सोते परिवार पर धारदार हथियार से हमला, घर के अंदर मिला चार लोगों का शव


जांजगीर-चांपा।
  TODAY छत्तीसगढ़  / शिवरीनारायण थाना क्षेत्र के भंवतरा गांव में एक ही परिवार के चार लोगों की निर्मम हत्या से सनसनी फैल गई है। अज्ञात हमलावरों ने देर रात घर में घुसकर धारदार हथियार से हमला कर बुजुर्ग दंपती, उनके नाती और नातिन की हत्या कर दी।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मृतक परिवार रात में भोजन करने के बाद घर में सो रहा था। इसी दौरान अज्ञात बदमाश घर में घुसे और टांगी समेत अन्य धारदार हथियारों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमले में चारों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी गुरुवार सुबह तब हुई, जब घर के भीतर कोई हलचल नहीं दिखी। आसपास के लोग जब घर पहुंचे तो अंदर का दृश्य देखकर दंग रह गए। इसके बाद ग्रामीणों ने तत्काल सरपंच और पुलिस को सूचना दी। 

मृतकों की पहचान मेदनी प्रसाद कश्यप (70), उनकी पत्नी कांती बाई (65), नातिन मोगरा (25) और नाती पीतांबर (17) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि चारों एक ही घर में रहते थे। घटना की गंभीरता को देखते हुए छत्तीसगढ़ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड को मौके पर बुलाया गया है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और हत्या के कारणों की जांच में जुटी हुई है।

ग्रामीणों के अनुसार मृतक मेदनी प्रसाद कश्यप के एक बेटे की करीब 16-17 साल पहले भी हत्या हो चुकी थी। ऐसे में इस हत्याकांड के पीछे पुरानी रंजिश की आशंका जताई जा रही है। हालांकि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत और मातम का माहौल है।

जायसवाल ढाबा से भारी मात्रा में अवैध शराब जब्त, संचालक गिरफ्तार

बिलासपुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  / सरकंडा पुलिस ने अवैध शराब कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए मोपका स्थित जायसवाल ढाबा से भारी मात्रा में देशी और अंग्रेजी शराब जब्त की है। मामले में ढाबा संचालक रविशंकर उर्फ रवि जायसवाल (35 वर्ष) निवासी सिरगिट्टी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

जानकारी के अनुसार 13 मई की रात थाना सरकंडा पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि छठघाट रोड स्थित ‘जायसवाल ढाबा’ में अवैध रूप से शराब का भंडारण कर लोगों को शराब पिलाई जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने गवाहों के साथ ढाबे की घेराबंदी कर दबिश दी। पुलिस को देखते ही वहां शराब पी रहे कई लोग मौके से फरार हो गए। पुलिस ने मौके पर मौजूद ढाबा संचालक रविशंकर उर्फ रवि जायसवाल को हिरासत में लेकर पूछताछ की।

तलाशी के दौरान ढाबे से 50 पाव देशी प्लेन शराब, सिम्बा कंपनी की 10 बियर, एक बडवाइजर बियर और सिग्नेचर कंपनी की अंग्रेजी शराब बरामद की गई। इसके अलावा शराब पिलाने में इस्तेमाल प्लास्टिक डिस्पोजल और खुली शराब की बोतलें भी जब्त की गईं। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आबकारी एक्ट की धारा 34(2) और 36(C) के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।



लाखों के जेवर चोरी करने वाले गिरोह का खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार


रायगढ़।
  TODAY छत्तीसगढ़  /  चक्रधरनगर पुलिस ने सूने मकान में ताला तोड़कर लाखों रुपये के सोने-चांदी के जेवरात चोरी करने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी का माल, नगदी, दो स्कूटी और वारदात में इस्तेमाल औजार बरामद किए हैं।

जानकारी के अनुसार संतोष कुमार देवांगन निवासी विनोबा नगर ने 9 मई को थाना चक्रधरनगर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 8 मई को वह परिवार के साथ रिश्तेदारी में गया था। इसी दौरान अज्ञात आरोपी मकान का ताला तोड़कर अंदर घुस गए और अलमारी व खिड़की तोड़कर सोने-चांदी के जेवर चोरी कर फरार हो गए। चोरी गए सामान की कीमत करीब 70 हजार रुपये बताई गई थी।

