अंबेडकर जयंती: संविधान निर्माता को श्रद्धांजलि, समानता और शिक्षा का संदेश दिया


बिलासपुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  / भारत के संविधान निर्माता एवं भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135 वीं जयंती के अवसर पर मंगलवार को शहर में श्रद्धा और सम्मान के साथ विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस मौके पर कन्या महाविद्यालय तिराहा के सामने स्थित बाबा साहेब अम्बेडकर की प्रतिमा पर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, राज्य के उप मुख्यमंत्री अरुण साव , महापौर पूजा विधानी ने माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।

केन्द्रीय राज्य मंत्री एवं बिलासपुर सांसद तोखन साहू तथा उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने बाबा साहेब अम्बेडकर के जीवन, संघर्ष और विचारों को याद करते हुए समाज के प्रति उनके योगदान को रेखांकित किया। सांसद तोखन साहू ने कहा कि डॉ. अंबेडकर ने विपरीत परिस्थितियों में भी हार नहीं मानी और शिक्षा को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाकर सामाजिक भेदभाव के खिलाफ संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब का जीवन प्रत्येक व्यक्ति के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि डॉ. अंबेडकर द्वारा निर्मित संविधान देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था की आधारशिला है, जिसने सभी नागरिकों को समान अधिकार, स्वतंत्रता और न्याय प्रदान किया। उन्होंने लोगों से बाबा साहेब के बताए मार्ग पर चलकर समानता और भाईचारे को बढ़ावा देने की अपील की।

इस अवसर पर महापौर पूजा विधानी, भाजपा प्रदेश मंत्री हर्षिता पांडेय, पूर्व महापौर किशोर राय सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने बाबा साहेब की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। 

1 करोड़ की साइबर ठगी का पर्दाफाश, 55 मोबाइल, 13 लैपटॉप जब्त


रायगढ़। 
 TODAY छत्तीसगढ़  / जिले में फर्जी मैट्रिमोनियल साइट के नाम पर संचालित बड़े साइबर ठगी गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो मुख्य संचालकों समेत कुल 26 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में डिजिटल उपकरण और दस्तावेज जब्त किए गए हैं। पूरी कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में की गई, जिसमें साइबर थाना और महिला थाना की संयुक्त टीम ने दरोगापारा स्थित दो केंद्रों पर छापेमारी की। 

पुलिस जांच में सामने आया कि निधि परिवहन केंद्र और श्रीमती शांति देवी शिक्षा सोसायटी केंद्र में बाहर से लाइसेंस और दस्तावेज बनाने का काम दिखाया जाता था, जबकि अंदर फर्जी मैट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म के जरिए देशभर के लोगों से ठगी की जा रही थी। आरोपी यूट्यूब चैनल, फेक प्रोफाइल और कॉल सेंटर के माध्यम से लोगों को शादी के नाम पर फंसाते थे। इसके बाद रजिस्ट्रेशन फीस, मीटिंग फीस और अन्य बहानों से यूपीआई के जरिए रकम वसूली जाती थी। जांच में यह खुलासा हुआ कि गिरोह वर्ष 2022 से सक्रिय था और अब तक 7,693 लोगों को अपना शिकार बना चुका है। आरोपियों द्वारा करीब 1 करोड़ 11 लाख 36 हजार रुपये की ठगी किए जाने की पुष्टि हुई है। 

पुलिस ने छापेमारी के दौरान आरोपियों के कब्जे से 55 मोबाइल फोन, 13 लैपटॉप, 2 प्रिंटर, 3 बैंक खाते जब्त किए हैं। इसके साथ ही लैपटॉप में फोटोशॉप के जरिए दस्तावेजों में छेड़छाड़ और फर्जी सील-मुहर के उपयोग के साक्ष्य भी मिले हैं। पीड़ित की शिकायत पर थाना साइबर में विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है, जिसमें धोखाधड़ी, कूट रचना, संगठित अपराध और आईटी एक्ट की धाराएं शामिल हैं। पुलिस अब इस नेटवर्क के अन्य लिंक की भी जांच कर रही है। 

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी कपिल गर्ग, जिसकी लोक सेवा केंद्र आईडी निरस्त हो चुकी थी, ने इस फर्जी नेटवर्क की शुरुआत की। उसके साथ हिमांशु मेहर और अन्य सहयोगी लंबे समय से इस गिरोह को संचालित कर रहे थे। 


“हुक्का बार फिर सक्रिय”, कांग्रेस का आरोप—राज्य में बढ़ी नशाखोरी


रायपुर। 
 TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ़ में नशाखोरी और हुक्का बारों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इस मुद्दे पर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कानून-व्यवस्था और नशा नियंत्रण को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। सोशल मीडिया पर एक वीडियो जमकर वायरल हो रहा है। वीडियो एक फार्महाउस का बताया जा रहा है। वीडियो में युवक-युवतियां बॉलीवुड के गाने पर हुक्का पार्टी करते हुए रील बनाते नजर आ रहे हैं। वीडियो को इंडियन नेशनल कांग्रेस छत्तीसगढ़ ने अपने सोशल मीडिया पर शेयर किया है। 

कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि राज्य में नशाखोरी खुलेआम बढ़ रही है और इसके बावजूद सरकार ठोस कार्रवाई करने के बजाय केवल दिखावटी कदम उठा रही है। कांग्रेस ने यह भी कहा कि रायपुर में कमिश्नरी प्रणाली लागू करने की बात कही जा रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर नशे के खिलाफ प्रभावी नियंत्रण नजर नहीं आ रहा।

“भाजपा शासन में फिर बढ़े हुक्का बार”

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि उनके कार्यकाल में राज्य से हुक्का बारों को खत्म कर दिया गया था, लेकिन वर्तमान में भाजपा सरकार के दौरान ये फिर से सक्रिय हो गए हैं। उनका कहना है कि हुक्का और नशे के अड्डे तेजी से बढ़ रहे हैं और इन पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही।

“युवाओं को नशे की ओर धकेला जा रहा”

कांग्रेस का आरोप है कि राज्य की युवा पीढ़ी नशे की गिरफ्त में आ रही है और सरकार इस गंभीर समस्या पर नियंत्रण करने में विफल साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो इसके दूरगामी सामाजिक परिणाम सामने आ सकते हैं।

 सरकार की ओर से संभावित रुख

हालांकि इस मामले में भाजपा सरकार की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है, लेकिन पूर्व में सरकार द्वारा नशे के खिलाफ अभियान चलाने और अवैध गतिविधियों पर कार्रवाई करने के दावे किए जाते रहे हैं। नशाखोरी जैसे संवेदनशील मुद्दे पर शुरू हुई यह बयानबाजी आने वाले समय में और तेज हो सकती है। यह मुद्दा राजनीतिक बहस का केंद्र बनता नजर आ रहा है, जिसमें दोनों दल एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। 


खनिज परिवहन पर सख्ती, ऑनलाइन सिस्टम से अवैध खनन पर लगाम


रायपुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ़ में खनिज परिवहन और भंडारण व्यवस्था को पारदर्शी, नियंत्रित और तकनीक-आधारित बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। खनिज विभाग द्वारा ऑनलाइन सिस्टम 2.0 को सख्ती से लागू किए जाने के बाद अब अवैध खनन, परिवहन और भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित होने का दावा किया जा रहा है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, इस आधुनिक डिजिटल निगरानी प्रणाली के लागू होने से खनिज कारोबार में पारदर्शिता आई है और अनियमितताओं की गुंजाइश लगभग समाप्त हो गई है।

🔶 रियल टाइम ट्रैकिंग से हर वाहन पर नजर

नई व्यवस्था के तहत खनिज परिवहन से जुड़े प्रत्येक वाहन को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है। अब यह प्रणाली यह सुनिश्चित करती है कि कोई भी वाहन कब, कहां से और कितनी मात्रा में खनिज लेकर निकला, इसकी पूरी जानकारी ऑनलाइन दर्ज हो। अधिकारियों के मुताबिक, यह सिस्टम जीपीएस आधारित ट्रैकिंग और डिजिटल ट्रांजिट पास के माध्यम से काम करता है। जैसे ही कोई वाहन खनिज लेकर खदान से निकलता है, उसकी पूरी गतिविधि सिस्टम में रिकॉर्ड हो जाती है। इससे न केवल वाहन की लोकेशन ट्रैक होती है, बल्कि परिवहन की वैधता भी सुनिश्चित होती है। पहले जहां खनिज परिवहन में कागजी दस्तावेजों पर निर्भरता अधिक थी, वहीं अब डिजिटल डेटा के माध्यम से हर गतिविधि का रिकॉर्ड सुरक्षित किया जा रहा है। इससे फर्जी दस्तावेजों के उपयोग और हेराफेरी की संभावना काफी हद तक खत्म हो गई है।

⚠️ मार्ग से भटका वाहन, तुरंत अलर्ट

ऑनलाइन सिस्टम 2.0 की सबसे बड़ी विशेषता इसकी अलर्ट प्रणाली है। यदि कोई वाहन निर्धारित मार्ग से हटकर चलता है या तय समय सीमा का उल्लंघन करता है, तो सिस्टम तुरंत संबंधित अधिकारियों को अलर्ट भेज देता है। इससे मौके पर ही जांच और कार्रवाई संभव हो जाती है। अधिकारियों का कहना है कि इस तकनीक के चलते अब अवैध परिवहन को पकड़ना पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान और प्रभावी हो गया है। पहले अक्सर यह शिकायत मिलती थी कि खनिज से भरे वाहन निर्धारित रूट से हटकर अन्य रास्तों से निकल जाते थे, जिससे चोरी और अवैध परिवहन को बढ़ावा मिलता था। लेकिन अब यह सिस्टम ऐसी किसी भी गतिविधि को तुरंत चिन्हित कर देता है।

