अंबिकापुर में दरिंदगी! शादी से लौटती बालिकाओं को उठा ले गए बदमाश


अंबिकापुर।
  TODAY छत्तीसगढ़  /  छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर जिले में दो नाबालिग बालिकाओं से सामूहिक दुष्कर्म के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें तीन वयस्क आरोपी और तीन विधि से संघर्षरत बालक शामिल हैं।

जानकारी के अनुसार, 24 अप्रैल को दोनों पीड़िताएं अपनी सहेलियों के साथ एक शादी समारोह में शामिल होने गई थीं। वापस लौटते समय करीब एक दर्जन युवकों ने उन्हें रास्ते में रोक लिया और जबरन मोटरसाइकिल पर बैठाकर सुनसान स्थान पर ले गए। वहां चार आरोपियों ने बालिकाओं के साथ दुष्कर्म किया।

घटना के बाद दोनों पीड़िताएं रात में किसी तरह अपने घर पहुंचीं और अगले दिन परिजनों को पूरी जानकारी दी। शिकायत के आधार पर थाना सीतापुर में 26 अप्रैल को अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू की गई। पुलिस ने पीड़िताओं के बयान दर्ज कराए और मेडिकल परीक्षण कराया। परिजनों की आपत्ति के बाद दोबारा जिला अस्पताल में मेडिकल जांच कराई गई, जिसके आधार पर पुलिस ने कार्रवाई तेज की।

जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया। गिरफ्तार वयस्क आरोपियों में आनंद बेक (27), विकास उर्फ राहुल (24) और मनीष खलखो उर्फ आभीस शामिल हैं। वहीं तीन नाबालिग आरोपियों को बाल न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 70(2) तथा पॉक्सो एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। मामले की जांच जारी है और अन्य संलिप्त आरोपियों की भी तलाश की जा रही है। 

“मुझे माफ कर देना…” पति के नाम आखिरी खत


बिजनौर (उत्तर प्रदेश)
।  TODAY छत्तीसगढ़  /  ज़िले में मोनिका ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। मोनिका ने अपने पति के लिए लिखे सुसाइड नोट में लिखा— "एक लड़का कई दिनों से मुझे परेशान कर रहा है। अब वह मुझे ब्लैकमेल कर रहा है। अगर हो सके तो कृपया मुझे माफ़ कर देना।"

सुसाइड से पहले मोनिका ने अपने मायके में वीडियो कॉल भी किया था। उस दौरान वह रो रही थी, लेकिन उसके घरवालों ने इसे आम पति-पत्नी का झगड़ा समझकर नज़रअंदाज़ कर दिया और ज़्यादा ध्यान नहीं दिया। बाद में मोनिका ने फांसी लगा ली, जबकि उसकी दो बेटियाँ पास में ही एक खाट पर सो रही थीं।

महिला के इंस्टाग्राम पर कुछ अश्लील चैट भी मिलीं, जिससे यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि किसी ने उससे इंस्टाग्राम पर दोस्ती की, उसके साथ संबंध बनाए और फिर उन संबंधों के कुछ वीडियो या फोटो बना लिए, जिनका इस्तेमाल वह लड़का उसे ब्लैकमेल करने के लिए कर रहा था। पूरे मामले की गहन जांच चल रही है। 

3 जगह रेड, 3 सटोरिए गिरफ्तार—ऑनलाइन सट्टे पर बड़ा प्रहार


रायगढ़।
  TODAY छत्तीसगढ़  /  आईपीएल सीजन के दौरान ऑनलाइन क्रिकेट सट्टेबाजी पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे “ऑपरेशन अंकुश” के तहत रायगढ़ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। साइबर थाना और खरसिया पुलिस की संयुक्त टीम ने खरसिया शहर के अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर तीन सट्टा खाईवालों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से ₹51 हजार नगद और तीन मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं।

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में अंकित अग्रवाल क्षेत्र का सक्रिय और बड़ा सट्टा संचालक है, जो मोबाइल और व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क चला रहा था। एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन में आईपीएल के दौरान ऑनलाइन सट्टे पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। इसी क्रम में मिली सूचना पर पुलिस ने सुनियोजित तरीके से तीन अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई की।

पहली कार्रवाई में डभरा रोड खरसिया में अजय उर्फ रिंकु अग्रवाल को रंगे हाथों पकड़ा गया, जो मोबाइल के जरिए सट्टा खिला रहा था। उसके पास से ₹30 हजार नगद जब्त किए गए। दूसरी कार्रवाई में मुख्य खाईवाल अंकित अग्रवाल को नवीन स्कूल के पास से गिरफ्तार किया गया। उसके मोबाइल में व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए सट्टा संचालन के साक्ष्य मिले और ₹21 हजार नगद बरामद हुए। तीसरी कार्रवाई में नया मंगल बाजार क्षेत्र से नरेंद्र राठौर को पकड़ा गया, जो वेबसाइट के माध्यम से आईपीएल मैचों में सट्टा चला रहा था।

तीनों आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 6 और 7 के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने बताया कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की भी तलाश जारी है।

गौ तस्करी की कोशिश नाकाम, पुलिस ने बचाए मवेशी


रायगढ़।
  TODAY छत्तीसगढ़  /  जिले में गौवंश तस्करी के खिलाफ चल रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन शंखनाद” का असर अब जमीनी स्तर पर साफ दिखने लगा है। एक ओर जहां पुलिस के दबाव में कुख्यात तस्कर सरेंडर कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ताबड़तोड़ कार्रवाई में तस्करी की कोशिशें भी लगातार नाकाम की जा रही हैं।

इसी क्रम में भूपदेवपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मवेशी तस्करी की एक कोशिश को विफल कर दिया। 28-29 अप्रैल की दरम्यानी रात गश्त के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि ग्राम कछार इलाके में एक लाल रंग की स्कॉर्पियो में मवेशियों को क्रूरतापूर्वक भरकर ले जाया जा रहा है। 

सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने ग्रामीणों की मदद से घेराबंदी की। पुलिस और डायल 112 की गाड़ी को देखकर तस्कर वाहन लेकर भागने लगे, लेकिन खेत की मेड़ में वाहन फंस गया। इसके बाद आरोपी वाहन छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए मौके से फरार हो गए।

पुलिस ने मौके पर स्कॉर्पियो (क्रमांक OR-02 BL-2698) की तलाशी ली, जिसमें दो गौवंश अमानवीय हालत में बिना चारा-पानी और पैर बांधकर पाए गए। पुलिस ने दोनों मवेशियों को सुरक्षित मुक्त कराया। साथ ही एक रियलमी कंपनी का मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है।

मामले में थाना भूपदेवपुर में पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 4, 6 और 11 के तहत अपराध दर्ज कर लिया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि तस्करों ने वाहन में फर्जी नंबर प्लेट लगा रखी थी। पुलिस अब इंजन-चेसिस नंबर और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश में जुटी है।

मुक्त कराए गए गौवंशों का पशु चिकित्सकों द्वारा परीक्षण कराया गया है और उनके लिए चारा-पानी की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तस्करों के नेटवर्क पर लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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