मामले में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई। विवेचना के दौरान मुखबिर सूचना और तकनीकी इनपुट के आधार पर पुलिस ने रोशन सिंह, शिवा सोनी और धरमदास महंत उर्फ प्रेम को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपियों ने चोरी की वारदात कबूल कर ली। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने सोना जैसी धातु, चांदी के गलाए हुए टुकड़े, नगदी रकम, टूटा ताला, वारदात में प्रयुक्त टीवीएस एनटॉर्क स्कूटी और एक्टिवा वाहन समेत चोरी का सामान गलाने में इस्तेमाल सामग्री बरामद की।

जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपियों ने पुलिस से बचने के लिए चोरी किए गए जेवरों को गलाकर उनका स्वरूप बदल दिया था। कुछ सामान केलो नदी में फेंककर साक्ष्य मिटाने की भी कोशिश की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संगठित अपराध और साक्ष्य विलोपित करने से संबंधित अतिरिक्त धाराएं भी जोड़ दी हैं। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

पुलिस ने ऑनलाइन सट्टा सिंडिकेट का किया भंडाफोड़, 1 करोड़ से ज्यादा कैश जब्त


रायगढ़। 
 TODAY छत्तीसगढ़  / रायगढ़ पुलिस ने ऑनलाइन क्रिकेट सट्टेबाजी और उससे जुड़े आर्थिक अपराधों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये के संगठित सट्टा सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने तीन प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 1 करोड़ 2 लाख 81 हजार 300 रुपये नकद, नोट गिनने की मशीन, मोबाइल फोन और अन्य सामग्री जब्त की है।

पुलिस के अनुसार यह नेटवर्क केवल ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके जरिए ब्लैक मनी, हवाला कारोबार और अवैध आर्थिक लेनदेन का बड़ा तंत्र संचालित किया जा रहा था। 

26 अप्रैल की कार्रवाई से खुला नेटवर्क

मामले की शुरुआत 26 अप्रैल को हुई, जब साइबर सेल, थाना कोतवाली और घरघोड़ा पुलिस की संयुक्त टीम ने रायगढ़ और घरघोड़ा क्षेत्र में ऑनलाइन आईपीएल सट्टा नेटवर्क पर एक साथ दबिश दी थी। उस कार्रवाई में छह आरोपियों को गिरफ्तार कर मोबाइल फोन और नगदी जब्त की गई थी।

पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपियों ने रायगढ़ के बड़े खाईवाल करन चौधरी और जसमीत सिंह बग्गा उर्फ गुड्डा सरदार के नाम का खुलासा किया। इसके बाद पुलिस ने डिजिटल ट्रांजेक्शन, कॉल डिटेल, चैट रिकॉर्ड और फाइनेंशियल ट्रेल के आधार पर जांच तेज की। 

हवाला और ब्लैक मनी का खुलासा

जांच में सामने आया कि आरोपी करन चौधरी रायगढ़, सक्ती, रायपुर, बिलासपुर से लेकर दिल्ली तक फैले नेटवर्क के जरिए ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालित कर रहा था। सट्टे से आने वाली रकम को सीधे रखने के बजाय पेट्रोल पंप, मेडिकल स्टोर और अन्य व्यावसायिक चैनलों के माध्यम से कैश डंप किया जाता था, जिसे बाद में हवाला नेटवर्क के जरिए आगे भेजा जाता था। पुलिस जांच में पुष्कर अग्रवाल और उसके पिता सुनील कुमार अग्रवाल की भूमिका भी सामने आई। दोनों पर सट्टे की ब्लैक मनी को हवाला के जरिए व्हाइट करने का आरोप है।

फ्लैट से मिला करोड़ों का कैश

पुलिस ने कृष्ण प्राइड टावर स्थित फ्लैट में छापा मारकर सुनील अग्रवाल के कब्जे से 50 लाख रुपये नकद, नोट गिनने की मशीन और मोबाइल फोन बरामद किया। वहीं पुष्कर अग्रवाल के कब्जे से 52 लाख 60 हजार रुपये नकद और दो मोबाइल जब्त किए गए। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 1 करोड़ 3 लाख 86 हजार 300 रुपये की संपत्ति जब्त की है। 

संगठित अपराध की धारा भी जोड़ी गई

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी अपने निजी बैंक खातों का इस्तेमाल करने के बजाय कर्मचारियों और परिचितों के खातों तथा मोबाइल नंबरों का उपयोग करते थे, ताकि जांच एजेंसियों से बचा जा सके। शशि मोहन सिंह के निर्देशन में चल रही जांच में आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 111 (संगठित अपराध) भी जोड़ी गई है। फरार आरोपी जसमीत सिंह बग्गा उर्फ गुड्डा सरदार की तलाश जारी है। पुलिस का दावा है कि उसकी गिरफ्तारी के बाद नेटवर्क से जुड़े कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

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