बिलासपुर / TODAY छत्तीसगढ़ / अचानकमार टाइगर रिजर्व से लगे ग्राम दवनपुर में शनिवार सुबह खेत में काम कर रहे एक किसान पर वन्यप्राणी {सम्भवतः बाघ}ने हमला कर दिया। हमले में किसान के हाथ, पैर और चेहरे पर सामान्य चोटें आई हैं। घटना के बाद वन विभाग और छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और किसान को प्राथमिक उपचार देने के बाद बेहतर इलाज के लिए अस्पताल भेजा।
वन विभाग की आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार, 12 सितंबर की सुबह करीब 7 बजे ग्राम दवनपुर निवासी किसान संजू मरकाम अपने खेत में खाद डालने का काम कर रहे थे। इसी दौरान अज्ञात वन्यप्राणी{सम्भवतः बाघ}ने उन पर हमला कर दिया। हमले में उनके हाथ, पैर और चेहरे पर चोट आई। बाघ द्वारा हमला किये जाने की बात इसलिए सामने आ रही है क्यूंकि खेत से कुछ ही दूरी पर बाघ के पग मार्क मिले हैं।
प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल भेजा
घटना की सूचना मिलते ही अचानकमार टाइगर रिजर्व, बिलासपुर वनमंडल और वन विकास निगम की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। घायल किसान को प्राथमिक उपचार देने के बाद बेहतर इलाज के लिए गनियारी अस्पताल ले जाया गया।
अचानकमार टाइगर रिजर्व प्रशासन की ओर से घायल किसान के परिवार को इलाज के लिए तत्काल सहायता राशि भी उपलब्ध कराई गई है। वन विभाग ने बताया कि नियमानुसार प्रकरण तैयार कर आगे मुआवजा राशि प्रदान की जाएगी।
एसटीपीएफ और वन विभाग की निगरानी बढ़ी
घटना के बाद क्षेत्र में वन्यप्राणी की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए निगरानी बढ़ा दी गई है। मौके पर एसटीपीएफ, अचानकमार टाइगर रिजर्व, बिलासपुर वनमंडल और वन विकास निगम की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। वन विभाग की टीमें अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि किसान पर हमला करने वाला वन्यप्राणी और क्षेत्र में उसकी गतिविधियां किस तरह की हैं।
6 गांवों में मुनादी, ग्रामीणों को किया अलर्ट
घटना के बाद आसपास के गांवों में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। पिपरखुटी, परसदा, दवनपुर, मानपुर, औरापानी और शिवतराई में मुनादी कराकर ग्रामीणों को सावधान रहने की अपील की गई है।
ग्रामीणों से विशेष रूप से कहा गया है कि वे सूर्योदय से पहले और सूर्यास्त के बाद अकेले जंगल की ओर न जाएं। जंगल से लगे इलाकों में जाते समय समूह में रहने और वन विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की गई है।
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि किसी भी वन्यप्राणी की गतिविधि दिखाई देने पर खुद उसके पास जाने या उसे भगाने की कोशिश न करें, बल्कि तत्काल वन अमले को इसकी सूचना दें।

