हाईकोर्ट ने राजस्व उप निरीक्षक की नियुक्ति रद्द की, 13 साल बाद बड़ा फैसला


बिलासपुर।
 TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने भाटापारा नगर पालिका परिषद में राजस्व उप निरीक्षक की नियुक्ति को लेकर बड़ा फैसला सुनाते हुए 13 वर्ष पुरानी नियुक्ति को रद्द कर दिया है। न्यायालय ने चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता के अभाव को गंभीर मानते हुए नई प्रक्रिया के तहत नियुक्ति करने का निर्देश दिया है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति रविन्द्र कुमार अग्रवाल की एकलपीठ में हुई।

नगर पालिका परिषद भाटापारा द्वारा वर्ष 2012 में राजस्व उप निरीक्षक पद के लिए विज्ञापन जारी किया गया था। याचिकाकर्ता देवेंद्र कुमार साहू ने सभी दस्तावेजों के साथ आवेदन किया, लेकिन उनका नाम पात्र और अपात्र दोनों सूचियों से गायब रहा। इसके बावजूद वर्ष 2013 में सतीश सिंह चौहान को नियुक्त कर दिया गया। सुनवाई के दौरान यह तथ्य सामने आया कि चयनित उम्मीदवार के पिता उस समय नगर पालिका में सीएमओ पद पर पदस्थ थे और अनुभव प्रमाण पत्र भी उन्हीं द्वारा जारी किया गया था। अदालत ने इसे चयन प्रक्रिया को संदिग्ध बनाने वाला महत्वपूर्ण पहलू माना।

याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता मतीन सिद्दीकी एवं ईशान सलूजा ने तर्क रखा कि सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त दस्तावेजों से यह स्पष्ट है कि आवेदन विधिवत प्राप्त हुआ था, फिर भी उसे नजरअंदाज किया गया।

हाईकोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता को सूची से बाहर रखना गंभीर त्रुटि है। चयन प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी नहीं रही और अनुभव प्रमाण पत्र से पक्षपात की आशंका प्रबल है। इन आधारों पर न्यायालय ने 23 मार्च 2013 की नियुक्ति निरस्त कर दी।

ढाबे और गांवों में छापा, बड़ी मात्रा में शराब के साथ आरोपी पकड़े गए


रायगढ़। 
TODAY छत्तीसगढ़  /   जिले में अवैध शराब कारोबार पर नकेल कसने के लिए पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन आघात” के तहत लगातार कार्रवाई जारी है। इसी कड़ी में तमनार और पूंजीपथरा थाना क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है तथा बड़ी मात्रा में अवैध शराब जब्त की है। 

पुलिस ने थाना तमनार पुलिस ने ग्राम गारे स्थित ढाबे में रेड कार्रवाई कर संचालक प्रकाश टोप्पो को गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से 22 पाव देशी शराब और 14 पाव अंग्रेजी शराब कुल 6.48 लीटर शराब जप्त किया है।

इसी क्षेत्र के ग्राम कोलम में पुलिस ने जयकुमारी खलखो के कब्जे से 40 लीटर कच्ची महुआ शराब और नगदी बरामद कर गिरफ्तार किया। थाना पूंजीपथरा पुलिस ने ग्राम बिलासखार में तीन अलग-अलग स्थानों पर रेड कार्रवाई करते हुए संतोष कुमार राठिया (30 लीटर), कन्हैया लाल राठिया (30 लीटर) और रथलाल राठिया (6 लीटर) के कब्जे से कुल 66 लीटर महुआ शराब जब्त कर कार्रवाई की। सभी आरोपियों के विरुद्ध आबकारी एक्ट की धारा 34(2), 59(क) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया है। 

टेक्नोलॉजी से रूबरू हुये छात्र, ITMS और साइबर सिस्टम का मिला लाइव अनुभव


बिलासपुर। 
TODAY छत्तीसगढ़  /  लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल के जयंती वर्ष के अवसर पर बिलासपुर पुलिस ने एक अनूठी पहल करते हुए जिले के विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राओं को पुलिस विभाग का शैक्षणिक भ्रमण कराया। 

इस कार्यक्रम के माध्यम से छात्रों को जागरूक नागरिक बनाने और उन्हें समाज में कानून व सुरक्षा के संदेश फैलाने हेतु “ब्रांड एंबेसडर” की भूमिका भी दी गई।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को पुलिस की कार्यप्रणाली, तकनीकी संसाधनों एवं कानून व्यवस्था से अवगत कराना रहा। कार्यक्रम की शुरुआत शहीद विनोद चौबे चौक से हुई, जहां छात्रों को यातायात नियमों, चालानी प्रक्रिया एवं आधुनिक उपकरणों जैसे ब्रीथ एनालाइजर, स्पीड राडार गन, व्हील लॉक, सीसीटीवी आधारित चालान के बारे में जानकारी दी गई।  

छात्रों को “आईटीएमएस (इंटेलिजेंट ट्रैफिक मॉनिटरिंग सिस्टम)” कंट्रोल रूम ले जाकर बताया गया कि कैसे पूरे शहर की ट्रैफिक व्यवस्था डिजिटल माध्यम से नियंत्रित की जाती है। इस दौरान छात्रों ने स्वयं अनाउंसमेंट सिस्टम के जरिए लोगों को यातायात नियमों का पालन करने के लिए संदेश भी दिए।

