रायपुर। TODAY छत्तीसगढ़ / मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि नक्सलवाद की समाप्ति के बाद बस्तर अब विकास की नई इबारत लिखेगा और आने वाले समय में देश का सबसे सुंदर तथा विकसित आदिवासी संभाग बनेगा। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से बस्तर को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, पर्यटन और आर्थिक विकास के क्षेत्र में नई पहचान दिलाई जाएगी।
मुख्यमंत्री शनिवार को राजधानी रायपुर में आयोजित ‘तेरा राज नहीं आएगा रे’ पुस्तक के विमोचन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, साहित्य अकादमी के अध्यक्ष डॉ. शशांक शर्मा, पांचजन्य के संपादक हितेश शंकर सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चार दशकों तक नक्सलवाद का दंश झेलने के कारण बस्तर विकास की मुख्यधारा से दूर रहा। अब परिस्थितियां बदल रही हैं और क्षेत्र के समग्र विकास का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में नक्सलवाद के खिलाफ प्रभावी लड़ाई लड़ी गई, जिससे बस्तर में शांति और विकास का वातावरण बना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ‘बस्तर रोडमैप 2.0’ के तहत योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। नियद नेल्ला नार योजना और बस्तर मुन्ने अभियान के माध्यम से शासकीय योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जा रहा है। जहां पहले सुरक्षा कैंप थे, वहां अब सेवा डेरे विकसित किए जा रहे हैं, जो कौशल विकास और जनसेवा के केंद्र बनेंगे।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में बस्तर की लगभग 85 प्रतिशत आबादी की मासिक आय 15 हजार रुपये से कम है। सरकार ने अगले तीन वर्षों में इस आय को दोगुना करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। सहकारिता, पशुपालन, कृषि और लघु वनोपज आधारित गतिविधियों के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत लाखों लोगों की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है। वहीं बंद पड़े 421 स्कूलों को दोबारा शुरू किया गया है। अबूझमाड़ और जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी विकसित करने की दिशा में भी कार्य जारी है। इंद्रावती नदी पर बैराज निर्माण से किसानों को सिंचाई सुविधा मिलेगी।
उन्होंने कहा कि बस्तर में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। बस्तर पंडुम और बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजनों ने क्षेत्र की संस्कृति और परंपराओं को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई है।
कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि ‘तेरा राज नहीं आएगा रे’ वर्षों के शोध और जमीनी अध्ययन का परिणाम है। वहीं उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि माओवाद एक विचारधारा के रूप में आया था, लेकिन अब समाज सामान्य जीवन की ओर लौट रहा है और बस्तर में फिर से मेलों, मड़इयों और बाजारों की रौनक लौट आई है।
