रायपुर। TODAY छत्तीसगढ़ / छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी (सीएसपीडीसीएल) ने स्मार्ट मीटर को लेकर फैल रही भ्रांतियों के बीच एक अध्ययन जारी करते हुए दावा किया है कि स्मार्ट मीटर बिजली की खपत नहीं बढ़ाते। कंपनी के अनुसार, रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग में स्मार्ट मीटर लगे घरेलू उपभोक्ताओं के मई, जून और जुलाई 2026 के आंकड़ों के विश्लेषण में जुलाई माह के दौरान बिजली खपत में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।
आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, रायपुर शहर में 3.11 लाख से अधिक घरेलू स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के अध्ययन में 1 से 26 जून के बीच लगभग 10.85 करोड़ यूनिट बिजली की खपत दर्ज की गई, जबकि 1 से 26 जुलाई के बीच यह घटकर लगभग 7.77 करोड़ यूनिट रह गई। कंपनी का दावा है कि यह करीब 28 प्रतिशत की कमी है। वहीं 400 यूनिट से अधिक बिजली खपत वाले 1.21 लाख से अधिक उपभोक्ताओं में लगभग 44 प्रतिशत खपत घटने का दावा किया गया है।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, दुर्ग में 400 यूनिट से अधिक खपत वाले 240 स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के अध्ययन में जुलाई में कुल 76,257 यूनिट खपत दर्ज की गई, जबकि जून में यह 1,65,411 यूनिट और मई में 1,75,451 यूनिट थी। कंपनी के अनुसार, यहां जुलाई में लगभग 53 प्रतिशत कमी दर्ज हुई।
इसी प्रकार बिलासपुर सिटी सर्किल के 9,717 स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के अध्ययन में मई में औसत खपत 524 यूनिट, जून में 596 यूनिट और जुलाई में घटकर 312 यूनिट दर्ज होने का दावा किया गया है, जो लगभग 43 प्रतिशत की कमी दर्शाता है।
पावर कंपनी का कहना है कि अधिक बिजली खपत का कारण स्मार्ट मीटर नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं द्वारा एयर कंडीशनर और अन्य विद्युत उपकरणों का अधिक उपयोग है। कंपनी ने यह भी दावा किया है कि जिन घरों में अभी स्मार्ट मीटर नहीं लगे हैं, वहां भी मई और जून में पिछले वर्ष की तुलना में खपत अधिक रही, जबकि जुलाई में कमी दर्ज हुई।
कंपनी के अनुसार, उपभोक्ताओं की शिकायतों के समाधान के लिए अब तक 4,500 चेक मीटर लगाए गए हैं और इनमें दर्ज खपत स्मार्ट मीटर की रीडिंग के समान पाई गई है। साथ ही बताया गया है कि उपभोक्ता 'मोर बिजली' ऐप के माध्यम से स्मार्ट मीटर की दैनिक तथा प्रत्येक आधे घंटे की बिजली खपत देख सकते हैं।
पावर कंपनी ने यह भी जानकारी दी है कि स्वीकृत भार से अधिक उपयोग के कारण लगने वाली सप्लाई अफोर्डिंग राशि की वसूली की व्यवस्था में बदलाव किया गया है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, अब यह राशि वर्ष में केवल एक बार दिसंबर माह के बिल (जो जनवरी में जारी होगा) में देय होगी।
कंपनी ने उपभोक्ताओं से स्मार्ट मीटर संबंधी भ्रामक जानकारी पर विश्वास नहीं करने और किसी भी शिकायत या शंका के समाधान के लिए टोल फ्री नंबर 1912 पर संपर्क करने की अपील की है।
( ऊपर फोटो थंबनेल सांकेतिक है, खबर के डाटा से इसका कोई सरोकार नहीं है। )

