रायपुर। TODAY छत्तीसगढ़ / नशे के खिलाफ चलाए जा रहे बहुआयामी अभियान के तहत रायपुर कमिश्नरेट पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मादक पदार्थ तस्करी के मामले में दोषसिद्ध आरोपी रूपिन्दर सिंह उर्फ पिन्दर उर्फ पाबलो की करीब 15 लाख रुपये मूल्य की संपत्ति को SAFEMA/NDPS Act के सक्षम प्राधिकारी एवं प्रशासक, मुंबई ने फ्रीज (सीज) करने के आदेश की पुष्टि कर दी है।
आरोपी रूपिन्दर सिंह उर्फ पाबलो के खिलाफ थाना कबीर नगर में एनडीपीएस एक्ट, भारतीय न्याय संहिता और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। विशेष एनडीपीएस न्यायालय रायपुर ने उसे दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई थी।
दोषसिद्धि के बाद पुलिस ने एनडीपीएस अधिनियम के तहत आरोपी की वित्तीय जांच शुरू की। जांच के दौरान आरोपी और उसके परिजनों के नाम पर दर्ज चल एवं अचल संपत्तियों की जानकारी जुटाई गई। दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड के परीक्षण में यह पाया गया कि आरोपी के नाम पर पंजीकृत शेवरले क्रूज कार (क्रमांक CH-01-AK-2424) और महिंद्रा थार (क्रमांक CH-04-MN-9007) की कुल कीमत लगभग 15 लाख रुपये है।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि इन संपत्तियों का मूल्य आरोपी की घोषित आय और उपलब्ध वित्तीय स्रोतों की तुलना में अधिक है। साथ ही यह संदेह भी मजबूत हुआ कि संपत्तियां मादक पदार्थों के अवैध कारोबार से अर्जित धन से खरीदी गई हैं।
इसके बाद विस्तृत वित्तीय जांच और साक्ष्यों के आधार पर प्रकरण SAFEMA/NDPS Act के सक्षम प्राधिकारी, मुंबई को भेजा गया। सुनवाई के दौरान आरोपी और उसके परिजनों को संपत्ति के वैध स्रोत संबंधी दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया, लेकिन वे संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इसके बाद सक्षम प्राधिकारी ने 5 जून 2026 को दोनों वाहनों को फ्रीज करने के आदेश की पुष्टि कर दी।
रायपुर पुलिस अधिकारियों के अनुसार नशे के कारोबार से अर्जित अवैध संपत्तियों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
