रायगढ़। TODAY छत्तीसगढ़ /धरमजयगढ़ क्षेत्र में ट्रैक्टर-ट्रॉली हादसे में हुई मौत के मामले में जांच के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया कि घटना के बाद साक्ष्य छुपाने और पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया गया था। इसके बाद आरोपी के खिलाफ अतिरिक्त धाराएं बढ़ा दी गई हैं।
मामले में मीडिया में आई खबरों को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी शशि मोहन सिंह ने एसडीओपी धरमजयगढ़ से जांच कराई। जांच में पाया गया कि 29 अप्रैल 2026 को मांड नदी के पास ट्रैक्टर धोने के दौरान ट्रॉली गिरने से सहेसराम मांझी की मौत हो गई थी।
घटना की सूचना पुलिस को करीब दो घंटे की देरी से दी गई। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो वहां एक हरे रंग का ट्रैक्टर और लाल ट्रॉली खड़ी मिली, जबकि बाद की जांच में खुलासा हुआ कि दुर्घटना में प्रयुक्त मूल ट्रैक्टर अलग था। जांच में सामने आया कि आरोपी चालक फुलजेंस मिंज ने साक्ष्य छुपाने के उद्देश्य से घटना में शामिल लाल रंग के ट्रैक्टर को मौके से हटाकर उसकी जगह दूसरा वाहन खड़ा कर दिया था।
पुलिस ने मामले में आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 106(1) (लापरवाही से मृत्यु कारित करना) और धारा 238 (साक्ष्य छुपाना) के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। साथ ही मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 184 भी जोड़ी गई है।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट किया कि साक्ष्य छुपाने और पुलिस को गुमराह करने के प्रयास को गंभीरता से लिया गया है और साक्ष्यों के आधार पर सख्त वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

