TODAY छत्तीसगढ़ / छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में सड़क हादसों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस ने यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के ख़िलाफ़ सख़्त अभियान चलाया है.
पुलिस के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक़, बीते महज़ पांच महीनों में शराब पीकर गाड़ी चलाने वाले 2,021 चालकों पर क़ानूनी कार्रवाई की गई है. इसके साथ ही, गंभीर रूप से ट्रैफ़िक नियमों को तोड़ने वाले 1,000 से अधिक लोगों के ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड (निलंबित) किए गए हैं.
शाम 6 से रात 12 बजे के बीच सबसे ज़्यादा हादसे
बिलासपुर यातायात पुलिस ने सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों की समीक्षा भी की है. इस समीक्षा में यह बात सामने आई है कि शहर में सबसे ज़्यादा सड़क हादसे शाम 6:00 बजे से लेकर रात 12:00 बजे के बीच होते हैं.
पुलिस के मुताबिक़, इन हादसों की मुख्य वजहें तेज़ रफ़्तार, लापरवाही से गाड़ी चलाना और नशे की हालत में ड्राइविंग करना है. वहीं, दोपहिया वाहनों पर हेलमेट न पहनना और कारों में सीट बेल्ट न लगाना हादसों में जान जाने का सबसे बड़ा कारण बन रहा है. हादसों के इस 'पीक टाइम' को देखते हुए पुलिस रात के वक़्त विशेष चेकिंग अभियान चला रही है.
नशे में ड्राइविंग पर न्यायालय में पेशी
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) रजनेश सिंह के निर्देशों के तहत शहर में शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों (मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185) के चालान सीधे न्यायालय में पेश किए जा रहे हैं, जहाँ उन पर भारी जुर्माना लगाया जा रहा है.
इसके अलावा आईटीएमएस (ITMS) कैमरों के ज़रिए सिग्नल तोड़ने, बिना हेलमेट घूमने, ग़लत दिशा (रॉन्ग साइड) में चलने और मोबाइल पर बात करते हुए गाड़ी चलाने वालों के ऑनलाइन ई-चालान भी काटे जा रहे हैं. पुलिस मुख्यालय के निर्देशों के तहत आदतन नियम तोड़ने वालों के लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई भी तेज़ कर दी गई है.
हुड़दंग और स्टंट करने वालों पर पैनी नज़र
शहर के प्रमुख चौराहों पर स्टॉपर लगाकर पुलिस मुस्तैदी से चेकिंग कर रही है. ख़ास तौर पर ट्रिपल सवारी, स्टंट करने, मॉडिफ़ाइड साइलेंसर और प्रेशर हॉर्न का इस्तेमाल करने वाले चालकों पर सख़्त निगरानी रखी जा रही है. यातायात पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे सड़क पर हमेशा धैर्य और सतर्कता के साथ गाड़ी चलाएं और सुरक्षा मानकों का पालन करें.
