दुर्ग। TODAY छत्तीसगढ़ / साइबर ठगी के मामलों में इस्तेमाल होने वाले म्यूल बैंक खातों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुरानी भिलाई पुलिस और एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (एसीसीयू) ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी कमीशन के लालच में अपने और अन्य लोगों के बैंक खाते, पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक तथा सिम कार्ड साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराते थे।
पुलिस के अनुसार, थाना पुरानी भिलाई में दर्ज अपराध क्रमांक 258/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(2), 318(3) और 318(4) के अंतर्गत मामला दर्ज कर जांच की गई। तकनीकी साक्ष्यों, बैंक खातों के विश्लेषण और विवेचना के दौरान साइबर ठगी के नेटवर्क का खुलासा हुआ।
प्रारंभिक जांच में पुलिस को पता चला कि आरोपी ₹2,000 से ₹10,000 तक के कमीशन के बदले बैंक खाते और उनसे जुड़े दस्तावेज साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराते थे। पुलिस का दावा है कि इन खातों में साइबर ठगी से जुड़ी लाखों रुपये की संदिग्ध राशि का लेनदेन पाया गया।
गिरफ्तार आरोपियों में लक्की खुटेल, भारत गिरी, भोज ठाकुर, चोमन साहू, कमलेश देशलहरे, रमाकांत साहू, आकाश भट्ट, संजय निषाद (एजेंट) और मनोज कुमार साहू (एजेंट) शामिल हैं।
आरोपियों के कब्जे से बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक, सिम कार्ड, मोबाइल फोन और अन्य बैंकिंग दस्तावेज जब्त किए गए हैं। पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है।
दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी व्यक्ति को अपना बैंक खाता, पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक या मोबाइल सिम उपयोग के लिए उपलब्ध न कराएं। पुलिस ने चेतावनी दी है कि ऐसे खातों का उपयोग यदि साइबर अपराध में होता है तो संबंधित खाताधारक भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं। साथ ही किसी भी संदिग्ध साइबर गतिविधि की सूचना साइबर हेल्पलाइन 1930 या निकटतम पुलिस थाने में देने की अपील की गई है।

