रायपुर। TODAY छत्तीसगढ़ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज बुधवार को महानदी भवन में मंत्रिपरिषद की 53वीं बैठक आयोजित हुई। बैठक में किसानों के लिए उर्वरकों की समयबद्ध उपलब्धता सुनिश्चित करने और अग्निवीरों के पुनर्वास से जुड़े दो महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक के निर्णयों की जानकारी उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने मीडिया को दी। बैठक में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और कृषि मंत्री रामविचार नेताम अपरिहार्य कारणों से अनुपस्थित रहे।
कैबिनेट ने खरीफ और रबी मौसम में किसानों को उर्वरकों की सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा उर्वरक आपूर्ति, वितरण और प्रबंधन से जुड़े मामलों की निगरानी के लिए मंत्रिमंडलीय उप समिति के गठन के प्रस्ताव को मंजूरी दी। समिति के अध्यक्ष उप मुख्यमंत्री अरुण साव होंगे, जबकि कृषि, सहकारिता और वित्त विभाग के कैबिनेट मंत्री इसके सदस्य होंगे। कृषि उत्पादन आयुक्त समिति के संयोजक रहेंगे। समिति आवश्यकता अनुसार विभागीय अधिकारियों, विषय विशेषज्ञों और अन्य संस्थाओं के प्रतिनिधियों से भी सुझाव ले सकेगी।
बैठक में अग्निवीर सैनिकों के पुनर्वास और सम्मानजनक रोजगार के लिए भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। कैबिनेट ने राज्य की तृतीय श्रेणी की सीधी भर्तियों में अग्निवीरों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए 'छत्तीसगढ़ के अग्निवीर सैनिकों के लिए राज्य की सिविल सेवाओं में तृतीय श्रेणी के पदों में रिक्तियों का आरक्षण नियम-2026' को मंजूरी दी।
इस प्रावधान के तहत पुलिस विभाग में आरक्षक, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में वनरक्षक तथा जेल विभाग में प्रहरी के पदों की सीधी भर्ती में अग्निवीरों को 10 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिलेगा। यह सुविधा उन अग्निवीरों को मिलेगी जिन्होंने भारतीय सशस्त्र बलों में चार वर्ष की सेवा पूरी करने के बाद वैध सेवा प्रमाण-पत्र के साथ सेवामुक्ति प्राप्त की होगी।
राज्य सरकार के अनुसार, यह निर्णय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा 26 जुलाई 2024 को विधानसभा में की गई घोषणा के अनुपालन में लिया गया है। सरकार का मानना है कि इससे अग्निवीरों को रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे और उनके प्रशिक्षण, अनुशासन तथा अनुभव का लाभ पुलिस, वन एवं जेल विभाग को भी प्राप्त होगा।

