रायपुर/दुर्ग। TODAY छत्तीसगढ़ / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर नकली, अमानक और अवैध उर्वरक-कीटनाशकों के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत दुर्ग जिले के ग्राम चिंगरी (अंडा) में कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। कृषि विभाग के अनुसार, बिना वैध अनुज्ञप्ति के उर्वरक एवं कीटनाशकों के निर्माण, भंडारण और विक्रय के आरोप में दो गोदामों को सील कर बड़ी मात्रा में सामग्री जब्त की गई है।
कृषि विभाग ने बताया कि जिला स्तरीय उड़नदस्ता दल को चंद्राकर किराना स्टोर्स परिसर में अवैध रूप से जैव उत्प्रेरक और कीटनाशकों के निर्माण एवं भंडारण की सूचना मिली थी। निरीक्षण के दौरान गोदाम बंद मिला। विभाग के अनुसार, किरायेदार वरुण त्रिपाठी को मौके पर बुलाया गया, लेकिन सहयोग नहीं मिलने पर मकान मालिक, पंचों और ग्रामीणों की उपस्थिति में पंचनामा तैयार कर गोदाम का ताला खुलवाया गया।
विभाग का दावा है कि निरीक्षण में बिना लाइसेंस जैव उत्प्रेरक एवं कीटनाशकों के निर्माण के लिए कच्चा माल, तैयार उत्पाद, पैकिंग मशीनें और बड़ी मात्रा में रॉ मटेरियल मिला। जांच में उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 तथा कीटनाशक अधिनियम, 1968 के विभिन्न प्रावधानों के उल्लंघन के आरोप सामने आए हैं।
कार्रवाई के दौरान जैव उत्प्रेरक, कीटनाशक, उर्वरक, रसायनों से भरे ड्रम, पैकिंग एवं सीलिंग मशीनों सहित अन्य उपकरण जब्त किए गए। विभाग ने बताया कि सभी सामग्री को संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत जब्त कर गोदामों को सील कर दिया गया है।
कृषि विभाग के अनुसार, संबंधित संचालकों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955, उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 तथा कीटनाशक अधिनियम, 1968 के तहत एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
उप संचालक कृषि संदीप भाई ने कहा कि किसानों के हितों से खिलवाड़ करने, नकली या अमानक कृषि आदानों के निर्माण, कालाबाजारी और अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने किसानों से भी अपील की कि यदि कहीं नकली या निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर उर्वरक अथवा कीटनाशकों की बिक्री की जानकारी मिले तो इसकी शिकायत कृषि विभाग को करें।

