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पुलिस की सख़्त पैरवी और अदालत का त्वरित फ़ैसला: गांजा तस्करी की आरोपी हिना परवीन को हुई जेल

नशे के सौदागरों पर रायपुर पुलिस और कोर्ट का कड़ा रुख, पुरानी बस्ती क्षेत्र की महिला अभियुक्त को सश्रम कारावास


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छत्तीसगढ़  /
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर की एक विशेष अदालत ने नशीले पदार्थों (गांजा) की अवैध बिक्री और तस्करी के मामले में एक महिला अभियुक्त को दोषी ठहराते हुए सश्रम कारावास और जुर्माने की सज़ा सुनाई है. यह कार्रवाई रायपुर पुलिस द्वारा नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान और त्वरित सुनवाई (फ़ास्ट ट्रायल) के तहत की गई है.

क्या है पूरा मामला?

पुरानी बस्ती थाना पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस ने इस साल की शुरुआत में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार में संलिप्त एक महिला को गिरफ़्तार किया था.

  • दर्ज़ मामला: अभियुक्त महिला के ख़िलाफ़ पुरानी बस्ती थाने में अपराध क्रमांक 17/2026 के तहत 'नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट' (NDPS Act) की धारा 20(बी) के अंतर्गत आपराधिक मामला दर्ज किया गया था.

  • अभियुक्त की पहचान: हिना परवीन उर्फ़ छोटी (पति- वसीम खान), निवासी- मुस्लिम मोहल्ला, बंदवापारा, थाना पुरानी बस्ती, रायपुर.

पुलिस टीम द्वारा मामले की विवेचना (जांच) पूरी करने के बाद निर्धारित समय-सीमा के भीतर अभियोग पत्र (चार्जशीट) स्थानीय अदालत में प्रस्तुत किया गया था.

अदालत का फ़ैसला और सज़ा का निर्धारण

मामले की त्वरित सुनवाई और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, रायपुर की विशेष एनडीपीएस अदालत की न्यायाधीश किरण थवाईत ने बुधवार (24 जून 2026) को अपना फ़ैसला सुनाया.

अदालत ने अभियुक्त हिना परवीन उर्फ़ छोटी को मादक पदार्थों की तस्करी का दोषी पाते हुए निम्नलिखित सज़ा मुक़र्रर की:

  • कारावास: अदालत ने अभियुक्त को 9 जनवरी 2026 से 24 जून 2026 तक (शुरुआती गिरफ़्तारी से फ़ैसले की तारीख़ तक की अवधि) के सश्रम कारावास की सज़ा सुनाई.

  • आर्थिक दंड: दोषी महिला पर 30,000 रुपये (तीस हज़ार रुपये) का अर्थदंड (जुर्माना) लगाया गया है.

  • अतिरिक्त प्रावधान: यदि दोषी महिला द्वारा जुर्माने की राशि अदा नहीं की जाती है, तो उसे न्यायालय द्वारा निर्धारित अतिरिक्त कारावास की सज़ा भुगतनी होगी.

रायपुर पुलिस प्रशासन के मुताबिक़, शहर में मादक पदार्थों के अवैध व्यापार और नशे के नेटवर्क को तोड़ने के लिए पुलिस की टीमें लगातार सक्रिय हैं. पुलिस ने कहा है कि अपराधियों में कानून का भय पैदा करने और त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए आने वाले समय में भी मामलों की त्वरित पैरवी (फ़ास्ट ट्रायल) और सख़्त वैधानिक कार्रवाइयां जारी रहेंगी.

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