अवैध मिट्टी उत्खनन के आरोपों से घिरे भाजपा नेता अमर, VIDEO वायरल


जांजगीर-चांपा। 
TODAY छत्तीसगढ़  / जिले के अकलतरा क्षेत्र में अवैध मिट्टी उत्खनन को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। मुड़पार स्थित रामसागर डेम से लंबे समय से रात के वक्त मिट्टी उत्खनन किए जाने का आरोप भाजपा नेता अमर सुल्तानिया पर लगाया गया है। ग्रामीणों का दावा है कि चैन माउंटेन मशीन और तीन हाईवा वाहनों के जरिए लगातार मिट्टी निकाली जा रही है, जिससे डेम की सुरक्षा के साथ-साथ ग्रामीण सड़कों को भी नुकसान पहुंच रहा है।

बताया जा रहा है कि जब ग्रामीण विरोध करने पहुंचे तो उन्हें कथित तौर पर धमकाया गया। इस दौरान भाजपा नेता और ग्रामीणों के बीच हुई बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है और पूरे इलाके में आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों के अनुसार रामसागर डेम से पिछले कई महीनों से रातभर अवैध उत्खनन किया जा रहा है। भारी मशीनों और वाहनों की आवाजाही से क्षेत्र के लोग परेशान हैं और ग्रामीणों में भय का माहौल बना हुआ है। 

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जनवरी महीने में भी प्रशासन से शिकायत की गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अब ग्रामीणों ने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को लिखित आवेदन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, अवैध उत्खनन पर रोक और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। मामले में भाजपा से जुड़े नेता का नाम सामने आने के बाद अब लोगों की नजर प्रशासन और खनिज विभाग की कार्रवाई पर टिकी हुई है।

किताब-ड्रेस के नाम पर लूट पर सरकार का बड़ा एक्शन, निजी स्कूलों की मनमानी नहीं चलेगी


रायपुर। 
TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ़ सरकार ने निजी स्कूलों की मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। स्कूल शिक्षा विभाग ने अशासकीय स्कूलों में फीस बढ़ोतरी, पुस्तक-गणवेश और अन्य सामग्री की खरीद को लेकर मिलने वाली शिकायतों की निगरानी के लिए जिला और विकासखंड स्तर पर समितियों का गठन किया है।

स्कूल शिक्षा सचिव द्वारा जारी आदेश में सभी कलेक्टरों को निर्देशित किया गया है कि शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए गठित समितियां नियमित निगरानी और जांच सुनिश्चित करें। जिला स्तरीय निगरानी समिति में शामिल होंगे: - 

  1. कलेक्टर
  2. जिला शिक्षा अधिकारी
  3. सहायक आयुक्त, जीएसटी
  4. विकासखंड स्तरीय जांच दल समिति में शामिल होंगे:
  5. अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व)
  6. विकासखंड शिक्षा अधिकारी
  7. जीएसटी इंस्पेक्टर

जारी आदेश में कहा गया है कि शासन के संज्ञान में यह बात आई है कि कई निजी स्कूल पालकों को किताबें, गणवेश और अन्य सामग्री केवल एक ही दुकान या फर्म से खरीदने के लिए बाध्य कर रहे हैं। इससे अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। सरकार ने यह भी माना है कि समाचार पत्रों और अन्य माध्यमों से इस संबंध में लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं। इन्हीं शिकायतों के त्वरित निराकरण और स्कूलों की गतिविधियों पर निगरानी के लिए यह व्यवस्था लागू की गई है। सरकार के इस फैसले को अभिभावकों को राहत देने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। 


हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, फिलहाल नहीं जारी होंगे प्रमोशन आदेश


बिलासपुर।
 TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने प्रदेश में चल रही पुलिस कॉन्स्टेबल पदोन्नति प्रक्रिया को लेकर महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश जारी किया है। जस्टिस पीपी साहू की सिंगल बेंच ने फिलहाल पदोन्नति संबंधी अंतिम आदेश जारी करने पर रोक लगा दी है। हालांकि कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि विभागीय पदोन्नति समिति अपनी प्रक्रिया जारी रख सकती है, लेकिन अगली सुनवाई तक अंतिम प्रमोशन आदेश जारी नहीं किए जाएंगे।

यह आदेश 73 आरक्षकों द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के बाद जारी किया गया। याचिकाकर्ताओं में कोरबा जिले के विभिन्न थानों में पदस्थ आरक्षक लव कुमार पात्रे, भूपेंद्र कुमार पटेल, विक्रम सिंह शांडिल्य समेत अन्य शामिल हैं। याचिका में राज्य शासन, गृह सचिव, डीजीपी, आईजी बिलासपुर रेंज, एसपी कोरबा सहित अन्य अधिकारियों को पक्षकार बनाया गया है।

याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि प्रमोशन प्रक्रिया में सेवा नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। उनका कहना है कि जिन आरक्षकों ने अपनी इच्छा से दूसरे जिले में ट्रांसफर लिया था, उन्हें भी शुरुआती नियुक्ति तिथि के आधार पर वरिष्ठ मानकर पदोन्नति देने की तैयारी की जा रही है।

याचिका में कहा गया है कि छत्तीसगढ़ पुलिस एग्जीक्यूटिव फोर्स कांस्टेबल भर्ती, पदोन्नति एवं सेवा शर्त नियम 2007 के संशोधन के अनुसार यदि कोई कर्मचारी स्वेच्छा से दूसरे जिले में ट्रांसफर लेता है, तो नए जिले की वरिष्ठता सूची में उसका नाम सबसे नीचे माना जाएगा। आरक्षकों का कहना है कि यदि समय रहते अंतरिम राहत नहीं मिलती तो 1 जून 2026 को अंतिम फिट लिस्ट जारी हो जाती, जिससे लंबे समय से एक ही जिले में कार्यरत कर्मचारियों को नुकसान होता।

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि पुलिस मुख्यालय के स्पष्टीकरण पत्र को याचिका में चुनौती नहीं दी गई है। सरकार ने यह भी कहा कि कई याचिकाकर्ताओं के नाम भी संभावित फिट लिस्ट में शामिल हो सकते हैं। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाई कोर्ट ने माना कि मामला सेवा नियमों के पालन से जुड़ा है। इसके बाद कोर्ट ने अंतरिम राहत देते हुए अंतिम पदोन्नति आदेश जारी करने पर रोक लगा दी।

खनिज माफियाओं पर चला प्रशासन का बुलडोजर, 12 हाईवा, 7 ट्रैक्टर और 1 माजदा वाहन जब्त


बिलासपुर। 
TODAY छत्तीसगढ़  / जिले में अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ खनिज विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 2 पोकलेन मशीन, 1 जेसीबी मशीन सहित 20 वाहनों को जब्त किया है। कार्रवाई कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश और उप संचालक खनिज प्रशासन किशोर गोलघाटे के मार्गदर्शन में की गई।

खनिज विभाग के अनुसार ग्राम महमंद (सीपत क्षेत्र) में खनिज परिवहन कर रहे वाहनों की जांच के दौरान बिना वैध अभिवहन पास के रेत परिवहन करते पाए जाने पर दो हाईवा वाहनों को जब्त किया गया। इनमें से एक वाहन को जांच चौकी लावर लाया गया, जबकि दूसरे वाहन का चालक वाहन सड़क के बीच छोड़कर चाबी लेकर फरार हो गया। वाहन मालिक के उपस्थित नहीं होने पर उसके खिलाफ थाना तोरवा में एफआईआर दर्ज कराई गई है।

खनिज विभाग ने 7 मई से 20 मई 2026 तक चकरभाठा, बोदरी, सकरी, बेलगहना, रतनखंडी, करहीकछार, सलका, पोड़ी, महमंद, लालखदान, मंगला, मस्तूरी, चौरमट्टी और लखराम सहित विभिन्न क्षेत्रों में सघन जांच अभियान चलाया। जांच के दौरान बिना वैध दस्तावेज के खनिज परिवहन करते पाए जाने पर अवैध रेत परिवहन के 14, मुरूम के 1, चूनापत्थर के 2 तथा मिट्टी-ईंट के 3 प्रकरण दर्ज किए गए। कार्रवाई के तहत 12 हाईवा, 7 ट्रैक्टर और 1 माजदा वाहन जब्त कर थाना सकरी, चकरभाठा, कोटा, सरकंडा और जांच चौकी लावर में सुरक्षित रखा गया है।

इसके अलावा ग्राम सोढ़खुर्द और करहीकछार में स्वीकृत क्षेत्र के बाहर अवैध रेत उत्खनन करते पाए जाने पर 2 पोकलेन मशीनें जब्त की गईं। वहीं चौरमट्टी क्षेत्र में अवैध मुरूम उत्खनन में इस्तेमाल हो रही एक जेसीबी मशीन भी जब्त की गई है। खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध खनिज उत्खनन और परिवहन पर लगातार निगरानी रखी जा रही है तथा जिला स्तरीय टास्क फोर्स को भी लगातार कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

© all rights reserved TODAY छत्तीसगढ़ 2018
todaychhattisgarhtcg@gmail.com