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अब अखबार में समोसा दिया तो सीधा जेल! FSSAI का बड़ा एक्शन

स्ट्रीट फूड प्रेमियों के लिए चेतावनी, अखबार में परोसा खाना पहुंचा सकता है अस्पताल

नई दिल्ली।  TODAY छत्तीसगढ़  /  समोसा, कचौरी और अन्य खाद्य पदार्थों को अखबार में लपेटकर बेचने वाले दुकानदारों के लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने सख्त चेतावनी जारी की है। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि खाद्य पदार्थों की पैकिंग, भंडारण या परोसने के लिए अखबार का उपयोग प्रतिबंधित है और नियमों का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

एफएसएसएआई ने कहा है कि अखबारों की छपाई में इस्तेमाल होने वाली स्याही में सीसा (लेड), भारी धातुएं और अन्य हानिकारक रसायन मौजूद होते हैं। जब गर्म या तैलीय खाद्य पदार्थ अखबार के संपर्क में आते हैं, तो ये रसायन भोजन में मिल सकते हैं, जिससे स्वास्थ्य पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ने की आशंका रहती है।

प्राधिकरण ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक (पैकेजिंग) विनियम-2018 का हवाला देते हुए कहा कि भोजन को रखने, लपेटने या परोसने के लिए अखबार अथवा किसी भी अप्रमाणित सामग्री का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है।

एफएसएसएआई के अनुसार यदि कोई दुकानदार चेतावनी के बावजूद खाद्य पदार्थों को अखबार में लपेटकर बेचता हुआ पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। दोषी पाए जाने पर छह महीने तक की जेल अथवा पांच लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।

स्वास्थ्य के लिए क्यों खतरनाक है अखबार?

विशेषज्ञों के मुताबिक अखबारों में उपयोग होने वाली स्याही में मौजूद रसायन और भारी धातुएं गर्म भोजन के संपर्क में आने पर भोजन में घुल सकती हैं। ऐसे खाद्य पदार्थों का नियमित सेवन शरीर में विषैले तत्वों की मात्रा बढ़ा सकता है और लंबे समय में गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है।

एफएसएसएआई ने उपभोक्ताओं से भी अपील की है कि वे अखबार में परोसे या पैक किए गए खाद्य पदार्थों से बचें और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने वाले विक्रेताओं से ही खाद्य सामग्री खरीदें।

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