TODAY छत्तीसगढ़ / नए आपराधिक कानूनों के तहत अपराधों की विवेचना को और अधिक वैज्ञानिक, तकनीक आधारित एवं पारदर्शी बनाने की दिशा में बिलासपुर पुलिस को बड़ी तकनीकी सौगात मिली है। पुलिस मुख्यालय की पहल पर जिले के विवेचकों को 208 मोबाइल डेटा टर्मिनल (MDT) डिवाइस उपलब्ध कराए गए हैं। इन उपकरणों के जरिए अब विवेचक घटनास्थल से ही डिजिटल साक्ष्य सीधे सीसीटीएनएस (CCTNS) पोर्टल पर अपलोड कर सकेंगे।
बिलासपुर में आयोजित कार्यक्रम में पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) रामगोपाल गर्ग एवं डीआईजी/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने विवेचकों को एमडीटी डिवाइस वितरित किए। इस अवसर पर अधिकारियों ने कहा कि नए आपराधिक कानूनों में इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल साक्ष्यों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो गई है। ऐसे में आधुनिक तकनीकी संसाधनों से विवेचकों को सशक्त बनाना समय की आवश्यकता है।
अब तक विवेचकों को घटनास्थल पर फोटो, वीडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्य संकलित करने के लिए अपने निजी मोबाइल फोन का उपयोग करना पड़ता था। इससे मेमोरी फुल होने, डेटा सुरक्षित रखने और तकनीकी व्यवधान जैसी समस्याएं सामने आती थीं। नए एमडीटी डिवाइस मिलने के बाद इन परेशानियों से राहत मिलेगी और डिजिटल साक्ष्यों का सुरक्षित एवं व्यवस्थित संकलन संभव होगा।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, विवेचक अब घटनास्थल से ही फोटो, वीडियो, लोकेशन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को तत्काल ई-साक्ष्य (e-Sakshya) प्रणाली के माध्यम से सीधे सीसीटीएनएस पोर्टल पर अपलोड कर सकेंगे। इससे साक्ष्यों की प्रमाणिकता भी बनी रहेगी और विवेचना की गति में उल्लेखनीय तेजी आएगी।
अधिकारियों ने बताया कि तकनीक आधारित इस व्यवस्था से जांच अधिक प्रभावी होगी, आरोप पत्र समय पर न्यायालय में प्रस्तुत किए जा सकेंगे और अपराधियों को शीघ्र एवं प्रभावी दंड दिलाने में भी मदद मिलेगी। यह पहल नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन और डिजिटल पुलिसिंग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।


