पुलिस के मुताबिक़, इस मामले के दो मुख्य अभियुक्तों को घटना के अगले ही दिन गिरफ़्तार कर लिया गया था, जबकि तीसरा अभियुक्त तभी से फ़रार चल रहा था.
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार, यह घटना 17 मई 2026 की रात क़रीब 8:45 बजे की है. पेण्ड्री निवासी युवराज साहू (38) अपने घर के पास फ़ोन पर बात कर रहे थे.
आरोप है कि उसी दौरान मोहल्ले के तीन युवकों— विजय नेताम, दीपक (उर्फ़ टिकली) और जय (उर्फ़ जया नेताम) ने वहां पहुंचकर उनके साथ कथित तौर पर गाली-गलौज और मारपीट शुरू कर दी. शिकायत के मुताबिक़, जब युवराज के पिता गिरधारी साहू बीच-बचाव करने आए, तो अभियुक्त विजय नेताम ने उनके सिर पर 'टंगिया/फरसा' (कुल्हाड़ी) से जानलेवा हमला कर दिया.
इस हमले में गिरधारी साहू गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए तत्काल पेण्ड्री के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था.
पुलिस की अब तक की कार्रवाई
घटना के बाद लालबाग पुलिस ने नए आपराधिक क़ानून 'भारतीय न्याय संहिता' (बीएनएस) की हत्या के प्रयास और मारपीट से जुड़ी संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था.
शुरुआती गिरफ़्तारी: पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 18 मई को ही दो अभियुक्तों (विजय और दीपक) को गिरफ़्तार कर लिया था. उनके पास से हमले में इस्तेमाल किया गया हथियार भी ज़ब्त कर लिया गया था और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था.
तीसरे अभियुक्त की गिरफ़्तारी: मामले का तीसरा अभियुक्त जय घटना के दिन से ही फ़रार था. पुलिस का कहना है कि मुखबिरों की सूचना और लगातार तलाश के बाद 20 जून 2026 को उसे भी गिरफ़्तार कर लिया गया है.
काग़ज़ी क़ानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद अभियुक्त जय को अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत (रिमांड) में जेल भेज दिया गया है.
