प्रेम प्रसंग में पति बना बाधा, पत्नी ने प्रेमी संग रची हत्या की साजिश


बिलासपुर। 
 TODAY छत्तीसगढ़  /  सिरगिट्टी थाना पुलिस ने बहुचर्चित हत्या प्रकरण में फरार चल रहे मुख्य आरोपी को झारखंड से गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी ने अपनी प्रेमिका और उसके अन्य साथियों के साथ मिलकर महिला के पति की गला घोंटकर और चाकू से वार कर निर्मम हत्या कर दी थी। घटना के बाद आरोपी झारखंड भाग गया था, जिसे तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार आरोपी सुगड़ टोप्पनो (27 वर्ष) निवासी रंगामाटी, जिला रांची (झारखंड) को झारखंड से गिरफ्तार किया गया है। वह घटना के बाद से लगातार फरार चल रहा था।

मामले में मृतक के भाई ने थाना सिरगिट्टी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी भाभी पूनम लोमड़ा 18 मई को पति विनोद लोमड़ा को राउरकेला में पैसा दिलाने का बहाना बनाकर घर से ले गई थी। 20 मई को अकेले लौटने पर उसने बताया कि विनोद राउरकेला में काम करने रुक गया है।

पुलिस पूछताछ में पूनम ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए बताया कि उसने अपने प्रेमी सुगड़ टोप्पनो और अन्य साथियों के साथ मिलकर विनोद की हत्या की साजिश रची थी। आरोपियों ने विनोद को झारखंड से लोकल ट्रेन में बैठाकर बिलासपुर रेलवे स्टेशन के आगे रेलवे ट्रैक के पास ले गए, जहां 19 मई की सुबह गमछे से गला घोंटने और चाकू से गला रेतकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को रेलवे पटरी किनारे पानी भरे कीचड़ में फेंक दिया गया।

पहले पत्नी गिरफ्तार, अब प्रेमी भी पहुंचा सलाखों के पीछे

घटना सामने आने के बाद पुलिस ने पत्नी पूनम लोमड़ा को तत्काल गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जबकि उसका प्रेमी सुगड़ टोप्पनो फरार हो गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देश पर विशेष टीम गठित कर झारखंड रवाना की गई। तकनीकी जांच और लगातार पतासाजी के बाद पुलिस टीम ने आरोपी को रांची क्षेत्र से हिरासत में लिया और बिलासपुर लाकर विधिवत गिरफ्तार किया। आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच

पुलिस का कहना है कि हत्या में शामिल अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। प्रकरण से जुड़े सभी पहलुओं पर विवेचना जारी है।

मोहल्ले में हंगामे के बाद अर्धनग्न युवती को छोड़ युवक भागा, बाइक बरामद


कोरबा। 
 TODAY छत्तीसगढ़  /  शहर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस जांच में जुट गई है। मामला एक महिला और एक युवक से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसके संबंध में स्थानीय लोगों ने पुलिस से शिकायत की है।

जानकारी के अनुसार, महिला अपने परिवार के साथ रिसदा बस्ती क्षेत्र में रहती है। गुरुवार को एक युवक उसके घर पहुंचा था। इसी दौरान कुछ स्थानीय लोगों ने आपत्ति जताते हुए घटना की सूचना अन्य लोगों को दी। बाद में किसी व्यक्ति द्वारा बनाया गया वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दिया गया, जिससे क्षेत्र में चर्चा का माहौल बन गया।

बताया जा रहा है कि हंगामे के दौरान युवक अपनी मोटरसाइकिल छोड़कर मौके से चला गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और वाहन को अपने कब्जे में ले लिया। वाहन नंबर के आधार पर युवक की पहचान करने और उससे पूछताछ की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। स्थानीय लोगों ने पुलिस से मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

सिविल लाइन क्षेत्र के नगर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) ने बताया कि मामले की जांच जारी है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी वीडियो या निजी सामग्री को बिना सत्यापन के साझा न करें और कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें। 


घर का ताला तोड़कर लाखों के जेवर चोरी, विशाल अग्रवाल गिरफ्तार

बिलासपुर।  TODAY छत्तीसगढ़  /  सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में सूने मकान का ताला तोड़कर सोना-चांदी के जेवर चोरी करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मामले में चोरी के जेवर खरीदने वाले एक सोनार के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लगभग डेढ़ लाख रुपये मूल्य के सोना-चांदी के आभूषण बरामद किए हैं।

पुलिस के अनुसार प्रार्थी 13 मई को अपनी सास की तबीयत खराब होने की सूचना मिलने पर पत्नी के साथ राजिम चला गया था। इस दौरान उसने अपने किराये के मकान में ताला लगा दिया था। 19 मई की शाम मोहल्ले के लोगों ने फोन कर बताया कि उसके मकान का ताला टूटा हुआ है।

