TODAY छत्तीसगढ़ / रायगढ़ ज़िले में महिला पुलिसकर्मियों के स्वास्थ्य और कार्यस्थल पर स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए 'मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन' (Menstrual Hygiene Management - MHM) पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया.
"स्वस्थ महिला पुलिसकर्मी ही सुरक्षित समाज की नींव हैं"
यह कार्यक्रम आज रविवार (28 जून) को पुलिस लाइन उर्दना में ज़िला पुलिस और ग़ैर-सरकारी संस्था 'आगाज़ – एक नई पहल' के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया.
कार्यशाला का उद्देश्य और मुख्य बिंदु
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर आयोजित इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य महिला पुलिसकर्मियों को मासिक धर्म के दौरान स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों के प्रति जागरूक करना और इससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर करना था.
कार्यक्रम में विशेषज्ञों द्वारा निम्नलिखित विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई:
वैज्ञानिक दृष्टिकोण और स्वच्छता: ज़िला स्वच्छता मिशन की नोडल अधिकारी और 'आगाज़' संस्था की संस्थापक मोनिका इजारदार ने मासिक धर्म से जुड़े वैज्ञानिक तथ्यों, व्यक्तिगत स्वच्छता और सुरक्षित प्रबंधन पर प्रकाश डाला.
पर्यावरण-अनुकूल निस्तारण (Disposal): कार्यशाला में सेनेटरी अपशिष्ट (वेस्ट) के सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल निस्तारण के तरीक़ों पर विशेष ज़ोर दिया गया.
कार्यस्थल पर स्वास्थ्य और गरिमा: डीएसपी उन्नति ठाकुर ने महिला पुलिसकर्मियों को संबोधित करते हुए कार्यस्थल पर सेनेटरी पैड के सुरक्षित उपयोग, रखरखाव और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को बेहतर कार्यक्षमता की आधारशिला बताया.
पुलिसकर्मियों ने लिया संकल्प
अधिकारियों का मानना है कि एक स्वस्थ महिला पुलिसकर्मी ही बेहतर पुलिसिंग और सुरक्षित समाज की नींव रख सकती है.
इस जागरूकता कार्यक्रम में ज़िले के विभिन्न थानों की महिला पुलिसकर्मियों के साथ-साथ 'आगाज़' संस्था के प्रतिनिधि (जय कुमार चौहान, प्रकाश जायसवाल, राजेन्द्र साहू, निशि चंदेल) भी उपस्थित रहे. कार्यक्रम के समापन पर सभी महिला पुलिसकर्मियों ने मासिक धर्म स्वच्छता और इसके प्रति जागरूकता को समाज के अन्य वर्गों तक पहुंचाने का संकल्प लिया.
