जांजगीर-चांपा: TODAY छत्तीसगढ़ / अक्सर माना जाता है कि क़ानून-व्यवस्था और सुरक्षा बनाए रखने की पूरी ज़िम्मेदारी सिर्फ़ पुलिस की होती है, लेकिन छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा ज़िले में पुलिस ने इस धारणा को बदलते हुए आम नागरिकों, ख़ासकर महिलाओं को इस मुहिम का अहम हिस्सा बनाया है.
ज़िले के नवागढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम गोधना में पुलिस ने "सजग नागरिक, सख़्त प्रहरी" अभियान की शुरुआत की है. इस अभियान के तहत गांव की 56 जागरूक महिलाओं को मिलाकर एक 'महिला कमांडो' टीम का गठन किया गया है. इस टीम का मुख्य मक़सद गांव को अपराध और नशामुक्त बनाना है.
टोपी और सीटी देकर सौंपी गई ज़िम्मेदारी
इस ख़ास मौके पर ज़िले के पुलिस अधीक्षक (SP) विजय कुमार पाण्डेय ख़ुद गोधना गांव पहुंचे और ग्रामीणों के साथ सीधा संवाद किया. उन्होंने नवगठित महिला कमांडो टीम की महिलाओं को टोपी और सीटी (Whistle) का वितरण किया.
महिलाओं का उत्साह बढ़ाने और गांव वालों को जागरूक करने के लिए पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में पूरे गांव में एक जागरूकता रैली भी निकाली गई. इस दौरान महिलाओं ने एकजुट होकर गांव में फैली सामाजिक बुराइयों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाने और एक सुरक्षित माहौल बनाने का संकल्प लिया.
'पुलिस की आंख और कान बनेंगी महिलाएं'
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एसपी विजय कुमार पाण्डेय ने स्पष्ट किया कि किसी भी समाज में अपराधों की रोकथाम केवल पुलिस के दम पर संभव नहीं है. जब तक आम जनता, विशेषकर महिलाएं सक्रिय रूप से भागीदार नहीं बनेंगी, तब तक अपराधमुक्त वातावरण का निर्माण नहीं हो सकता.
उन्होंने महिला कमांडो टीम से अपील की कि यदि उन्हें अपने क्षेत्र में जुआ, सट्टा, अवैध शराब की बिक्री या नशे के कारोबार जैसी किसी भी ग़ैर-क़ानूनी गतिविधि की भनक लगती है, तो वे तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दें. सही समय पर सूचना मिलने से पुलिस तत्काल और प्रभावी कार्रवाई कर सकेगी.
क्या हैं इस अभियान के मुख्य उद्देश्य?
पुलिस के इस 'सजग नागरिक, सख़्त प्रहरी' अभियान के तहत कई दूरगामी लक्ष्य तय किए गए हैं:
महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा और क़ानून-व्यवस्था में एक सक्रिय भागीदार बनाना.
गांवों में जुआ, सट्टा और अवैध शराब जैसे अपराधों पर जनसहयोग के ज़रिए कड़ी चोट करना.
पुलिस और आम नागरिकों (ख़ासकर महिलाओं) के बीच विश्वास, संवाद और सहयोग को मज़बूत करना.
महिलाओं को नेतृत्व करने का मौक़ा देकर उन्हें सामाजिक ज़िम्मेदारियों के निर्वहन के लिए प्रेरित करना.
गांवों में पूरी तरह से अपराधमुक्त, सुरक्षित और जागरूक सामाजिक वातावरण तैयार करना.
गोधना गांव में हुए इस जागरूकता कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक के अलावा नवागढ़ थाना प्रभारी निरीक्षक मणिकांत पाण्डेय, क्षेत्र के जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक भी मौजूद रहे.

