TODAY छत्तीसगढ़ / बिलासपुर ज़िले के बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में कथित अवैध रेत, मुरुम और मिट्टी खनन के मामलों को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी तेज़ हो गई है.
कांग्रेस नेता अंकित गौरहा ने स्थानीय प्रशासन और राज्य की बीजेपी (BJP) सरकार पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि बार-बार शिकायत किए जाने के बावजूद अवैध खनन पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है.
नदियों के बाद अब जंगलों में अवैध खनन का दावा
कांग्रेस नेता अंकित गौरहा के मुताबिक़, बेलतरा क्षेत्र के प्राकृतिक संसाधनों का बड़े पैमाने पर दोहन हो रहा है. उन्होंने इस संबंध में कई विशिष्ट इलाक़ों का ज़िक्र किया:
रेत उत्खनन: कछार, सेंदरी और लोफंदी जैसे ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले कई वर्षों से कथित तौर पर अवैध रेत का खनन जारी है. इन मामलों को लेकर पहले भी कई बार ज्ञापन सौंपे गए और जनआंदोलन किए गए हैं.
मुरुम और मिट्टी खनन: हालिया घटनाक्रम का हवाला देते हुए कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि अब ग्राम पंचायत खैरा-डंगनिया के सागौन (Teak) जंगल में पेड़ों को काटकर अवैध रूप से मुरुम का उत्खनन किया जा रहा है.
'जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की मिलीभगत'
अंकित गौरहा ने सीधे तौर पर सत्ताधारी दल के नेताओं पर इस अवैध कारोबार में शामिल होने का आरोप लगाया है.
उन्होंने मीडिया से चर्चा में कहा, "शिकायतों के बाद भी कार्रवाई न होना यह साबित करता है कि भारतीय जनता पार्टी के स्थानीय नेताओं को सत्ता का संरक्षण प्राप्त है. जनप्रतिनिधियों और ज़िम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियों की कथित मिलीभगत के कारण ही बेलतरा की प्राकृतिक संपदा, खेतों, तालाबों और यहाँ तक कि जंगलों को भी नुक़सान पहुँचाया जा रहा है."
विपक्ष का कहना है कि यह मामला सिर्फ़ नियमों के उल्लंघन का नहीं है, बल्कि पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा एक बेहद गंभीर विषय है.
फ़िलहाल, कांग्रेस नेता के इन आरोपों पर सत्ताधारी दल (बीजेपी) या ज़िला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या खंडन सामने नहीं आया है.

