बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़ / एक साल पुराने वीडियो और हाल में वायरल हुए ऑडियो को लेकर बिलासपुर में नया विवाद खड़ा हो गया है। पुलिस ने मामले में दो पत्रकारों, एक आरक्षक और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ कथित एक्सटॉर्शन के आरोप में अपराध दर्ज किया है। कार्रवाई के विरोध में प्रेस क्लब के सदस्य सोमवार शाम वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) रजनेश सिंह से मिलने पहुंचे और जांच को एकतरफा बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।
जानकारी के अनुसार, सिविल लाइन थाने के पुराने बैरक में आरक्षक मनोज साहू का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो में आरक्षक बैरक में सोता हुआ दिखाई दे रहा था, जबकि समीप के कमरे में शराब और बीयर की बोतलें रखी नजर आ रही थीं। वीडियो वायरल होने के अगले दिन चाय दुकान संचालक सोनू सिंह और आरक्षक मनोज साहू के बीच हुई बातचीत का एक ऑडियो भी सामने आया।
कथित ऑडियो में सोनू सिंह द्वारा पत्रकारों का नाम लेते हुए 50 हजार रुपये देने की चर्चा की गई है। बातचीत में यह भी कहा गया कि वीडियो आरक्षक रितेश मिश्रा द्वारा पत्रकारों तक पहुंचाया गया था।
पुलिस जांच के बाद आरक्षक रितेश मिश्रा, अनुज श्रीवास्तव, जियाउल्लाह खान और सोनू सिंह के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
मामले की जानकारी मिलते ही प्रेस क्लब के पदाधिकारी और सदस्य एसएसपी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे एकतरफा बताया और निष्पक्ष जांच की मांग की। इस पर एसएसपी रजनेश सिंह ने मामले की पुनः जांच कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि दो वरिष्ठ पत्रकारों की मौजूदगी में पूरे मामले की दोबारा जांच कराई जाएगी, ताकि सभी तथ्यों की निष्पक्षता से पड़ताल हो सके।
अब इस मामले की पुनः जांच के बाद ही स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पत्रकारों पर दर्ज एफआईआर और उसके विरोध को लेकर शहर में चर्चा का माहौल बना हुआ है।
