गरियाबंद। TODAY छत्तीसगढ़ / ज़िले में उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व की एंटी-पोचिंग टीम ने वन्यजीव तस्करी के एक मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों के पास से एक हाथी का दांत और शिकार से जुड़े कई उपकरण बरामद किए गए हैं। वन विभाग की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, यह कार्रवाई एक गोपनीय सूचना के आधार पर की गई। सूचना में कहा गया था कि कुल्हाड़ीघाट क्षेत्र का एक व्यक्ति जंगली हाथी का दांत अपने पास रखे हुए है और उसे बेचने की कोशिश कर रहा है।
इसके बाद सहायक संचालक के निर्देशन में गठित टीम ने संदिग्ध के घर और आसपास की तलाशी ली। तलाशी के दौरान अधिकारियों को एक हाथी का दांत बरामद हुआ, जिसे कथित तौर पर आरोपी ने अपने घर की दीवार में छुपाकर रखा था। विभाग का कहना है कि यह दांत पिछले चार वर्षों से वहां छिपा हुआ था। गिरफ्तार किए गए लोगों में एक आरोपी का पहले भी वन्यजीव अपराधों से जुड़ा रिकॉर्ड सामने आया है। अधिकारियों के अनुसार, वह हाल ही में सांभर के शिकार से जुड़े एक मामले में जमानत पर बाहर था और उसी दौरान इस मामले में कथित रूप से शामिल पाया गया।
वन विभाग ने आरोपियों के पास से दो धनुष, कई तीर, पक्षियों के शिकार में इस्तेमाल होने वाला विशेष उपकरण, गुलेल और अन्य सामग्री भी जब्त की है। अधिकारियों का कहना है कि यह सामग्री शिकार की गतिविधियों में इस्तेमाल की जा सकती है। पूछताछ के दौरान एक आरोपी ने दावा किया कि हाथी का दांत उसे 2021 में एक अन्य व्यक्ति से मिला था, जिसकी 2022 में हाथी-मानव संघर्ष के दौरान मौत हो गई थी। हालांकि, वन विभाग ने इस दावे पर संदेह जताया है।
अधिकारियों के मुताबिक, जब्त किए गए हाथी दांत के नमूने को डीएनए जांच के लिए देहरादून स्थित भारतीय वन्यजीव संस्थान भेजा जा रहा है। इससे यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि यह दांत किस हाथी का है और उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई थी। वन विभाग का कहना है कि मामले की आगे जांच जारी है और इससे जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।
