TODAY छत्तीसगढ़ / छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में अरपापार क्षेत्र को एक स्वतंत्र नगर निगम बनाने की मांग को लेकर स्थानीय नागरिकों और संगठनों का विरोध तेज़ हो गया है.
'नागरिक सुरक्षा मंच' के नेतृत्व में अरपापार के विभिन्न सामाजिक और व्यापारिक संगठनों द्वारा आज यानी गुरुवार (25 जून) शाम 5 बजे बिलासपुर के सीपत चौक पर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया जाएगा.
क्या है प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग?
स्थानीय नागरिकों और मंच से जुड़े पदाधिकारियों की मुख्य मांग है कि तेज़ी से विकसित हो रहे अरपापार क्षेत्र को बिलासपुर नगर निगम से अलग कर एक स्वतंत्र 'अरपापार नगर निगम' का दर्जा दिया जाए. संगठनों का तर्क है कि भौगोलिक और आबादी के दृष्टिकोण से इस क्षेत्र का अलग निगम बनना यहाँ के सुनियोजित विकास के लिए आवश्यक है.
'30 सालों से की जा रही है उपेक्षा'
नागरिक सुरक्षा मंच के संयोजक अमित तिवारी ने इस आंदोलन की पृष्ठभूमि के बारे में बताते हुए कहा कि यह मांग नई नहीं है, बल्कि इसके लिए पिछले तीन दशकों से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं.
मंच के संयोजक अमित तिवारी का आरोप है, "अरपापार के नागरिक पिछले तीस वर्षों से पृथक नगर निगम के गठन के लिए संघर्ष कर रहे हैं. इसके बावजूद, मौजूदा सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा इस मांग की लगातार उपेक्षा की जा रही है. इस प्रशासनिक और राजनीतिक अनदेखी के कारण नए शहर के रूप में उभर रहे इस क्षेत्र के विकास को रोकने का प्रयास किया जा रहा है, जिसका स्थानीय जनता कड़ा विरोध करेगी."
आयोजकों के मुताबिक़, आज शाम होने वाले इस प्रदर्शन में अरपापार क्षेत्र के व्यापारी, विभिन्न समाजों के प्रतिनिधि, युवा और आम नागरिक बड़ी संख्या में हिस्सा लेकर अपनी आवाज़ बुलंद करेंगे. इसमें अरपा अर्पण महाभियान के संस्थापक श्री श्याम मोहन दुबे, पंडित गौरव तिवारी, गुड्डा मिश्रा भागीदारी भी प्रमुखता से रहेगी।