📦 भंडारण स्थलों पर भी डिजिटल निगरानी

केवल परिवहन ही नहीं, बल्कि खनिज भंडारण की व्यवस्था को भी इस सिस्टम के तहत डिजिटल किया गया है। सभी वैध स्टॉक यार्ड और भंडारण स्थलों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है। अब हर भंडारण स्थल पर मौजूद खनिज की मात्रा, उसका स्रोत और उसका उपयोग—सभी जानकारी डिजिटल रूप से दर्ज की जा रही है। इससे अवैध भंडारण और कालाबाजारी पर प्रभावी रोक लगी है। अधिकारियों का कहना है कि पहले कई मामलों में भंडारण स्थलों पर स्टॉक की वास्तविक स्थिति और रिकॉर्ड में अंतर पाया जाता था, लेकिन अब इस तरह की गड़बड़ियों की संभावना काफी कम हो गई है।

📑 ट्रांजिट पास भी हुआ पूरी तरह डिजिटल

खनिज परिवहन में सबसे अहम दस्तावेज ट्रांजिट पास होता है। पहले यह प्रक्रिया कागजी रूप में होती थी, जिससे फर्जी पास बनाकर अवैध परिवहन के मामले सामने आते थे। अब ऑनलाइन सिस्टम 2.0 के तहत ट्रांजिट पास पूरी तरह डिजिटल कर दिया गया है। प्रत्येक पास एक यूनिक आईडी से जुड़ा होता है, जिसे आसानी से सत्यापित किया जा सकता है। जांच के दौरान अधिकारी किसी भी वाहन के ट्रांजिट पास को तुरंत ऑनलाइन चेक कर सकते हैं, जिससे फर्जी दस्तावेजों के उपयोग की संभावना लगभग खत्म हो गई है।

📊 अवैध गतिविधियों में आई कमी

खनिज विभाग के अनुसार, इस नई प्रणाली के लागू होने के बाद अवैध खनन और परिवहन के मामलों में उल्लेखनीय कमी आई है। हालांकि विभाग ने अभी तक आधिकारिक आंकड़े सार्वजनिक नहीं किए हैं, लेकिन अधिकारियों का दावा है कि निगरानी व्यवस्था मजबूत होने से खनिज माफियाओं की गतिविधियों पर लगाम लगी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह सिस्टम प्रभावी ढंग से लागू रहता है, तो आने वाले समय में खनिज क्षेत्र में बड़े स्तर पर सुधार देखने को मिल सकता है।

🧠 तकनीक बनाम पारंपरिक व्यवस्था

ऑनलाइन सिस्टम 2.0 के लागू होने से खनिज क्षेत्र में पारंपरिक व्यवस्था से तकनीकी व्यवस्था की ओर बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। जहां पहले निरीक्षण और नियंत्रण के लिए मानव संसाधनों पर अधिक निर्भरता थी, वहीं अब डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से स्वचालित निगरानी संभव हो गई है। इससे न केवल कार्यक्षमता बढ़ी है, बल्कि भ्रष्टाचार की संभावनाएं भी कम हुई हैं।

🚨 क्या पूरी तरह खत्म हो जाएगी चोरी?

हालांकि विभाग का दावा है कि इस सिस्टम से अवैध गतिविधियों पर लगभग पूरी तरह रोक लग गई है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी व्यवस्था में मानवीय हस्तक्षेप पूरी तरह समाप्त नहीं किया जा सकता। यदि सिस्टम के संचालन में लापरवाही या मिलीभगत होती है, तो तकनीकी व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है। इसलिए जरूरी है कि इस सिस्टम की नियमित मॉनिटरिंग और ऑडिट भी किया जाए।

🏗️ खनिज संसाधनों के संरक्षण की दिशा में कदम

छत्तीसगढ़ खनिज संसाधनों से समृद्ध राज्य है। यहां कोयला, लौह अयस्क, बॉक्साइट, चूना पत्थर समेत कई महत्वपूर्ण खनिज पाए जाते हैं। इन संसाधनों के संरक्षण और सही उपयोग के लिए पारदर्शी व्यवस्था आवश्यक है। ऑनलाइन सिस्टम 2.0 इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। 

📢 विभाग की अपील

खनिज विभाग ने सभी परिवहनकर्ताओं और व्यापारियों से अपील की है कि वे इस नई प्रणाली का पालन करें और किसी भी प्रकार की अनियमितता से बचें। साथ ही आम नागरिकों से भी आग्रह किया गया है कि यदि उन्हें कहीं अवैध खनन या परिवहन की जानकारी मिलती है, तो तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित करें।

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