बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़ / सोशल मीडिया की मैट्रिमोनियल साइट पर खुद को अविवाहित बताकर महिला को शादी का झांसा देने और नौकरी लगवाने के नाम पर लाखों रुपये के जेवर व नकदी हड़पने के आरोपित को तोरवा पुलिस ने उसकी पत्नी के साथ बल्लभगढ़, हरियाणा से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने पीड़िता से करीब 12 से 13 लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवर और नकदी ली थी। प्रकरण दर्ज होने के बाद से दोनों लगातार ठिकाने बदलकर पुलिस से बच रहे थे।
मैट्रिमोनियल साइट पर हुई थी पहचान
कोरबा निवासी पीड़िता ने 9 मार्च 2026 को थाना तोरवा में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस के मुताबिक, उसकी पहचान सोशल मीडिया की मैट्रिमोनियल साइट 'शादी डॉट कॉम' के माध्यम से पामगढ़ निवासी पवन कुमार यादव से हुई थी।
आरोप है कि पवन ने खुद को अविवाहित बताकर पीड़िता को विश्वास में लिया और शादी का भरोसा देकर उसका दैहिक शोषण किया। इसके बाद नौकरी लगवाने का झांसा देकर उससे नकदी और सोने-चांदी के जेवर लिए। इनकी अनुमानित कीमत करीब 12 से 13 लाख रुपये बताई गई है।
मोबाइल बंद कर हो गया था फरार
मामला दर्ज होने के बाद आरोपी पवन अपने ठिकाने से फरार हो गया। पुलिस ने उसकी तलाश में पामगढ़ और सरकंडा स्थित ससुराल में कई बार दबिश दी, लेकिन उसका मोबाइल बंद मिला। आरोपी लगातार अपनी पत्नी के साथ ठिकाने बदल रहा था।
फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने 5 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था। इसके बाद भी उसका कोई ठोस सुराग नहीं मिल रहा था।
पत्नी के बैंक खाते से मिला अहम सुराग
तोरवा पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के मोबाइल नंबर और बैंक खातों की जांच शुरू की। जांच में पवन के अधिकांश बैंक खाते बंद मिले, लेकिन उसकी पत्नी नवीता यादव के एक बैंक खाते में लेन-देन जारी था।
पुलिस ने खाते के ट्रांजेक्शन की जांच की तो बल्लभगढ़, हरियाणा में राशि निकाले जाने की जानकारी मिली। इसी सुराग के आधार पर पुलिस टीम दिल्ली-हरियाणा क्षेत्र पहुंची और आरोपी की तलाश शुरू की।
च्वाइस सेंटर के सुराग से पहुंची पुलिस
जांच के दौरान पुलिस को उस च्वाइस सेंटर की जानकारी मिली, जहां से आरोपी ने राशि निकाली थी। उपलब्ध तकनीकी और अन्य सुरागों के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंच गई।
पुलिस ने पवन कुमार यादव (34) और उसकी पत्नी नवीता यादव (30) को बल्लभगढ़, हरियाणा से गिरफ्तार किया। दोनों को बिलासपुर लाकर 9 अगस्त को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

