पापा राव समेत 18 माओवादी कैडर सरेंडर, ज़मीन पर क्या होगा असर ?


रायपुर। 
 TODAY छत्तीसगढ़  / छत्तीसगढ़ के दंडकारण्य क्षेत्र में सक्रिय माओवादी नेटवर्क को एक बड़ा झटका लगा है। पुलिस के अनुसार, साउथ सब जोनल ब्यूरो के इंचार्ज पापा राव सहित कुल 18 माओवादी कैडरों ने आत्मसमर्पण किया है। आत्मसमर्पण करने वालों में DVCM (डिविजनल कमेटी मेंबर) स्तर के नेता प्रकाश मड़वी और अनिल ताती भी शामिल हैं। इस समूह में सात महिला कैडर भी हैं।

पुलिस का कहना है कि आत्मसमर्पण के दौरान कैडरों ने AK-47 राइफल सहित अन्य हथियार भी जमा किए हैं। यह आत्मसमर्पण राज्य की पुनर्वास नीति के तहत किया गया है, जिसके अंतर्गत आत्मसमर्पण करने वाले उग्रवादियों को मुख्यधारा में शामिल करने की प्रक्रिया अपनाई जाती है। अधिकारियों ने दावा किया है कि इस घटनाक्रम के बाद दंडकारण्य क्षेत्र में माओवादी संगठन नेतृत्व के स्तर पर काफ़ी कमजोर हुआ है। हालांकि, स्वतंत्र रूप से इस दावे की पुष्टि नहीं हो सकी है।

पुलिस को उम्मीद है कि इस कदम के बाद अन्य सक्रिय कैडर भी आत्मसमर्पण कर सकते हैं। फिलहाल, सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि कुछ माओवादी छोटे-छोटे समूहों में अब भी सक्रिय हैं। 

क्या है दंडकारण्य का महत्व?

दंडकारण्य क्षेत्र लंबे समय से माओवादी गतिविधियों का प्रमुख गढ़ माना जाता रहा है। छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, ओडिशा और आंध्र प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में फैला यह क्षेत्र सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच संघर्ष का केंद्र रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि नेतृत्व स्तर पर इस तरह के आत्मसमर्पण से संगठन की रणनीतिक क्षमता पर असर पड़ सकता है, लेकिन ज़मीनी स्तर पर इसका वास्तविक प्रभाव आने वाले समय में ही स्पष्ट होगा।

ड्रोन तकनीक से अवैध अफीम खेती पर बड़ी कार्रवाई, SSP की चेतावनी किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा


रायगढ़। 
  TODAY छत्तीसगढ़  /  जिले में अवैध मादक पदार्थों की खेती के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में प्रशासन को बड़ी सफलता मिली है। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी और एसएसपी शशि मोहन सिंह ने बताया कि ड्रोन तकनीक की मदद से पिछले 72 घंटों में तीन अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए अफीम की अवैध खेती के एक व्यापक नेटवर्क का खुलासा किया गया है।

अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान में ड्रोन सर्वेक्षण की अहम भूमिका रही, जिससे दुर्गम और वन क्षेत्रों में भी निगरानी संभव हो सकी। पारंपरिक तरीकों से जिन इलाकों तक पहुंचना मुश्किल था, वहां अब तकनीक के जरिए सटीक लोकेशन चिन्हित कर त्वरित कार्रवाई की जा रही है।

19 मार्च को तमनार क्षेत्र के आमाघाट में हुई कार्रवाई में सब्जी की खेती की आड़ में अफीम उगाई जा रही थी। यहां से 60 हजार से अधिक पौधे बरामद किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत करीब दो करोड़ रुपये बताई गई है। इस मामले में झारखंड निवासी मुख्य आरोपी मार्शल सांगा को गिरफ्तार किया गया। मौके पर फसल को नष्ट करने के लिए जेसीबी और रोटावेटर का इस्तेमाल किया गया। 

इसके बाद 23 मार्च को लैलूंगा क्षेत्र के नवीन घटगांव में ड्रोन और भौतिक सर्वे के दौरान एक और मामला सामने आया। यहां साग-भाजी की खेती के बीच अफीम उगाई जा रही थी। पुलिस ने आरोपी सादराम नाग को गिरफ्तार कर फसल जब्त की। इसी कार्रवाई के दौरान अभिमन्यु नागवंशी के घर से अफीम की सूखी फसल भी बरामद की गई, जिसे साक्ष्य के रूप में जब्त किया गया। मुड़ागांव में भी ड्रोन से मिले इनपुट के आधार पर जांच की गई, जहां तानसिंह नागवंशी से पूछताछ के बाद संदिग्ध गतिविधियों के संकेत मिले। उसके घर से पौधों के सूखे अवशेष बरामद कर फोरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं। 

