बिलासपुर। TODAY छत्तीसगढ़ / जिले के बिल्हा विकासखंड अंतर्गत गोढ़ी गांव में आयोजित सुशासन तिहार के समाधान शिविर में शुक्रवार को उस समय राजनीतिक माहौल गरमा गया, जब कांग्रेस नेता राजेंद्र शुक्ला और बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें प्रशासनिक अधिकारी माहौल को शांत कराने की कोशिश करते दिखाई दे रहे हैं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, समाधान शिविर के दौरान राजेंद्र शुक्ला ने माइक संभालते हुए ग्रामीणों से उनकी समस्याओं और आवेदनों के निराकरण की जानकारी लेना शुरू किया। इस दौरान उन्होंने पेयजल, बिजली, सड़क, खाद-बीज और अन्य मूलभूत सुविधाओं को लेकर अधिकारियों से सवाल पूछे। बताया जाता है कि जैसे-जैसे सवाल बढ़ते गए, ग्रामीण भी खुलकर अपनी समस्याएं सामने रखने लगे, जिससे कार्यक्रम का माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया।
‘सुशासन तिहार के नाम पर ढकोसला बंद करो’ के लगे नारे
वायरल वीडियो में राजेंद्र शुक्ला अपने समर्थकों और ग्रामीणों के साथ “सुशासन तिहार के नाम पर ढकोसला बंद करो” के नारे लगाते हुए दिखाई दे रहे हैं। इसके बाद उन्होंने कार्यक्रम का बहिष्कार कर शिविर स्थल छोड़ दिया।
माइक बंद करने का आरोप
कांग्रेस नेता राजेंद्र शुक्ला ने आरोप लगाया कि जब वे जनता की समस्याओं को लेकर सवाल उठा रहे थे, तब उनका माइक बंद कर दिया गया। उनका कहना है कि समाधान शिविर का उद्देश्य लोगों की समस्याओं का निराकरण करना है, लेकिन जब उन्होंने जवाब मांगने शुरू किए तो उन्हें बोलने से रोकने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों और नागरिकों को प्रशासन से जवाब मांगने का पूरा अधिकार है और लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता के सवालों को दबाया नहीं जा सकता।
प्रशासन ने संभाली स्थिति
घटना के दौरान मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थिति को संभालने का प्रयास किया। हालांकि, विवाद के बाद शिविर का माहौल पूरी तरह राजनीतिक रंग में रंग गया। फिलहाल इस मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।



