TODAY छत्तीसगढ़ / छत्तीसगढ़ के रायगढ़ ज़िले में पुलिस ने अवैध शराब के ख़िलाफ़ कार्रवाई करते हुए कच्ची शराब की भट्टी का भंडाफोड़ किया है. यह भट्टी चक्रधरनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत नटवरपुर गांव के पास जंगल में चलाई जा रही थी. पुलिस ने मौक़े से शराब बनाने के उपकरण और भारी मात्रा में कच्ची महुआ शराब ज़ब्त कर दो लोगों को गिरफ़्तार किया है.
मुखबिर की सूचना पर पुलिस की दबिश
पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, सोमवार (29 जून) को चक्रधरनगर थाना पुलिस को मुखबिर के ज़रिए सूचना मिली थी कि नटवरपुर के जंगल में कुछ लोग अवैध रूप से कच्ची महुआ शराब बना रहे हैं और उसे बेचने की फ़िराक़ में हैं.
घेराबंदी और ज़ब्ती: सूचना की पुष्टि होने के बाद पुलिस टीम ने मौक़े पर जाकर घेराबंदी की और दो लोगों को रंगे हाथ पकड़ लिया. तलाशी के दौरान पुलिस को धातु के बर्तनों, प्लास्टिक के जेरीकेन और एक बड़े ट्यूब में भरकर रखी गई कुल 65 लीटर महुआ शराब मिली.
शराब की क़ीमत: ज़ब्त की गई इस कच्ची शराब की अनुमानित बाज़ार क़ीमत क़रीब 13,000 रुपये आंकी गई है.
आबकारी अधिनियम के तहत एफ़आईआर
पुलिस ने पूछताछ के बाद दोनों अभियुक्तों को गिरफ़्तार कर लिया है, जिनकी पहचान इस प्रकार है:
फुल सिंह धनवार (25 वर्ष) - इसके पास से 35 लीटर शराब बरामद हुई.
दुआरू धनवार (40 वर्ष) - इसके पास से 30 लीटर शराब बरामद हुई. (दोनों निवासी- ग्राम नटवरपुर, थाना चक्रधरनगर)
शराब निर्माण और बिक्री का कोई वैध दस्तावेज़ न दिखा पाने पर पुलिस ने दोनों अभियुक्तों के ख़िलाफ़ 'छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम' की धारा 34(2) और 59(क) के तहत आपराधिक मामला दर्ज़ किया है.
इस कार्रवाई को लेकर रायगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा है कि ज़िले में नशे के अवैध कारोबार को पनपने नहीं दिया जाएगा और 'ऑपरेशन आघात' के तहत ऐसे लोगों पर सख़्त क़ानूनी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी.
