाड़ दी गईं। घटना का वीडियो भी सामने आया है।

जानकारी के मुताबिक उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र में पेड़ कटाई और अवैध कब्जों के बढ़ते मामलों को लेकर प्रशासन द्वारा कार्रवाई की जा रही थी। इसी सिलसिले में 166 ग्रामीणों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर नोटिस जारी किए गए थे। कुछ ग्रामीणों ने नोटिस का जवाब दिया था, लेकिन उनके बयान दर्ज नहीं हो सके थे।

सोमवार को वन विभाग की टीम बयान दर्ज करने और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जैतपुरी गांव पहुंची थी। कार्रवाई के दौरान टीम ने 4 आरोपियों को हिरासत में लिया, जिसके बाद गांव में तनाव बढ़ गया। आरोप है कि ग्रामीणों ने महिलाओं को आगे कर वन अमले को घेर लिया और टीम पर हमला कर दिया। घटना में डिप्टी डायरेक्टर वरुण जैन के साथ धक्का-मुक्की की गई, वहीं कई वनकर्मियों को चोटें आई हैं। महिला वनकर्मियों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है।

डिप्टी डायरेक्टर वरुण जैन ने बताया कि 166 अतिक्रमणकारियों की गिरफ्तारी के लिए टीम गांव गई थी। 4 लोगों को पकड़ने के बाद ग्रामीण उग्र हो गए और हाथापाई शुरू कर दी। उन्होंने बताया कि बाकी 162 ग्रामीणों ने 5 दिन बाद सरेंडर करने की बात कही है। मामले में वन विभाग ने सिहावा थाने में शासकीय कार्य में बाधा और मारपीट की शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है। 

© all rights reserved TODAY छत्तीसगढ़ 2018
todaychhattisgarhtcg@gmail.com