रायगढ़। TODAY छत्तीसगढ़ / जिले में फरार आरोपियों और वारंटियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन क्लीन हंट’ के तहत तमनार पुलिस ने बहुचर्चित हुंकराडीपा ट्रेलर लूटकांड के फरार आरोपी अजय गोस्वामी (32) को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और उसके खिलाफ न्यायालय से गिरफ्तारी वारंट जारी था।
पुलिस के अनुसार अजय गोस्वामी अपने पिता, भाइयों और अन्य साथियों के साथ मिलकर नौ सदस्यीय गिरोह का हिस्सा था। गिरोह ने अगस्त 2025 में पांच ट्रेलर वाहनों की लूट की थी और उन्हें ओडिशा ले जाकर छिपा दिया था। घटना के 24 घंटे के भीतर रायगढ़ पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि अजय गोस्वामी और एक अन्य आरोपी फरार हो गए थे।
दो बार दबिश के बाद भी बचता रहा
तमनार पुलिस ने आरोपी की तलाश में पूर्व में दो बार उसके कोरबा स्थित निवास पर दबिश दी थी, लेकिन वह हर बार पुलिस को चकमा देने में सफल रहा। एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी तथा एसडीओपी सिद्धांत तिवारी के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे अभियान के दौरान मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया।
मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी अपने गांव आया हुआ है। सूचना मिलते ही तमनार थाना प्रभारी निरीक्षक प्रशांत राव के नेतृत्व में पुलिस टीम कोरबा पहुंची और आरोपी को उसके घर से गिरफ्तार कर रायगढ़ ले आई। पूछताछ में आरोपी ने अपराध में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है।
ऐसे हुई थी वारदात
पुलिस के अनुसार 18 अगस्त 2025 को संजय पटेल ने तमनार थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसने एसबीआई कोरबा शाखा से नीलामी में चार ट्रेलर वाहन खरीदे थे। उसी रात हुंकराडीपा क्षेत्र में बदमाशों ने एक ट्रेलर वाहन लूट लिया और चालक समेत अन्य ड्राइवरों से मारपीट कर उनके मोबाइल फोन भी छीन लिए थे। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि ट्रेलरों के पूर्व मालिक अमन गोस्वामी ने पूरी वारदात की साजिश रची थी। इसके बाद पुलिस ने ओडिशा के हमीरपुर क्षेत्र में दबिश देकर खेत में छिपाकर रखे गए चारों ट्रेलर बरामद कर लिए थे।
1.56 करोड़ की संपत्ति बरामद
मामले में पुलिस पहले ही अमन गोस्वामी समेत सात आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। आरोपियों के कब्जे से चार ट्रेलर वाहन, चार मोबाइल फोन और घटना में प्रयुक्त स्विफ्ट डिजायर कार समेत कुल 1 करोड़ 56 लाख 24 हजार रुपये की संपत्ति बरामद की जा चुकी है।
पुलिस का कहना है कि मामले में शेष फरार आरोपियों की तलाश भी लगातार जारी है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी प्रशांत राव, प्रधान आरक्षक हेम प्रकाश सोन, महिला प्रधान आरक्षक सुदो भगत और आरक्षक पुरुषोत्तम सिदार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