साइबर थाना में छात्रों को डिजिटल अरेस्ट, ऑनलाइन फ्रॉड, फेक आईडी और डायल 1930 हेल्पलाइन जैसे विषयों पर जागरूक किया गया। साथ ही डायल 112 की कार्यप्रणाली का भी प्रदर्शन किया गया। थाना तारबहार में छात्रों को FIR, मर्ग, CCTNS, पासपोर्ट वेरिफिकेशन, मालखाना एवं अन्य प्रक्रियाओं की जानकारी दी गई। छात्रों ने एसएसपी से सीधे सवाल-जवाब कर अपनी जिज्ञासाएं भी दूर कीं।

लोक सेवा केंद्र की आड़ में शादी के नाम पर ठगी, मास्टरमाइंड समेत टीम पर कार्रवाई

रायगढ़। TODAY छत्तीसगढ़  /  जिले में फर्जी मैट्रिमोनियल साइट के नाम पर चल रहे साइबर ठगी के बड़े रैकेट का पुलिस ने खुलासा किया है। लोक सेवा केंद्र की आड़ में संचालित इस गिरोह पर कार्रवाई करते हुए मास्टरमाइंड सहित टीम को हिरासत में लेकर जांच शुरू की गई है। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में की गई।

लोक सेवा केंद्र से चल रहा था ठगी का नेटवर्क

पुलिस को मिली सूचना पर दरोगापारा स्थित एक केंद्र में दबिश दी गई, जहां संचालक कपिल गर्ग द्वारा फर्जी मैट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म चलाया जा रहा था। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि केंद्र संचालक कपिल गर्ग द्वारा पूर्व में लोक सेवा केंद्र के माध्यम से आरटीओ संबंधी कार्य किया जाता था, किंतु उसकी आईडी एक माह पूर्व निरस्त हो चुकी थी। कार्यालय में फर्जी मैट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म संचालित किया जा रहा था, जहां “इंडिया मैट्रिमोनी” नाम से ऑनलाइन विवाह प्रस्तावों के नाम पर लोगों को जाल में फंसाया जाता था। 

कपिल गर्ग और उनकी टीम जिसमें दर्जनों युवतियां शामिल है, ये युवतियां फर्जी जीमेल आईडी एवं अपने मोबाइल नंबरों का उपयोग कर यूट्यूब चैनल बनाई हुई थी, जिनमें फेक प्रोफाइल के वीडियो एवं फोटो अपलोड कर अपना संपर्क नंबर साझा किए जाते थे। संपर्क करने वाले व्यक्तियों से पहले उनका बायोडाटा लिया जाता था, इसके बाद रजिस्ट्रेशन फीस यूपीआई के माध्यम से वसूला जाता था। आगे पसंद की गई प्रोफाइल से बातचीत कराने के नाम पर मीटिंग आईडी जनरेट करने हेतु पुनः यूपीआई से फीस ली जाती थी और व्हाट्सएप के माध्यम से क्यूआर कोड भेजकर भुगतान कराया जाता था। पुलिस ने बताया कि आरोपियों द्वारा इस प्रकार लगातार विभिन्न बहानों से रकम वसूली कर आखिर में यह कहकर संपर्क समाप्त कर दिया जाता था कि संबंधित युवती को रिश्ता पसंद नहीं है, और फिर नए शिकार की तलाश की जाती थी। 

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध मैट्रिमोनियल या सोशल मीडिया प्रोफाइल पर भरोसा न करें और ठगी की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

 यूट्यूब और फेक प्रोफाइल से जाल

गिरोह में शामिल युवतियां फर्जी जीमेल आईडी और मोबाइल नंबर से यूट्यूब चैनल बनाकर फेक फोटो-वीडियो अपलोड करती थीं, अपना नंबर शेयर करती थीं और लोगों को संपर्क के लिए आकर्षित करती थीं। इसके बाद संपर्क करने वालों से ये गिरोह रजिस्ट्रेशन फीस, मीटिंग फीस और प्रोफाइल कनेक्ट शुल्क UPI और QR कोड के जरिए वसूले जाते थे। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने लैपटॉप, फर्जी दस्तावेज, सरकारी सील-मुहर और अन्य सामग्री बरामद की है। लैपटॉप में फोटोशॉप के जरिए दस्तावेजों में छेड़छाड़ के भी प्रमाण मिले हैं।  

पुलिस ने बताया कि संदेही कपिल गर्ग से मिली जानकारी के आधार पर दरोगापारा स्थित श्रीमती शांति देवी सोसायटी ऑफ एजुकेशन केंद्र पर भी पुलिस द्वारा दबिश दी गई, जहां की संचालिका हिमांशु मेहर ने बताया कि वह पिछले 3 साल से कपिल गर्ग से जुड़ी हुई है, उसके कहने पर उसके आफिस से भी लड़कियां इसी प्रकार यूट्यूब के माध्यम से लोगों से संपर्क करती थी । संदेही कपिल गर्ग के निधि परिवहन केन्द्र की जांच के दौरान लैपटॉप में फोटोशॉप सॉफ्टवेयर के जरिए दस्तावेजों में छेड़छाड़ के प्रमाण मिले तथा कार्यालय से विभिन्न शासकीय विभागों के सील-मुहर भी बरामद किए गए हैं। दोनों आफिस के संचालकों और युवतियों से पूछताछ कर मामले में जांच जारी रही है ।

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