TODAY छत्तीसगढ़ / बिलासपुर: असम के नगांव लोकसभा उपचुनाव के प्रचार के दौरान कांग्रेस नेताओं के काफिले पर कथित पथराव के बाद छत्तीसगढ़ में भी सियासी प्रतिक्रिया सामने आई है। कांग्रेस नेताओं ने असम सरकार को बर्खास्त कर वहां राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग को लेकर जिलाधीश के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
21 सितंबर को नगांव उपचुनाव के प्रचार के लिए जा रहे काफिले में पूर्व छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री और असम कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल, AICC सचिव मनोज चौहान, असम कांग्रेस अध्यक्ष एवं सांसद गौरव गोगोई, कांग्रेस प्रत्याशी सिबामोनी बोरा, सांसद रकीबुल हुसैन समेत कई नेता शामिल थे। असम के सामागुरी क्षेत्र के बरमा इलाके में काफिले पर कथित तौर पर पथराव और बोतलें फेंके जाने की घटना सामने आई। कांग्रेस ने इस हमले के लिए बीजेपी समर्थकों को जिम्मेदार ठहराया है।
कांग्रेस ने सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
कांग्रेस का कहना है कि चुनावी कार्यक्रम और संभावित सुरक्षा खतरे की जानकारी पहले से स्थानीय प्रशासन को दी गई थी। पार्टी ने आरोप लगाया कि इसके बावजूद काफिले को पर्याप्त सुरक्षा नहीं मिली।
रिपोर्टों के मुताबिक, घटना के दौरान कुछ वाहनों को नुकसान पहुंचा और कांग्रेस नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई तथा सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। मामले में पुलिस शिकायत भी दर्ज कराई गई है।
असम सरकार को बर्खास्त करने की मांग
ज्ञापन के जरिए कांग्रेस नेताओं ने राष्ट्रपति से असम सरकार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। कांग्रेस का आरोप है कि राज्य सरकार कानून-व्यवस्था और चुनाव के दौरान राजनीतिक दलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की संवैधानिक जिम्मेदारी निभाने में विफल रही है।
इसी आधार पर कांग्रेस ने असम सरकार को बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग रखी है। यह कांग्रेस की राजनीतिक मांग है; इसके औचित्य पर अंतिम संवैधानिक निर्णय संबंधित संवैधानिक संस्थाओं के अधिकार क्षेत्र में आता है।
हमले को लेकर आरोप-प्रत्यारोप
घटना को लेकर कांग्रेस नेताओं ने बीजेपी समर्थकों पर आरोप लगाए हैं। वहीं असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने घटना के लिए कांग्रेस के अंदरूनी मतभेदों को जिम्मेदार बताते हुए कांग्रेस के आरोपों को खारिज किया है।
घटना के संबंध में उपलब्ध रिपोर्टों में पथराव और वाहनों को नुकसान पहुंचने की जानकारी है। हमले में एसिड बोतलें इस्तेमाल किए जाने के कांग्रेस के दावे की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि अभी स्पष्ट नहीं है।
'सड़क से न्यायालय तक लड़ाई'
ज्ञापन सौंपने के बाद प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता अभय नारायण राय ने कहा कि असम में कांग्रेस नेताओं पर हुए हमले को लेकर पार्टी सड़क से लेकर न्यायालय तक लड़ाई लड़ेगी। उन्होंने असम में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी सवाल उठाए।
ज्ञापन सौंपने वालों में अभय नारायण राय, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष जावेद मेमन, जिला पंचायत सदस्य दामोदरकांत, शत्रुहन रात्रे, विनोद गौतम, युवा नेता कैफ मेनन, सैयद लक्की, मोहम्मद नदीम खान समेत अन्य कांग्रेस नेता शामिल रहे।