सूचना मिलने पर वह तत्काल बिलासपुर लौटा और घर पहुंचकर देखा कि मुख्य दरवाजे का ताला टूटा हुआ है। कमरे में रखी अलमारी की जांच करने पर सोना-चांदी के जेवर गायब मिले। इसके बाद प्रार्थी ने थाना सिरगिट्टी में शिकायत दर्ज कराई।

जांच के दौरान पुलिस ने संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की और मिशन सिक्योर सिटी के तहत लगाए गए सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी विशाल अग्रवाल को रायपुर से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने चोरी करना स्वीकार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से सोना-चांदी के जेवर बरामद किए, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 1.50 लाख रुपये बताई गई है।

विवेचना के दौरान यह भी सामने आया कि चोरी के कुछ जेवर सरकंडा निवासी सोनार राजेश सोनी को बेचे गए थे। पुलिस ने उसके कब्जे से सोने के कान के टॉप्स, मांगटीका और अंगूठी बरामद कर जप्त कर ली है। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है और चोरी के पूरे नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है।


डेढ़ माह के मासूम की चीख सुन दौड़ी पुलिस, दिल छू लेगी पूरी कहानी


रायगढ़।
  TODAY छत्तीसगढ़  /  रायगढ़ रेलवे स्टेशन के बाहर 19 मई की शाम एक ऐसा घटनाक्रम सामने आया जिसने मौजूद लोगों को झकझोर कर रख दिया। करीब डेढ़ माह का एक मासूम बच्चा एक महिला की बेरहमी का शिकार हो रहा था। महिला लगातार बच्चे को मार रही थी और उसकी चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद लोग उसे बचाने के लिए आगे आए, लेकिन वह किसी की बात सुनने को तैयार नहीं हुई। आखिरकार लोगों ने तत्काल कोतवाली पुलिस को सूचना दी।

सूचना मिलते ही पेट्रोलिंग टीम में शामिल एएसआई गौतम ठाकुर, आरक्षक गणेश पैंकरा और अन्य पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने बच्चे को महिला के चंगुल से सुरक्षित निकालकर अपने संरक्षण में लिया। पूछताछ में महिला ने बच्चे को खरसिया से ट्रेन में लेकर आने की बात कही, लेकिन उसके व्यवहार और जवाबों से पुलिस को मामला संदिग्ध लगा।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बच्चे को तत्काल उपचार के लिए केजीएच अस्पताल भेजा गया। थाना कोतवाली की महिला आरक्षक अनिता बेक ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे मातृ-शिशु वार्ड में भर्ती कराया और उसकी देखरेख की जिम्मेदारी संभाली। वहीं महिला को पूछताछ के लिए थाने लाया गया, जहां उसके असंगत व्यवहार को देखते हुए मानसिक स्थिति सामान्य नहीं होने की आशंका जताई गई। बाद में उसे सखी सेंटर में रखा गया।

कोतवाली पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए महिला की पहचान और उसके परिजनों का पता लगाया। जांच में सामने आया कि महिला इंदिरा नगर क्षेत्र की रहने वाली है। उसके पति ने पुलिस को बताया कि उसकी पत्नी समय-समय पर मानसिक अस्थिरता का सामना करती है। पूछताछ में यह भी स्पष्ट हुआ कि बच्चा उसी दंपति का पुत्र है।

पुलिस ने बच्चे की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उसे अस्पताल में भर्ती रखा। 26 मई को डिस्चार्ज के दौरान अस्पताल प्रबंधन ने बच्चे को महिला आरक्षक अनिता बेक के सुपुर्द किया, जिन्होंने भर्ती से लेकर उपचार तक उसकी देखभाल की थी। थाना प्रभारी सुखनंदन पटेल के निर्देशन में बच्चे को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

बाल कल्याण समिति ने माता-पिता, दादी और नानी की काउंसलिंग कर पूरे मामले की समीक्षा की और बच्चे को अस्थायी रूप से उसके पिता के सुपुर्द कर दिया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए समिति ने 29 मई को पुनः परिजनों को काउंसलिंग और अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं के लिए बुलाया है।

इस पूरे घटनाक्रम में रायगढ़ पुलिस ने केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी ही नहीं निभाई, बल्कि एक संवेदनशील संरक्षक की भूमिका निभाते हुए मासूम बच्चे को संभावित गंभीर नुकसान से बचाया। महिला आरक्षक अनिता बेक की संवेदनशीलता और पुलिस टीम की तत्परता की भी व्यापक सराहना हो रही है।

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