TODAY छत्तीसगढ़ / छत्तीसगढ़ के कोरिया ज़िले के बैकुंठपुर स्थित रक्षित केंद्र (रिजर्व पुलिस लाइन) में पुलिस और नगर सेना (होमगार्ड) के जवानों के लिए एक विशेष तनाव और नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया.
इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के तौर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय (माउंट आबू, राजस्थान) से आए प्रतिनिधियों ने जवानों को संबोधित किया और उन्हें मानसिक दबाव से उबरने के व्यावहारिक तरीक़े बताए.
तनाव मुक्त जीवन और सफलता पर चर्चा
बुधवार को आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यालय माउंट आबू से आए ब्रह्मा कुमार हितेश टुटेजा और ब्रह्मा कुमार दत्ता रोकड़े प्रमुख वक्ता रहे.
मुख्य संदेश: वक्ताओं ने मनुष्य के जीवन चक्र और उसमें घटने वाली विविध घटनाओं का उदाहरण देते हुए जवानों को प्रेरित किया.
सकारात्मक सोच: उन्होंने बताया कि पुलिस सेवा की व्यस्त और चुनौतीपूर्ण जीवनशैली के बीच किस तरह सकारात्मक सोच के साथ तनाव मुक्त रहा जा सकता है, सफलता की ओर बढ़ा जा सकता है और समाज व देशहित में अपनी भूमिका का बेहतर निर्वहन किया जा सकता है.
प्रशासनिक और संस्थागत उपस्थिति
यह कार्यक्रम ज़िला पुलिस अधीक्षक (SP) के निर्देशानुसार और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) डॉ. सुरेशा चौबे के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया था. कार्यशाला के दौरान पुलिस विभाग और ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के कई प्रमुख लोग उपस्थित रहे, जिनमें मुख्य रूप से ब्रह्म कुमारी रेखा बहन (संचालिका, बैकुंठपुर इकाई) के साथ आशा बहन, रूपा बहन और संजू बहन, नीतीश आर. नायर (रक्षित निरीक्षक), शीतल सिदार (निरीक्षक) और पुलिस अधीक्षक कार्यालय के समस्त स्टाफ और सुरक्षा बल के जवान शामिल हैं.
वन विभाग और पुलिस प्रशासन के अधिकारियों के मुताबिक़, इस तरह के कार्यक्रमों का उद्देश्य सुरक्षाकर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाना है ताकि वे अपनी ड्यूटी को अधिक प्रभावशीलता और संवेदनशीलता के साथ पूरा कर सकें.