प्रशासन के अनुसार, इस अभियान के तहत खरसिया, घरघोड़ा, तमनार, लैलूंगा, मुकडेगा, रायगढ़, पुसौर और धरमजयगढ़ समेत कई क्षेत्रों के गांवों में ड्रोन के जरिए निगरानी की गई है। अधिकारियों का कहना है कि इस तकनीक से न केवल अवैध गतिविधियों की पहचान तेजी से हो रही है, बल्कि कार्रवाई भी अधिक प्रभावी और समयबद्ध बन रही है। 

कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने कहा कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण मजबूत किया जा रहा है। वहीं, एसएसपी शशि मोहन सिंह ने चेतावनी दी कि मादक पदार्थों की खेती में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे इस तरह की किसी भी अवैध गतिविधि की जानकारी दें, ताकि तकनीक और जनसहयोग के माध्यम से जिले को नशामुक्त बनाने के प्रयासों को और मजबूत किया जा सके। 

VIDEO: संडे मार्केट में मारपीट का वीडियो वायरल, पर्स चोरी के शक से शुरू हुआ विवाद


बिलासपुर।
शहर में रिवर व्यू स्थित संडे मार्केट में दो पक्षों के बीच हुई मारपीट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि विवाद की शुरुआत पर्स चोरी के संदेह को लेकर हुई, जो कुछ ही देर में हिंसक झगड़े में बदल गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पहले मामूली कहासुनी हुई, लेकिन जल्द ही दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई और मामला हाथापाई तक पहुंच गया। इस दौरान युवक और युवतियां दोनों ही एक-दूसरे पर हमला करते नजर आए। वीडियो में कुछ युवतियां एक-दूसरे के बाल खींचती दिखाई देती हैं, जबकि युवक लात-घूंसे चलाते नजर आते हैं। 

मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन कुछ समय तक स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। वायरल वीडियो में घटना का पूरा दृश्य साफ तौर पर देखा जा सकता है, जिसमें दोनों पक्ष एक-दूसरे से भिड़ते हुए दिखाई दे रहे हैं। यह घटना सिविल लाइन थाना क्षेत्र की बताई जा रही है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि इस मामले में अब तक किसी भी पक्ष की ओर से औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है।

सिविल लाइन पुलिस के अनुसार, यदि इस संबंध में कोई शिकायत मिलती है, तो मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, वीडियो के वायरल होने के बाद इस घटना को लेकर शहर में चर्चा का माहौल बना हुआ है। 

सड़क हादसे में महिला की मौत, पति गंभीर; ईद मनाकर घर लौट रहा था परिवार


कोरबा।
  TODAY छत्तीसगढ़  /  जिले के पाली थाना क्षेत्र में रविवार शाम हुए एक सड़क हादसे में एक महिला की मौत हो गई, जबकि उनके पति गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना उस समय हुई जब परिवार ईद मनाकर बिलासपुर से वापस लौट रहा था।

पुलिस के अनुसार, मानिकपुर बस्ती निवासी 39 वर्षीय शबीना तरन्नुम अपने पति शेख सद्दाम (40) और दो बेटियों के साथ बाइक से कोरबा लौट रही थीं। पाली मुख्य मार्ग पर चलते समय बाइक से कुछ सामान सड़क पर गिर गया। इसे उठाने के लिए जैसे ही शबीना सड़क पर उतरीं, पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार भारी वाहन ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। 

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसा इतना गंभीर था कि शबीना तरन्नुम ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वहीं, वाहन की चपेट में आने से उनके पति शेख सद्दाम भी गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत बिलासपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। घटना के समय दंपति की दोनों बेटियां भी साथ थीं, हालांकि वे सुरक्षित बच गईं। परिवार के करीबी लोगों के अनुसार, बच्चियों की सोमवार को परीक्षा थी, जिसके चलते परिवार रविवार को ही वापस लौट रहा था। 

हादसे के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद शबीना तरन्नुम का शव परिजनों को सौंप दिया गया। पाली थाना प्रभारी नागेंद्र तिवारी ने बताया कि मामले में मर्ग कायम कर जांच की जा रही है और फरार वाहन चालक की पहचान करने का प्रयास जारी है। यह हादसा एक ऐसे समय हुआ जब परिवार त्योहार की खुशियों के साथ घर लौट रहा था। अचानक हुए इस हादसे ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है, और ईद की खुशी पल भर में मातम में बदल गई।

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